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अगस्त 03, 2026

उषा साहू को साहू समाज आईटी सेल प्रकोष्ठ में प्रदेश संगठन सचिव नियुक्त

अगस्त 03, 2026

 डॉ. नीरेन्द्र साहू की अनुशंसा पर मिली जिम्मेदारी, डिजिटल सशक्तीकरण पर दिया जोर


*रायपुर संस्कार न्यूज़ गौरव चंद्राकर।* छत्तीसगढ़ प्रदेश साहू संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. नीरेन्द्र साहू की अनुशंसा पर आईटी सेल प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक द्वारिका साहू द्वारा जारी द्वितीय कार्यकारिणी सूची में श्रीमती *उषा साहू* को प्रदेश संगठन सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

नियुक्ति पर श्रीमती उषा साहू ने प्रदेश अध्यक्ष डॉ. नीरेन्द्र साहू, आईटी सेल प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक द्वारिका साहू, प्रदेश प्रभारी महामंत्री मनीष साहू एवं जिला साहू संघ के जिलाध्यक्ष ढालूराम साहू के प्रति आभार व्यक्त किया।

उन्होंने कहा कि संगठन ने जो विश्वास जताया है उस पर खरा उतरने का पूरा प्रयास करूंगी। समाजहित, संगठन की मजबूती तथा डिजिटल माध्यमों से समाज की गतिविधियों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ कार्य करूंगी।

श्रीमती उषा साहू ने आगे कहा कि आईटी सेल प्रकोष्ठ के माध्यम से समाज के युवाओं को जोड़ने, संगठन की गतिविधियों को प्रभावी ढंग से प्रचारित करने और डिजिटल सशक्तीकरण के उद्देश्य को आगे बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभाऊंगी। साथ ही संगठन के शीर्ष नेतृत्व के मार्गदर्शन में साहू समाज को और अधिक संगठित एवं मजबूत बनाने के लिए निरंतर कार्य करती रहूंगी।

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अगस्त 01, 2026

शासकीय प्राथमिक शाला लभांडी में सीडबाल बनाने की कार्यशाला आयोजित, 60 बच्चों ने लिया हिस्सा

अगस्त 01, 2026

 बैगलेस शनिवार पर हरियर पाठशाला 3.0 के तहत बच्चों ने सीखा व्यवहारिक ज्ञान, किया पौधों का रोपण





*रायपुर संस्कार न्यूज़ गौरव चंद्राकर / शासकीय प्राथमिक शाला लभांडी में हरियर पाठशाला 3.0 के तहत शिक्षक देवेंद्र कुमार साहू के मार्गदर्शन में बच्चों के लिए सीडबाल बनाने की कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में कक्षा चौथी और पांचवी के 60 बच्चों ने हिस्सा लिया।

उक्त कार्यशाला राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत बैगलेस शनिवार पर आयोजित की गई जिसका मुख्य उद्देश्य छात्र-छात्राओं पर किताबों के बोझ को कम करना, सीखने को आनंददायक और अनुभवात्मक बनाना, व्यावसायिक कौशल को विकसित करना और व्यवहारिक ज्ञान के साथ सैद्धांतिक शिक्षा को जोड़ना है।

इसी को ध्यान रखते हुए प्राथमिक शाला लभांडी के बच्चों को बीजों से सीडबाल बनाना सिखाया गया। बच्चों द्वारा करेला, सेम और कुमड़ा के बीज से सीडबाल बनाया गया। बच्चे सीडबाल के माध्यम से बीजों में होने वाले अंकुरण की प्रक्रिया को समझ पाए। अंकुरण के लिए आवश्यक तत्व एवं सावधानियों से अवगत हुए, जो पौध निर्माण की महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। सीडबाल बनाने के पश्चात बच्चों ने उसे रोपनी में अंकुरण के लिए छोड़ दिया। बच्चों ने वैजयंती, मंदार, हजार मोगरा और गेंदे के फूल का भी रोपण किया।

प्रधान पाठक रघुवीर निषाद ने शिक्षक की उक्त पहल की सराहना करते हुए कहा कि स्कूलों में किसी भी प्रकार की गतिविधियों का आयोजन बच्चों को हमेशा सीखने के लिए प्रेरित करता है। पर्यावरण से जुड़ी गतिविधियों को स्वयं से करके देखना बच्चों के लिए अनोखा अनुभव है।



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जुलाई 30, 2026

शासकीय सेवकों को कैशलेस इलाज का तोहफा, ई-कार्ड से होगा नो रेफर डायरेक्ट ट्रीटमेंट

जुलाई 30, 2026

 5 लाख कर्मचारियों के लिए कैशलेस चिकित्सा योजना का ड्राफ्ट तैयार, बजट में 100 करोड़ का प्रावधान

पेंशनरों को भी CGHS दर पर कैशलेस सुविधा: शिक्षक फेडरेशन ने दिया प्रस्ताव



*रायपुर सस्कार न्यूज़ । छत्तीसगढ़ प्रदेश शिक्षक फेडरेशन ने कहा है कि राज्य सरकार ने शासकीय सेवकों के लिए कैशलेस चिकित्सा योजना का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के मुख्य बजट में इसके लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

फेडरेशन के प्रांताध्यक्ष राजेश चटर्जी ने बताया कि राज्य के लगभग 5 लाख कर्मचारी और उनके आश्रित परिजनों को अब साधारण एवं गंभीर बीमारी के इलाज के लिए आर्थिक संकट का सामना नहीं करना पड़ेगा। योजना के तहत शासकीय सेवकों को ई-कार्ड जारी किया जाएगा, जिसके ऑनलाइन वेरिफिकेशन के बाद बिना एडवांस राशि जमा किए अस्पताल में तत्काल इलाज शुरू हो जाएगा।

उन्होंने बताया कि नई योजना में "नो रेफर, डायरेक्ट ट्रीटमेंट" का प्रावधान है। पहले कर्मचारियों को इलाज का पूरा खर्च स्वयं वहन कर बाद में प्रतिपूर्ति लेनी पड़ती थी, जो जटिल प्रक्रिया थी। अब इलाज का सम्पूर्ण व्यय राज्य शासन द्वारा Transaction Management System-TMS के माध्यम से CGHS की पैकेज दर पर सीधे अस्पताल को भुगतान किया जाएगा। इससे बिल पास कराने के लिए कार्यालयों के चक्कर और भ्रष्टाचार से मुक्ति मिलेगी।

चटर्जी ने बताया कि मंत्रालय में स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया की अध्यक्षता में हुई बैठक में फेडरेशन को आमंत्रित किया गया था। फेडरेशन द्वारा पेंशनरों एवं अन्य विशिष्ट वर्ग के लाभार्थियों को CGHS की पैकेज दर पर कैशलेस सुविधा देने का प्रस्ताव भी दिया गया है। 

उन्होंने बताया कि देयकों की जांच AI आधारित ट्रिगर विश्लेषण एवं राष्ट्रीय धोखाधड़ी विरोधी इकाई NAFU के माध्यम से होगी, जिससे फर्जी मेडिकल बिल पर रोक लगेगी।

फेडरेशन ने इस योजना को साकार करने के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, मुख्यसचिव विकासशील एवं स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया का आभार व्यक्त किया है।

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जुलाई 24, 2026

पोलैंड में सैन्य-स्तरीय मानव अपकेंद्र प्रशिक्षण पूरा कर छत्तीसगढ़ आधारित अंतरिक्ष डिजाइन शोध संस्था अर्कासा ने हासिल की बड़ी उपलब्धि*

जुलाई 24, 2026




रायपुर संस्कार न्यूज़ गौरव चंद्राकर /छत्तीसगढ़ आधारित अंतरिक्ष शोध संस्था *अर्कासा – अंतरिक्ष वास्तुकला एवं डिजाइन शोध प्रयोगशाला* ने पोलैंड में विश्वस्तरीय *मानव अपकेंद्र प्रशिक्षण* सफलतापूर्वक पूरा कर एक महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय उपलब्धि हासिल की है। यह सैन्य-स्तरीय प्रशिक्षण संस्था की संस्थापक वास्तुकार *अर्शलीन कौर साहनी*, सह-संस्थापक वास्तुकार *बिस्वजीत दास* और अर्कासा टीम द्वारा पूरा किया गया।

यह वही उन्नत प्रशिक्षण कार्यक्रम है जिसका उपयोग एफ-16, एफ-35 और मिग-29 जैसे लड़ाकू विमानों के चालकों के साथ-साथ उच्च-जी वातावरण के लिए अंतरिक्ष यात्रियों की तैयारी में किया जाता है।

*रायपुर की संस्था ने बढ़ाया देश-प्रदेश का नाम*

रायपुर में स्थापित *अर्कासा* एक उभरती हुई अंतरिक्ष वास्तुकला एवं डिजाइन शोध प्रयोगशाला है, जो विज्ञान, वास्तुकला, डिजाइन और मानव अंतरिक्ष अन्वेषण के संगम पर कार्य कर रही है। यह संस्था भविष्य के चंद्र एवं मंगल अभियानों, मानव-केंद्रित अंतरिक्ष आवास, समरूप अंतरिक्ष यात्री मिशनों और अंतरिक्ष शिक्षा के क्षेत्र में अनुसंधान एवं नवाचार को आगे बढ़ाने के लिए कार्यरत है। इसका उद्देश्य वैश्विक अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत की भूमिका को और मजबूत करना है।

अर्कासा को आधिकारिक रूप से *इसरो के अंतरिक्ष शिक्षक कार्यक्रम* के अंतर्गत पंजीकृत किया गया है और यह *इन-स्पेस (भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष संवर्धन एवं प्राधिकरण केंद्र)* के नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र का भी हिस्सा है। संस्था का उद्देश्य भारत में *अंतरिक्ष वास्तुकला* को एक उभरते हुए क्षेत्र के रूप में स्थापित करना तथा युवाओं और शोधकर्ताओं को अंतरिक्ष विज्ञान, डिजाइन और अंतरिक्ष अन्वेषण के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना है।

पोलैंड में हुआ प्रशिक्षण*

मानव अपकेंद्र प्रशिक्षण का आयोजन पोलैंड के *समरूप अंतरिक्ष यात्री प्रशिक्षण केंद्र* के संस्थापक श्री *माटेउज हरासिमचुक* और *सैन्य विमानन चिकित्सा संस्थान, वारसॉ* के सहयोग से किया गया।

इस प्रशिक्षण में अर्कासा की ओर से संस्थापक वास्तुकार *अर्शलीन कौर साहनी*, सह-संस्थापक वास्तुकार *बिस्वजीत दास*, अर्कासा टीम के सदस्य *लूमेश साहू*, तथा *अनुष्का राठौर* ने भाग लिया।

*क्या है मानव अपकेंद्र प्रशिक्षण*

मानव अपकेंद्र दुनिया की सबसे उन्नत अंतरिक्ष यात्री और लड़ाकू विमान चालक प्रशिक्षण प्रणालियों में से एक है, जिसमें नियंत्रित वातावरण में प्रतिभागियों को अत्यधिक *जी-बल* का अनुभव कराया जाता है। इस प्रशिक्षण के दौरान टीम ने *जी-रोधी युक्तियां, जी-जनित चेतना हानि से बचाव*, उच्च त्वरण के दौरान मानव शरीर की शारीरिक प्रतिक्रियाओं और अत्याधुनिक लड़ाकू विमान चालक कक्ष अनुकरण का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया, जो उच्च प्रदर्शन वाले सैन्य विमानों में अनुभव की जाने वाली परिस्थितियों को दोहराता है।

"यह भविष्य के मिशनों के लिए जरूरी" - अर्शलीन कौर*

इस उपलब्धि पर संस्थापक वास्तुकार *अर्शलीन कौर साहनी* ने कहा कि भविष्य के मानव अंतरिक्ष अभियानों की सफलता केवल अंतरिक्ष यानों और तकनीक पर निर्भर नहीं करती, बल्कि यह समझना भी आवश्यक है कि अत्यधिक परिस्थितियों में मानव शरीर किस प्रकार कार्य करता है। उन्होंने कहा कि इस प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान अर्कासा के अंतरिक्ष वास्तुकला, मानव-केंद्रित अंतरिक्ष आवास और भविष्य के मानव अंतरिक्ष उड़ान अनुसंधान को और मजबूत करेगा।

यह उपलब्धि *छत्तीसगढ़ के उभरते हुए अंतरिक्ष नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र* के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। दुनिया के सबसे विशिष्ट सैन्य-स्तरीय वायु-अंतरिक्ष प्रशिक्षण कार्यक्रमों में से एक को सफलतापूर्वक पूरा कर अर्कासा ने यह प्रदर्शित किया है कि भारत के विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले शोधकर्ता और नवप्रवर्तक वैश्विक मानव अंतरिक्ष अन्वेषण के भविष्य में सार्थक योगदान दे रहे हैं।

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जून 24, 2026

संकल्प नशा मुक्ति केंद्र उपचार्थियों द्वारा योग किया गया

जून 24, 2026


रायपुर संस्कार न्यूज़ गौरव चंद्राकर/21 जून को संकल्प सांस्कृतिक समिति की डायरेक्टर मनीषा शर्मा के निर्देशन में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर,संकल्प नशा मुक्ति सह पुनर्वास केंद्र,odic,cbpli,slca के सदस्यों व संकल्प नशा मुक्ति केंद्र उपचार्थियों द्वारा योग किया गया,जिसमें प्रणायाम,वृक्षासन,ताड़ासन, अनलोम विलोम, धनुरासन ,योग मुद्रा आदि किया गया,मनीष अवस्थी द्वारा  सभी आसनों के द्वारा रोग नियंत्रण की भी जानकारी दी गई,तथा अंत में सभी ने अपने जीवन में नियमित रूप से योग अपनाने की शपथ ली।



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कबीरपंथियों ने धूमधाम से मनाया सदगुरु कबीर साहेबजी का 629वां प्राकट्य उत्सव*

जून 24, 2026

सर्वधर्म समभाव एवं सामाजिक समरसता के साथ किया गया कार्यक्रम का आयोजन

देवपुरी में दिन भर रहा कबीरमय माहौल

विधायक प्रतिनिधि मेकमिलन साहू मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे

सदगुरु कबीर प्रकट उत्सव में महिलाओं की रही सर्वाधिक भागीदारी




रायपुर संस्कार न्यूज़ गौरव चंद्राकर/ सद्गुरु कबीर सत्संग समिति एवं आमिन माता महिला मंडली कार्यक्रम का शुभारंभ सुबह 9 बजे  गुरु महिमा पाठ से हुआ, तत्पश्चात प्रातः 11:00 बजे  भव्य कलश यात्रा के साथ सदगुरु कबीर साहेब की शोभायात्रा निकाली गई! धर्म ध्वज के ध्वजारोहण पश्चात दिनभर सत्संग भजन एवं प्रवचन का कार्यक्रम चलता रहा, जिसमें प्रमुख वक्ता के रूप में संत श्री रामू साहेब जी( मीरमिटी कवर्धा), महंत श्री हेमदास साहब (चगोराभाठा) महंत श्री पुजारी साहब( अमलेश्वर धाम) महंत श्री दीनबंधु साहब (बाराडेरा), टकसाल साहब (माठ,खरोरा) उपस्थित रहेl विभिन्न जगहों से साधु और साध्वियो एवं श्रोताओं की भरपुर उपस्थिति से देवपुरी में दिनभर  कबीरमय सा माहौल बना रहा! न्यूपुरैना, अमलीडीह, न्यू राजेन्द्र नगर, देवरी, लालपुर, कृष्णानगर के संयुक्त तत्वावधान में रविवार 21 जून को देवपुरी में सदगुरु कबीर साहेबजी का 629वां प्राकट्य उत्सव बडे धूमधाम से मनाया गया। 

कार्यक्रम का शुभारंभ सुबह 9 बजे  गुरु महिमा पाठ से हुआ, तत्पश्चात प्रातः 11:00 बजे  भव्य कलश यात्रा के साथ सदगुरु कबीर साहेब की शोभायात्रा निकाली गई! धर्म ध्वज के ध्वजारोहण पश्चात दिनभर सत्संग भजन एवं प्रवचन का कार्यक्रम चलता रहा, जिसमें प्रमुख वक्ता के रूप में संत श्री रामू साहेब जी( मीरमिटी कवर्धा), महंत श्री हेमदास साहब (चगोराभाठा) महंत श्री पुजारी साहब( अमलेश्वर धाम) महंत श्री दीनबंधु साहब (बाराडेरा), टकसाल साहब (माठ,खरोरा) उपस्थित रहेl विभिन्न जगहों से साधु और साध्वियो एवं श्रोताओं की भरपुर उपस्थिति से देवपुरी में दिनभर  कबीरमय सा माहौल बना रहा! 

          उक्त एकदिवसीय कार्यक्रम में सेवा एवं सहयोग की भावना के साथ दोपहर में समिति के सदस्यों द्वारा गर्मी से राहत प्रदान करने हेतु रायपुर-धमतरी मुख्य मार्ग में राहगीरों को ठंडे मीठे शरबत का वितरण किया गयाl 

इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में रायपुर ग्रामीण विधायक प्रतिनिधि श्री मैकमिलन साहू  उपस्थित रहे! साथ ही ओमप्रकाश साहू मंडल महामंत्री रायपुर, भागवत साहू, देवेंद्र कुमार साहू महासचिव छत्तीसगढ़ कबीरपंथी साहू समाज रायपुर, महावीर साहू, सुमेरी साहू, छन्नू लाल साहू, डेरहाराम साहू, तुलाराम साहू विशेष अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल हुए! मुख्य अतिथि मैकमिलन साहू ने  सदगुरु कबीर साहेब की महिमा का बखान करते हुए उन्हें सर्व समाज का संत बताया, उनकी वाणी वचन हम सबके लिए प्रेरणा का स्रोत हैl उनके बताए गए मार्ग पर चलना मानव समाज के लिए सर्वाधिक हितकारी हैl उन्होंने प्रतिवर्ष आयोजित किए जाने वाले इस कार्यक्रम के लिए समिति के समस्त सदस्यों का धन्यवाद ज्ञापित कियाl 

   कार्यक्रम के अन्य अतिथियों द्वारा भी सभा को संबोधित किया गयाl तत्पश्चात सदगुरु कबीर साहेब की भव्य आरती, प्रसाद वितरण एवं भोजन भंडारा के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया! आभार प्रदर्शन समिति के संरक्षक श्री केदारनाथ साहू एवं समिति अध्यक्ष श्री राम कुमार साहू द्वारा किया गयाl

कार्यक्रम में समिति संयोजक दिवाली साहू, उपाध्यक्ष श्री रामचंद्र साहू, सचिव मेलाराम साहू, कोषाध्यक्ष छविराम साहू, के डी वे अध्यक्ष श्री गिरधारी साहू, टोपू साहू, रामलाल साहू, नारायण साहू, रामलोचन साहू,  संजय साहू,   संतोष साहू, आमीन माता महिला मंडल अध्यक्ष -जागेश्वरी मानिकपुरी, मथुरा देवी साहू, नेमा साहू, पार्वती साहू, टिकेश्वरी साहू, गायत्री साहू, युक्ति बाई साहू, लक्ष्मीबाई साहू, बुध्वंतीन साहू, गंगा साहू, यशोदा साहू, बुधिया साहू, चमेली साहू, भारती, गोपेश साहू, दिव्यानी साहू एवं अन्य संत समाज भरपुर संख्या में सम्मिलित रहे!

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जून 18, 2026

विवेकानन्द विद्या मंदिर लखौली में मनाया गया शाला प्रवेशोत्सव

जून 18, 2026

 



रायपुर संस्कार न्यूज़ गौरव चद्राकर /विवेकानन्द विद्या मंदिर लखौली में 16 जून 2026 दिन मंगलवार को शाला प्रवेश उत्सव बड़े ही धूमधाम से मनाया गया। इस समारोह में विद्यालय के समस्त स्टाफ के द्वारा नव प्रवेशी बच्चों का आरती उतारकर फूलों का छिड़काव कर मिष्ठान वितरण कर हर्षोल्लास के साथ स्वागत किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के संचालक नन्दकुमार महाराज, प्रधानाचार्य हेमलता साहू , ममता जलक्षत्री, नंदनी यादव, संध्या साहू, खुशबू साहू, कुन्ती यादव, रोहणी सेन,चित्ररेखा यादव,खोमन साहू , पालसिंह चौहान, उत्तम चन्द्राकार उपस्थित थे।

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मई 21, 2026

कुर्मी (युवा प्रकोष्ठ) क्षत्रिय समाज रायपुर द्वारा स्वागत एवं शपथ ग्रहण समारोह सम्पन्न

मई 21, 2026

कुम्भज चंद्राकर को युवा प्रकोष्ठ की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपे जाने पर समाजजनों ने दी बधाई




रायपुर संस्कार न्यूज़ गौरव चंद्राकर/ कुर्मी (युवा प्रकोष्ठ) क्षत्रिय समाज छत्तीसगढ़ प्रदेश, रायपुर द्वारा डंगनिया स्थित कुर्मी भवन में भव्य स्वागत, सम्मान एवं शपथ समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में समाज के सक्रिय एवं समर्पित सब से युवा कार्यकर्ता कुम्भज चंद्राकर को “चन्द्रनाहू कुर्मी (युवा प्रकोष्ठ) क्षत्रिय समाज छत्तीसगढ़ प्रदेश, के राज अध्यक्ष युवा प्रकोष्ठ की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपे जाने पर समाजजनों द्वारा हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी गईं।

इस अवसर पर युवा प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष राकेश चंद्रवंशी सहित समाज के वरिष्ठ पदाधिकारी, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में सामाजिकजन उपस्थित रहे। समारोह में कुम्भज चंद्राकर का पुष्पमाला एवं श्रीफल भेंट कर स्वागत सम्मान किया गया तथा समाजहित में निष्ठापूर्वक कार्य करने की शपथ दिलाई गई।

अपने संबोधन में वक्ताओं ने कहा कि कुम्भज चंद्राकर लंबे समय से समाज के युवाओं को संगठित करने एवं सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। उनके नेतृत्व में युवा प्रकोष्ठ समाजहित में नई ऊर्जा एवं सकारात्मक दिशा के साथ कार्य करेगा।

कुम्भज चंद्राकर ने समाज के वरिष्ठजनों एवं पदाधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी गई है, उसका निर्वहन पूरी ईमानदारी, समर्पण एवं निष्ठा के साथ करेंगे तथा समाज को संगठित एवं मजबूत बनाने हेतु निरंतर कार्यरत रहेंगे।

कार्यक्रम का समापन समाज की एकता, विकास एवं युवाओं की सहभागिता को लेकर सकारात्मक संदेश के साथ हुआ।

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मार्च 15, 2026

शासकीय प्राथमिक शाला लभांडी रायपुर में संपन्न हुआ विदाई समारोह

मार्च 15, 2026

 कक्षा पांचवी के छात्रों को दी गई विदाई, बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी के संबंध में दी गई जानकारी


"प्राथमिक शिक्षा होती है जीवन की आधारशिला, सफलता के लिए करनी पड़ती है निरंतर पढ़ाई" विदाई समारोह पर शिक्षकों ने दिया बच्चों को संदेश*





*रायपुर संस्कार न्यूज़ गौरव चंद्राकर/शासकीय प्राथमिक शाला लभांडी में कक्षा पांचवी के विद्यार्थियो के लिए विदाई समारोह का आयोजन किया गयाl कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती की पूजा एवं वंदना के साथ हुईl इस अवसर पर प्रधान पाठक एवं शिक्षकों ने बच्चों का तिलक लगाकर उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामना प्रदान कीl  शिक्षकों ने कहा कि प्राथमिक शिक्षा जीवन की आधारशिला होती है और यहीं से मिले संस्कार उन्हें चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार करते हैl मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष लक्ष्मण निषाद ने बच्चों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हुए अनुशासन में रहने एवं माता-पिता गुरुजनों की बातों पर अमल करते हुए नियमित पढ़ाई करने पर जोर दियाl  कार्यक्रम के दौरान प्रत्येक विद्यार्थियों ने भविष्य में क्या बनना चाहते हैं, इस पर अपनी बात शिक्षकों के समक्ष रखीl इस पर प्रत्येक विद्यार्थियों को उचित मार्गदर्शन शिक्षकों द्वारा प्रदान किया गया l विदाई समारोह कार्यक्रम के लिए बच्चों के लिए मनोरंजक गेम्स एवं लर्निंग गतिविधियां रखी गई थी जिस पर बच्चों को पुरस्कार भी प्रदान किया गया l कल्पना बंजारे मिस परफेक्ट और मिस्टर परफेक्ट खिलेश्वर सेन चुने गए, सर्वश्रेष्ठ परिधान के लिए जिज्ञासा भारती और भूपेश यादव को पुरस्कृत किया गयाl अंत में स्कूल परिवार से विदा हो रहे हैं समस्त बच्चों को स्मृति स्वरूप पुरस्कार एवं शैक्षणिक सामग्री भेंट की गई साथ में सोमवार से प्रारंभ हो रहे हैं कक्षा पांचवी बोर्ड परीक्षा के लिए अग्रिम शुभकामनाएं प्रदान कीl कार्यक्रम का संचालन शिक्षक देवेंद्र कुमार साहू ने कियाl इस अवसर पर शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष लक्ष्मण निषाद, प्रधान पाठक रघुवीर निषाद, संकुल समन्वयक नीरज गुप्ता, पुरुषोत्तम बघेल, राकेश पुरी गोस्वामी, चम्पेश कुमार गंजीर, प्रीति चंद्राकर देवकुमारी साहू, लक्ष्मी साहू एवं शाला के समस्त स्टाफ उपस्थित रहेl

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जनवरी 21, 2026

पूर्ण साक्षर रायपुर जिले को बनाने के लिए उल्लास कार्यक्रम पर ज़ोर - कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह

जनवरी 21, 2026



रायपुर संस्कार न्यज़ गौरव चंद्राकर /रायपुर जिले को पूर्ण साक्षर घोषित करने के उद्देश्य से आयोजित टीएल बैठक में कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह द्वारा अवगत कराया गया कि दिनांक 26 जनवरी को उल्लास नवसाक्षर मेला आयोजित किया जाएगा। इस संबंध में सभी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक रूप से तैयारी करने हेतु निर्देशित किया गया है। बैठक में माननीय कलेक्टर महोदय द्वारा यह भी निर्देशित किया गया कि सभी अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में निरक्षर हितग्राहियों की पहचान कर उनके नाम निर्धारित प्रपत्र में अंकित करना सुनिश्चित करें, ताकि उनका उल्लास पोर्टल में पंजीयन किया जा सके एवं आवश्यक कार्यवाही समयबद्ध रूप से पूर्ण की जा सके।इसके साथ ही गणतंत्र दिवस के दिन  रायपुर जिले के सभी स्कूलों में उल्लास मेला हेतु शिक्षकों का प्रशिक्षण का आयोजन जिला पंचायत रायपुर के सभागार में हुई जिसमे जिले के लगभग 50 शिक्षकों ने उपस्थिति  प्रदान किया प्रशिक्षण में डॉ.कामिनी बावनकर जिला परियोजना अधिकारी रायपुर लोकेश वर्मा बीपीओ धरसीवा ,हेमन्त कुमार साहू बीपीओ अभनपुर ,अलंकार परिहार बीपीओ आरंग  , दीपक ध्रुवंशी एबीपीओ अभनपुर ,मास्टर ट्रेनर डोमर वर्मा आरंग उपस्थित रहे ।

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जादू टोने का अस्तित्व नहीं,अंधविश्वास पर भरोसा न करें,.डॉ. दिनेश मिश्र

जनवरी 21, 2026

अन्धविश्वास एवं टोनही प्रताड़ना के खिलाफ़ अभियान चलाया गया

अभनपुर थनौद में व्याख्यान





रायपुर संस्कार न्यूज़ गौरव चंद्राकर/ अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के अध्यक्ष व नेत्र विशेषज्ञ डॉ. दिनेश मिश्र ने अभनपुर थनौद,में ग्रामीणों एवम शासकीय  काव्योपाध्याय हीरालाल महाविद्यालय के छात्रों को संबोधित करते  हुए कहा देश में अंधविश्वास और सामाजिक कुरीतियों  के कारण अक्सर अनेक निर्दोष लोगों को प्रताड़ना का शिकार होना पड़ता है,जिससे निदान के लिए आम जन में वैज्ञानिक दृष्टिकोण के विकास की अत्यंत आवश्यकता है.

डॉ. दिनेश मिश्र ने कहा  कुछ लोग अंधविश्वास के कारण हमेंशा शुभ-अशुभ के फेर में पड़े रहते है। यह सब हमारे मन का भ्रम है। शुभ-अशुभ सब हमारे मन के अंदर ही है। किसी भी काम को यदि सही ढंग से किया जाये, मेहनत, ईमानदारी से किया जाए तो सफलता जरूर मिलती है। उन्होंने कहा कि 18वीं सदी की मान्यताएं व कुरीतियां अभी भी जड़े जमायी हुई है जिसके कारण जादू-टोना, डायन, टोनही, बलि व बाल विवाह जैसी परंपराएं व अंधविश्वास आज भी वजूद में है। जिससे प्रतिवर्ष अनेक मासूम जिन्दगियां तबाह हो रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे में वैज्ञानिक जागरूकता को बढ़ाने और तार्किक  सोच को अपनाने की आवश्यकता है। उन्होंने आगे कहा कि अंधविश्वास को कुरीतियों के विरूद्ध समाज के साथ 

विद्यार्थियों  को  भी एकजुट होकर आगे आना चाहिए।

    डॉ. मिश्र ने कहा प्राकृतिक आपदायें हर गांव में आती है, मौसम परिवर्तन व संक्रामक बीमारियां भी गांव को चपेट में लेती है, वायरल बुखार, मलेरिया, दस्त जैसे संक्रमण भी सामूहिक रूप से अपने पैर पसारते है। ऐसे में ग्रामीण अंचल में लोग कई बार  बैगा-गुनिया के परामर्श के अनुसार विभिन्न टोटकों, झाड़-फूंक के उपाय अपनाते है। जबकि प्रत्येक बीमारी व समस्या का कारण व उसका समाधान अलग-अलग होता है, जिसे विचारपूर्ण तरीके से ढूंढा जा सकता है। उन्होंने कहा कि बिजली का बल्ब फ्यूज होने पर उसे झाड़-फूंक कर पुनः प्रकाश नहीं प्राप्त किया जा सकता न ही मोटर सायकल, ट्रांजिस्टर बिगड़ने पर उसे ताबीज पहिनाकर नहीं सुधारा जा सकता। रेडियो, मोटर सायकल, टी.वी., ट्रेक्टर की तरह हमारा शरीर भी एक मशीन है जिसमें बीमारी आने पर उसके विशेषज्ञ के पास ही जांच व उपचार होना चहिए। डॉ. मिश्र ने विभिन्न सामाजिक कुरीतियों एवं अंधविश्वासों की चर्चा करते हुए कहा कि बच्चों को भूत-प्रेत, जादू-टोने के नाम से नहीं डराएं क्योंकि इससे उनके मन में काल्पनिक डर बैठ जाता है जो उनके मन में ताउम्र बसा होता है। बल्कि उन्हें आत्मविश्वास, निडरता के किस्से कहानियां सुनानी चाहिए। जिनके मन में आत्मविश्वास व निर्भयता होती है उन्हें न ही नजर लगती है और न कथित भूत-प्रेत बाधा लगती है। यदि व्यक्ति कड़ी मेहनत, पक्का इरादा का काम करें तो कोई भी ग्रह, शनि, मंगल, गुरू उसके रास्ता में बाधा नहीं बनता.

डॉ. दिनेश मिश्र ने कहा  देश में जादू-टोना, तंत्र-मंत्र, झाड़-फूँक की मान्यताओं एवं डायन /टोनही के संदेह में प्रताडऩा तथा सामाजिक बहिष्कार के मामलों की भरमार है। डायन के सन्देह में  प्रताडऩा के मामलों में अंधविश्वास व सुनी-सुनाई बातों के आधार पर किसी निर्दोष महिला को डायन घोषित कर दिया जाता है तथा उस पर जादू-टोना कर बच्चों को बीमार करने, फसल खराब होने, व्यापार-धंधे में नुकसान होने के कथित आरोप लगाकर उसे तरह-तरह की शारीरिक व मानसिक प्रताडऩा दी जाती है। कई मामलों में आरोपी महिला को गाँव से बाहर निकाल दिया जाता है। बदनामी व शारीरिक प्रताडऩा के चलते कई बार पूरा पीडि़त परिवार स्वयं गाँव से पलायन कर देता है। कुछ मामलों में महिलाओं की हत्याएँ भी हुई है अथवा वे स्वयं आत्महत्या करने को मजबूर हो जाती है। जबकि जादू-टोना के नाम पर किसी भी व्यक्ति को प्रताडि़त करना गलत तथा अमानवीय है। वास्तव में किसी भी व्यक्ति के पास ऐसी जादुई शक्ति नहीं होती कि वह दूसरे व्यक्ति को जादू से बीमार कर सके या किसी भी प्रकार का आर्थिक नुकसान पहुँचा सके। जादू-टोना, तंत्र-मंत्र, टोनही, नरबलि के मामले सब अंधविश्वास के ही उदाहरण हैं। महाराष्ट्र छत्तीसगढ़,मध्यप्रदेश ओडीसा, झारखण्ड, बिहार, आसाम  सहित अनेक प्रदेशों में प्रतिवर्ष टोनही/डायन के संदेह में निर्दोष महिलाओं की हत्याएँ हो रही है जो सभ्य समाज के लिये शर्मनाक है। नेशनल क्राईम रिकॉर्ड ब्यूरो ने सन् 2001 से 2015 तक 2604 महिलाओं की मृत्यु डायन प्रताडऩा के कारण होना माना है। जबकि वास्तविक संख्या इनसे बहुत अधिक है  अधिकतर मामलों में पुलिस रिपोर्ट ही नहीं हो पातीं।हमने जब आर टी आई से जानकारी प्राप्त की तब हमें बहुत ही अलग आंकड़े प्राप्त हुए. झारखंड  ,बिहार  छत्तीसगढ़ ,ओडिशा में, राजस्थान,आसाम  में  हजारों मामलों की प्रमाणिक जानकारी है।जब कुछ राज्यों से जवाब ही नहीं मिला. पर समाचार पत्रों में लगभग सभी राज्यों से ऐसी घटनाओं के समाचार मिलते हैं 

डॉ. मिश्र ने कहा आम लोग चमत्कार की खबरों के प्रभाव में आ जाते हैं। हम चमत्कार के रूप में प्रचारित होने वाले अनेक मामलों का परीक्षण व उस स्थल पर जाँच भी समय-समय पर करते रहे हैं। चमत्कारों के रूप में प्रचारित की जाने वाली घटनाएँ या तो सरल वैज्ञानिक प्रक्रियाओं के कारण होती है तथा कुछ में हाथ की सफाई, चतुराई होती है जिनके संबंध में आम आदमी को मालूम नहीं होता। कई स्थानों पर स्वार्थी तत्वों द्वारा साधुओं को वेश धारण चमत्कारिक घटनाएँ दिखाकर ठगी करने के मामलों में वैज्ञानिक प्रयोग व हाथ की सफाई के ही करिश्में थे। 

डॉ. मिश्र ने कहा भूत-प्रेत जैसी मान्यताओं का कोई अस्तित्व नहीं है। भूत-प्रेत बाधा व भुतहा घटनाओं के रूप में प्रचारित घटनाओं का परीक्षण करने में उनमें मानसिक विकारों, अंधविश्वास तथा कहीं-कहीं पर शरारती तत्वों का हाथ पाया गया। आज टेलीविजन के सभी चैनलों पर भूत-प्रेत, अंधविश्वास बढ़ाने वाले धारावाहिक प्रसारित हो रहे हैं। ऐसे धारावाहिकों का न केवल जनता पर विपरीत प्रभाव पड़ता है बल्कि छोटे बच्चों व विद्यार्थियों पर भी दुष्प्रभाव पड़ता है। इस संबंध में हमने राष्ट्रीय स्तर पर एक सर्वेक्षण कराया है जिसमें लोगों ने ऐसे सीरीयलों को बंद किये जाने की मांग की है। ऐसे सीरीयलों को बंद कर वैज्ञानिक विकास व वैज्ञानिक दृष्टिकोण बढ़ाने व विज्ञान सम्मत अभिरूचि बढ़ाने वाले धारावाहिक प्रसारित होना चाहिए। भारत सरकार के दवा एवं चमत्कारिक उपचार के अधिनियम 1954 के अंतर्गत झाड़-फूँक, तिलस्म, चमत्कारिक उपचार का दावा करने वालों पर कानूनी कार्यवाही का प्रावधान है। इस अधिनियम में पोलियो, लकवा, अंधत्व, कुष्ठरोग, मधुमेह, रक्तचाप, सर्पदंश, पीलिया सहित 54 बीमारियाँ शामिल हैं। लोगों को बीमार पडऩे पर झाड़-फूँक, तंत्र-मंत्र, जादुई उपचार, ताबीज से ठीक होने की आशा के बजाय चिकित्सकों से सम्पर्क करना चाहिए क्योंकि बीमारी बढ़ जाने पर उसका उपचार खर्चीला व जटिल हो जाता है।

डॉ. मिश्र ने कहा अंधविश्वास, पाखंड एवं सामाजिक कुरीतियों का निर्मूलन एक श्रेष्ठ सामाजिक कार्य है जिसमें हाथ बंटाने हर नागरिक को आगे आना चाहिए। . ग्रामीणों व छात्रों के समक्ष वैज्ञानिक अभिक्रियाओं पर आधारित ट्रिक्स का प्रदर्शन किया गया . ग्रामीणों एवम छात्रों के प्रश्नों एवम उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया गया. कार्यक्रम को अनंत पांडे ने भी संबोधित  किया.कार्यक्रम का संचालन व आभार प्रदर्शन डॉ मल्लिका सूर  ने किया. ग्राम  थानौद में अन्धविश्वास एवं  टोनही प्रताड़ना के खिलाफ़ अभियान चलाया गया , छात्रों एवं ग्रामीणों को पंपलेट किताबें प्रदान की गईं.

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जनवरी 19, 2026

अंतर्राष्ट्रीय कबीर पंथ महासंघ की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक रायपुर में हुई संपन्न

जनवरी 19, 2026

प्रदेश अध्यक्ष एवं प्रदेश महासचिव का किया गया मनोनयन*

डॉ विकास कुमार अग्रवाल प्रदेश अध्यक्ष एवं देवेंद्र कुमार साहू प्रदेश महासचिव नियुक्त किए गए

संगठन को मजबूती प्रदान करने एवं संस्था के उद्देश्यों को लेकर की गई बैठक



देवेंद्र कुमार साहू प्रदेश महासचिव



डॉ. विकास कुमार अग्रवाल प्रदेश अध्यक्ष


रायपुर संस्कार न्यूज़ गौरव चंद्राकर//छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में अंतरराष्ट्रीय कबीर पंथ महासंघ की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक संपन्न हुई l बैठक में छत्तीसगढ़ में विभिन्न समुदायों के कबीर साहेब जी को मानने वाले और उनके अनुयायियों एक मंच पर एकत्रित हुए। बैठक की अध्यक्षता अंतर्राष्ट्रीय कबीर पंथ महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत श्री चूड़ामणि साहेबजी ने की ।

इस बैठक में छत्तीसगढ़ प्रदेश के विभिन्न जिलों के प्रतिनिधियों सहित राष्ट्रीय पदाधिकारियों का भी आगमन हुआl बैठक में विभिन्न विषयों सहित छत्तीसगढ़ की प्रदेश कार्यकारिणी का भी गठन किया गया प्रदेश कार्यकारिणी के गठन में सर्वसम्मति से डॉ. विकास कुमार अग्रवाल को छत्तीसगढ़ प्रदेश का प्रदेश अध्यक्ष मनोनीत किया गया, साथ ही श्री देवेंद्र कुमार साहू जी को प्रदेश महासचिव तथा श्री ओनिल कुमार साहू जी को प्रदेश कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया। उक्त मनोनयन पद्मश्री डॉ. भारती बंधु के प्रस्ताव, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष महंत श्री राधाकिशन साहेब व महंत श्री चरणदास साहेब देवास (म.प्र.) ने समर्थन किया एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत श्री चूड़ामणि साहेब के  अनुमोदन पर किया गया जिसे बैठक में ध्वनिमत से पारित किया गया। 

साथ ही बैठक में निर्णय लिया गया कि इस वर्ष सतगुरु कबीर साहेब जी का प्राकट्य दिवस छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में भव्य एवं गरिमामय आयोजन कर मनाया जाएगा।  उल्लेखनीय है की प्रतिवर्ष यह आयोजन राजनांदगांव जिले में आयोजित होता रहा है। 

साथ ही विगत 3 महीने से संचालित साप्ताहिक निःशुल्क चिकित्सालय में ओपीडी सुविधा आम नागरिकों को दी जा रही है, जिसकी समीक्षा की गई और सभी सदस्यों ने संतुष्टि जाहिर की । 

 निकट भविष्य में वस्त्र वितरण का कार्यक्रम भी अंतर्राष्ट्रीय कबीर पंथ महासंघ द्वारा छत्तीसगढ़ शाखा में किए जाने का प्रस्ताव है।

बैठक में छत्तीसगढ़ शाखा द्वारा प्रसारित की जा रही सदगुरु कबीर साहेब जी के साहित्य वितरण को अच्छा प्रतिसाद प्राप्त हो रहा है, इसकी भी समीक्षा की गई एवं इस हेतु और अधिक कार्यकर्ताओं को जोड़ने का प्रस्ताव पारित किया गया व सदगुरु कबीर साहेब के संबंध में समाज में जो कुछ भ्रांतियां फैली हुई है, उन्हें दूर करने का प्रयास और अधिक द्रुतगति से करने का निर्णय लिया गया।

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जनवरी 15, 2026

रायपुर में राष्ट्रीय गणित दिवस एवं गणित कार्यशाला का हुआ भव्य आयोजन

जनवरी 15, 2026

 



रायपुर संस्कार न्यूज़ गौरव चंद्राकर/छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद रायपुर के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय गणित दिवस के उपलक्ष्य में जिला शिक्षा विभाग द्वारा जिला स्तरीय गणित पोस्टर प्रदर्शनी, गणित मॉडल प्रतियोगिता, गणित क्विज एवं गणित कार्यशाला का सफल आयोजन शासकीय उ.मा.वि.मठपुरैना रायपुर में किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में गणित के प्रति रुचि विकसित करना तथा गणित को जीवन से जोड़कर सरल व रोचक बनाना रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं महान गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन के चित्र पर माल्यार्पण के साथ किया गया। इस अवसर पर उपस्थित अतिथियों ने रामानुजन के गणित क्षेत्र में दिए गए अतुलनीय योगदान पर प्रकाश डाला।जिला शिक्षा अधिकारी हिमांशु भारतीय ने कहा कि गणित हमारे जीवन का अभिन्न अंग है गणित के रोचक सूत्रों ,समीकरणों को दैनिक जीवन से जोड़ने की आवश्यकता है तभी विद्यार्थियों में गणित के प्रति डर दूर होगा ।

गणित पोस्टर एवं मॉडल प्रदर्शनी में विद्यार्थियों ने संख्या पद्धति, ज्यामिति, बीजगणित, त्रिकोणमिति, सांख्यिकी एवं दैनिक जीवन में गणित के उपयोग जैसे विषयों पर आकर्षक व नवाचारी मॉडल प्रस्तुत किए। विद्यार्थियों की रचनात्मकता एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण की सभी ने सराहना की।

गणित क्विज प्रतियोगिता में जिले के विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रश्नों के माध्यम से तर्कशक्ति, गणनात्मक क्षमता एवं मानसिक गणित को परखा गया। प्रतियोगिता ने विद्यार्थियों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना को प्रोत्साहित किया।

गणित कार्यशाला-

आयोजित गणित कार्यशाला में गणित विषय विशेषज्ञ के रूप में डॉ.राजेश चंदानी प्राचार्य बी एन बी स्कूल तिल्दा एवं सीके वर्मा प्राचार्य इल्दा तिल्दा द्वारा गणित शिक्षण की नवीन विधियाँ, गतिविधि आधारित शिक्षण एवं गणित को सरल बनाने के उपाय बताए गए। शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को गणित को भयमुक्त एवं आनंददायक बनाने हेतु उपयोगी सुझाव दिए गए। कार्यक्रम के समापन अवसर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र एवं पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। आयोजन में शीला तोलानी प्राचार्य शासकीय उ.मा.वि.मठपुरैना रायपुर,सोमा बनिक जिला समन्वयक , निर्णायक के रूप में डॉ.राजेश चंदानी प्राचार्य ,सीके वर्मा प्राचार्य ,सेवा राम वर्मा प्राचार्य ,पीयूष ठाकुर व्याख्याता ,पूनम मिश्रा व्याख्याता ,कीर्ति ठाकुर ,डॉ.रितु श्रीवास्तव व्याख्याता,वेणुका यादव व्याख्याता , कार्यक्रम के सफल आयोजन में जिला विज्ञान टीम से कुमकुम झा ,डॉ.माधुरी बोरेकर,अपर्णा तिवारी ,कल्याणी पवार ,अरुण कुमार जोशी ,हेमन्त कुमार साहू ने महती भूमिका का निर्वहन किया ।ये विद्यार्थी हुए चयनित पोस्टर प्रतियोगिता में 

प्रथम हितेश यादव सेजस अभनपुर,,

 द्वितीय तारा सान्याल शास.उ.मा.वि.संतोषी नगर 

तृतीय लेखा वर्मा पी जी उमाठे क्विज प्रतियोगिता में प्रथम टीम 

भूपेश देवांगन (सेजस सरोना)

 देव कुमार सरकार (सेजस बरबंधा )

द्वितीय टीम 

सुधा देवांगन (सेजस तिलक नगर रायपुर ),इशांत शर्मा (शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय टेकरी )

दुर्गा पाल (सेजस खोरपा ),मयंक देवांगन (बिन्नी बाई सोनकर उत्तर माध्यमिक विद्यालय रायपुर मॉडल। प्रतियोगिता में  

हायर सेकंडरी

प्रथम  मयंक सोनी (बी पी पुजारी )द्वितीय  यशवंत यादव  (सेजेस भाटागॉव)

तृतीय कृतिका टंडन (सेजेस खरोरा) पोस्टर में 

प्रथम नेहा कोसले

द्वितीय टिकेंद्र कुमार जायसवाल 

तृतीय समीक्षा सोनकर 

क्विज प्रतियोगिता में प्रथम टीम अभिलेश श्रीवास ,गुरमीत सिंह , द्वितीय टीम प्रियांशी कुमारी रावत ,गोविंद पाल 

तृतीय टीम राहुल साहू ,ऋषभ सोनकर मॉडल में प्रथम अमित कुमार कोसले ,द्वितीय राशि देवांगन,तृतीय 

दिशा यादव  आयोजन का संचालन शिक्षक हेमन्त कुमार साहू ने किया अतिथियों ने इस आयोजन को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत उपयोगी बताया।

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जनवरी 07, 2026

अंधविश्वास एवं सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ अभियान से जुड़ें. डॉ. दिनेश मिश्र

जनवरी 07, 2026

 कोई नारी डायन/टोनही नहीं 


 रायपुर संस्कार न्यूज़ गौरव चंद्राकर /डायन या टोनही की धारणा हमारे देश में प्रमुख अंधविश्वासों में से एक है जिसमें किसी महिला को डायन (टोनही) घोषित कर दिया जाता है तथा उस पर जादू-टोना कर बीमारी फैलाने, गाँव में विपत्तियाँ लाने का आरोप लगाकर उसे लांछित किया जाता है। डायन (टोनही) के रूप में आरोपित इन महिलाओं को न केवल सार्वजनिक रूप से बेइज्जत किया जाता है, बल्कि उन्हें शारीरिक प्रताडऩा दी जाती है तथा समाज से बहिष्कृत कर दिया जाता है। ऐसे मामलों में शारीरिक प्रताडऩा इतनी अधिक होती है कि वे महिनों शारीरिक जख्मों का दर्द लिये कराहती रहती है तथा गाँव में उन्हें उपचार मिलना भी संभव नहीं होता। सार्वजनिक रूप से बेइज्जती व अपमान के जख्म तो आजीवन दुख देते हैं। इन स्थानों पर प्रभावशाली समूह का दबाव इतना अधिक रहता है कि प्रताडऩा की घटनाओं की जानकारी गाँव के बाहर नहीं जा पाती तथा प्रताडि़त महिला व उसका परिवार नारकीय जीवन जीता रहता है, ऐसे मामलों में कई बार महिलाएँ आत्महत्या तक कर लेती है।


 डायन (टोनही) के संदेह में प्रताडऩा के मामले में गाँवों के जनप्रतिनिधि व शासकीय कर्मचारी भी सामने आने का साहस नहीं कर पाते, ऐसे अधिकांश मामलों में जो जानकारी ही गाँवों से बाहर नहीं आ पाती, जिससे कथित बैगाओं का राज कायम हो जाता है। जो गाँव में सभी विपदाओं का कारण जादू-टोना व डायन (टोनही) बताकर, टोनही पकड़वाने, चिन्हित करने, गाँव बाँधने के नाम पर न केवल मनमानी राशि वसूलते हैं बल्कि किसी भी गरीब बेकसूर महिला को डायन (टोनही) घोषित कर हमेशा अभिशप्त जीवन जीने व प्रताडऩा सहने के लिये छोड़ देते हैं, इन बैगाओं द्वारा महिला को डायन (टोनही) न होने का प्रमाण देने के लिये ऐसी परीक्षाएँ ली जाती है जो किसी भी महिलाओं के लिये संभव नहीं है। ऐसे मामलों में खुद को निर्दोष साबित करना बहुत मुश्किल हो जाता है वह भी जब पूरा गाँव ही अंधविश्वास के कारण विरोध में खड़ा हो, जबकि वास्तविकता यह है कि डायन (टोनही) के रूप में घोषित की जाने वाली महिला में इतनी ताकत नहीं होती है कि आत्मरक्षा ही कर सके, दूसरों के नुकसान करना तो संभव ही नहीं है।हम पिछले 30 वर्षों  से समाज में फैले अंधविश्वासों एवं सामाजिक कुरीतियों के निर्मूलन के लिए अभियान चला रहे हैं जिसका एक प्रमुख हिस्सा डायन (टोनही) की धारणा का निर्मूलन भी है, इसलिये व्याख्यान, चमत्कारिक घटनाओं की वैज्ञानिक धारणा, विभिन्न ग्रामों में दौरा कर समझाना, अंधविश्वास का पर्याय बनने वाले मामलों की जाँच व सत्य की जानकारी, गोष्ठियाँ, बैठकें की जाती है। वहीं सामाजिक बहिष्कार जैसी कुरीति के भी अनेक मामले लगातार सामने आते रहते हैं,जिससे हजारों परिवार परेशान है उन्हें  समाज में वापस लौटाने के लिए भी निरंतर प्रयास किया जाता है.  

हमें कई बार विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में विभिन्न स्थानों के बुद्धिजीवी साथियों, छात्रों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, समाज-सुधार के संबंध में विचार पढऩे को मिलते हैं, मेरा यह मानना है कि अंधविश्वासों एवं सामाजिक कुरीतियों का समूल निर्मूलन किसी एक व्यक्ति, एक संगठन या प्रशासन के लिये संभव नहीं है। अलग-अलग स्थानों पर निवास व कार्य कर रहे सभी व्यक्ति यदि इस कार्य के लिये अपना थोड़ा समय व बहुमूल्य विचार हमें प्रदान करें, व सहयोग से कार्य करें तो ऐसा कोई भी कारण नहीं है कि इन कुरीतियों व अंधविश्वासों का निर्मूलन न किया जा सके, नये वर्ष में सर्व सहयोग से यह काम बेहतर ढंग से किया जा सकता है। इच्छुक स्वयंसेवी व्यक्ति व उत्साही कार्यकर्ता मुझसे इस पते पर सम्पर्क कर सकते हैं।

डॉ. दिनेश मिश्रवरिष्ठ नेत्र विशेषज्ञ

अध्यक्ष अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति

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दिसंबर 23, 2025

शासकीय दूधधारी बजरंग गर्ल्स' पोस्ट ग्रेजुएट ऑटोनोमस कॉलेज में विज्ञान तकनीकी क्षेत्र में कार्यशाला आयोजित

दिसंबर 23, 2025

 महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक और सशक्त कदम



रायपुर संस्कार न्यूज़ गौरव चंद्राकर/आज के तकनीकी युग में महिलाएँ किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। इसी कड़ी में Govt. Dudhdhari Bajrang Girls' Post-Graduate Autonomous College, रायपुर की M.Sc. Physics (तृतीय सेमेस्टर) की छात्राओं ने इंटर्नशिप प्रशिक्षण के दौरान PCB (Printed Circuit Board) Manufacturing जैसे उन्नत तकनीकी कार्य को सफलतापूर्वक कर यह सिद्ध कर दिया कि विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में भी छात्राएँ नई ऊँचाइयों को छू रही हैं।


यह विशेष इंटर्नशिप एवं तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रम YVY Technologies, रायपुर के मार्गदर्शन में निखिलेश्वर विद्या मंदिर, चंगोराभाठा, रायपुर (छत्तीसगढ़) के परिसर में सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण के दौरान छात्राओं को Electrical, Electronics एवं आधुनिक तकनीकी अवधारणाओं के साथ-साथ PCB डिजाइन एवं मैन्युफैक्चरिंग की व्यावहारिक जानकारी प्रदान की गई।


इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में छात्राओं ने न केवल सैद्धांतिक ज्ञान अर्जित किया, बल्कि स्वयं PCB तैयार कर यह प्रमाणित किया कि आज की बेटियाँ तकनीकी नवाचारों को अपनाकर आत्मनिर्भर भारत की नींव को और मजबूत कर रही हैं। यह उपलब्धि न केवल छात्राओं के लिए, बल्कि पूरे समाज और महिला सशक्तिकरण के लिए गर्व की बात है।


Govt. Dudhdhari Bajrang Girls' Post-Graduate Autonomous College प्रदेश के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों में से एक है, जहाँ से अध्ययन कर रही छात्राएँ आज विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पहचान बना रही हैं। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम छात्राओं को उद्योग-आधारित कौशल प्रदान कर उन्हें भविष्य के लिए सक्षम बनाते हैं।

कार्यक्रम का संचालन करने वाले YVY Technologies, रायपुर द्वारा यह संदेश दिया गया कि आज देश में लड़कियों को प्राथमिकता दी जा रही है और उन्हें तकनीकी रूप से सशक्त बनाना समय की आवश्यकता है। समाचार माध्यमों के जरिए इस प्रकार की सकारात्मक पहल को समाज तक पहुँचाना, अन्य छात्राओं को भी आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है।

यह कार्यक्रम इस बात का जीवंत उदाहरण है कि यदि छात्राओं को सही मार्गदर्शन और अवसर मिले, तो वे तकनीक की दुनिया में भी नए कीर्तिमान स्थापित कर सकती हैं।

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नवंबर 21, 2025

14580 शिक्षकों के लिए हाईकोर्ट का महत्वपूर्ण फैसला छत्तीसगढ़ नियमित सर्व शिक्षक कल्याण संघ के प्रयासों को मिली सफलता

नवंबर 21, 2025

 14580 शिक्षकों को जोइनिंग तिथि से प्रदान किया जाएगा पूर्ण वेतन




*रायपुर संस्कार न्यूज़ गौरव चंद्राकर*/ वर्ष 2019 में शिक्षा विभाग के अंतर्गत भर्ती किए गए 14580 शिक्षकों को जोइनिंग तिथि से पूर्ण वेतन प्रदान किया जाएगा! परिवीक्षा अवधि के तीन सालों तक स्टाइपेंड देने विभाग के नियम को हाई कोर्ट ने रद्द कर दिया है, वर्ष 2019 में  भर्ती विज्ञापन जारी होने के बाद वर्ष 2020 में पूर्ण वेतन की जगह 3 साल का  स्टाइपेंड देने की नीति लागू की गई थी, जिसके तहत नियुक्त कर्मचारियों को प्रतिवर्ष 70%, 80% एवं 90% के आधार पर वेतनमान प्रदान किया जा रहा था, इसके विरोध में छत्तीसगढ़ नियमित सर्व शिक्षक कल्याण संघ के संरक्षक कमल वर्मा के सहयोग से प्रदेश अध्यक्ष दानेश्वर साहू, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष देवेंद्र कुमार साहू के नेतृत्व में संगठन के सदस्यों द्वारा तत्कालीन मुख्यमंत्री से स्टाइपेंड हटाने को लेकर पुरजोर तरीके से अपनी बात रखी गई थी, संगठन के इस मांग को मानते हुए छत्तीसगढ़ शासन ने स्टाइपेंड का नियम तो त्वरित रूप से हटा दिया गया किंतु शासन ने स्टाइपेंड के समय में काटी गई राशि को काल्पनिक मानकर एरियस के रूप में देने से मना कर दिया इसके खिलाफ संगठन के प्रांतीय उपाध्यक्ष मुकेश वैष्णव एवं कोषाध्यक्ष अमृतलाल साहू के माध्यम से हाई कोर्ट में मुकेश वैष्णव वर्सेस छत्तीसगढ़ सरकार केस नंबर 1175/2022 और अमृत साहू वर्सेस छत्तीसगढ़ सरकार 6436/2021  केस के माध्यम से इस असंवैधानिक नियम को चैलेंज किया गया, जिसमें याचिकाकर्ताओं को महत्वपूर्ण जीत हासिल हुई है! माननीय न्यायाधीश अमितेंद्र किशोर प्रसाद जी के सिंगल बेंच ने महत्वपूर्ण निर्णय देते हुए स्टाइपेंड प्रदान किए गए उन सभी कर्मचारियों को नियुक्ति तिथि से 100% देने हेतु आदेश जारी किया गया और स्टाइपेंड से काटी गई राशि को एरियर्स सहित प्रदान करने हेतु निर्देश दिया गया!इससे 2019 के विज्ञापन के आधार पर नियुक्त 14000 से ज्यादा शिक्षकों को लाभ प्राप्त होगाl हाई कोर्ट ने इस संबंध में 61 पेज का विस्तृत फैसला दिया हैlशिक्षकों और नवनियुक्त विभिन्न विभागों के कर्मचारियों की शानदार जीत हुई, इस जीत में छत्तीसगढ़ नियमित सर्व शिक्षक कल्याण संघ द्वारा महती भूमिका निभाई और 2021 और 2022 से लगातार लड़ाई लड़ी और शानदार सफलता अर्जित किए! 

छत्तीसगढ़ नियमित सर्व शिक्षक कल्याण संघ के प्रदेश अध्यक्ष दानेश्वर साहू एवं प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष श्री देवेंद्र कुमार साहू  ने इस सफलता पर सभी याचिकाकर्ताओं एवं संगठन के समस्त सदस्यों को बधाई एवं शुभकामना संदेश प्रेषित किया एवं उनके अतुलनीय सहयोग के लिए आभार व्यक्त कियाl

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नवंबर 04, 2025

रायपुर राज्योत्सव कार्यक्रम के द्वितीय दिवस में जिला शिक्षा अधिकारी हिमांशु भारती एवं उनकी धर्मपत्नी डॉ. दुर्गावती ने स्कूल शिक्षा विभाग के स्टॉल FLN-बालवाड़ी स्टॉल का अवलोकन किया

नवंबर 04, 2025



रायपुर संस्कार न्यूज़ गौरव चंद्राकर /छत्तीसगढ़ रजत जयंती राज्योत्सव कार्यक्रम 2025 के द्वितीय दिवस में जिला रजत जयंती राज्योत्सव कार्यक्रम 2025 के द्वितीय दिवस में जिला शिक्षा अधिकारी हिमांशु भारती एवं उनकी धर्मपत्नी डॉ. दुर्गावती भारती ने स्कूल शिक्षा विभाग के हमारे स्टॉल FLN-बालवाड़ी मेंशिक्षा अधिकारी हिमांशु भारती एवं उनकी धर्मपत्नी डॉ. दुर्गावती भारती ने स्कूल शिक्षा विभाग के हमारे स्टॉल FLN-बालवाड़ी में आकर मूलभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान के लिए किए जाने वाली गतिविधियों और बच्चों में भाषाई कौशल के विकास को लेकर किए जाने वाले गतिविधियों, बालवाड़ी की गतिविधियों से अवगत हुए,  उन्होंने कठपुतलियों द्वारा की जाने वाली गतिविधियों एवं खेल-खेल में प्रदान की जाने वाली रचनात्मक शिक्षण गतिविधि, बच्चों द्वारा स्वयं से करके सीखने के अवसर उपलब्ध कराने वाली गतिविधियों से परिचित हुए, हमारे इस प्रयास की सराहना करते हुए इसे स्कूलों में भी सतत बनाए रखने के लिए मार्गदर्शन प्रदान किए, इस अवसर पर श्री बसंत वर्मा सर APC समग्र शिक्षा , जिला पीएलसी सदस्य, सृजन पीएलसी सदस्य एवं अन्य प्रभारी शिक्षक साथी उपस्थित रहे।

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अक्टूबर 31, 2025

ज़ोन स्तरीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी, संगोष्ठी एवं विज्ञान नाटक प्रतियोगिता का सफल आयोजन संपन्न

अक्टूबर 31, 2025

आयोजन शासकीय शिक्षक शिक्षा महाविद्यालय रायपुर में आयोजित






रायपुर संस्थान न्यूज़ गौरव चंद्राकर /शासकीय शिक्षक शिक्षा महाविद्यालय, शंकर नगर, रायपुर में 30 अक्टूबर 2025 को “ज़ोन स्तरीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी एवं राष्ट्रीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी 2025–26” के अंतर्गत विविध कार्यक्रमों का सफल आयोजन किया गया। इस वर्ष का मुख्य विषय था —“विकसित और आत्मनिर्भर भारत।”

कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य श्री आलोक कुमार शर्मा के निर्देशन में दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ।मुख्य अतिथि के रूप में प्रोफेसर एम. एल. नायक, जीव विज्ञान विभागाध्यक्ष, पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर पधारे। वे अंचल के प्रमुख वैज्ञानिक हैं उन्होंने अपने प्रेरक उद्बोधन में कहा कि “बाल वैज्ञानिक देश की वैज्ञानिक चेतना के संवाहक हैं; उनकी जिज्ञासा और प्रयोगशीलता राष्ट्र की प्रगति की आधारशिला है।” वैज्ञानिक कार्य मानव जीवन के उत्थान के लिए ही हो रहे हैं। देश मे ऊर्जा के  अपार स्त्रोत की उपयोगिता ,बायोडायवर्सिटी, स्वदेशी अपनाकर देश का विकास,   पर जोर देकर उन्होंने बाल वैज्ञानिकों को आशीर्वचन प्रदान किया।विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रोफेसर अशोक प्रधान, मनोविज्ञान विभाग, पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर, तथा श्री जे.पी. रथ (अतिरिक्त संचालक, SCERT)  , प्रो. के.के. शुक्ल (SCERT) उपस्थित रहे। श्री जे पी रथ ने विद्यार्थियों को वैज्ञानिक सोच के साथ संस्कारवान बनने हेतु प्रेरित किया। श्री अशोक प्रधान ने कहा कि प्राचीन काल में उपयोग में आने वाली जड़ी बूटियां हमारी धरोहर है हमें उन्हें संरक्षित कर रखने की आवश्यकता है। सभी ने विद्यार्थियों के मॉडलों का अवलोकन किया और उनकी सृजनात्मकता की सराहना की।प्रदर्शनी में विद्यार्थियों ने “सतत कृषि, अक्षय ऊर्जा, प्लास्टिक के विकल्प, उभरती प्रौद्योगिकियाँ, स्वास्थ्य और स्वच्छता, प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण, एवं भारतीय ज्ञान परंपरा और विज्ञान” जैसे विषयों पर अपने मॉडलों का प्रदर्शन किया।यह प्रदर्शनी न केवल छात्रों की सृजनात्मकता का प्रतीक थी, बल्कि विज्ञान और समाज के प्रति उनकी संवेदनशीलता को भी दर्शाती थी।कार्यक्रम के अंतर्गत एक सेमिनार (संगोष्ठी) एवं प्रश्न मंच का आयोजन भी किया गया, सेमिनार में शिक्षक एवं छात्र–छात्राओं ने “प्लास्टिक प्रदूषण का प्रभाव और उसके विकल्प” विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किए। प्रश्न मंच के साथ ही, विज्ञान नाटक प्रतियोगिता 2025–26 का भी आयोजन हुआ, जिसमें प्रतिभागियों ने विज्ञान को रोचक और रचनात्मक रूप में प्रस्तुत किया।इस आयोजन में 8वीं से 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों ने भाग लिया।विभिन्न विषयों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए।  प्रतिभागियों में व्यक्तिगत प्रोजेक्ट मे ड्रेज़ील कुर्रे तिलक नगर रायपुर  ,समूह प्रोजेक्ट मे महिमा राजपूत और रुचि तिलक नगर रायपुर, विज्ञान क्लब मे रोशन यादव दतरंगी बलोदा बाजार, शिक्षण अधिगम सामग्री मे स्वप्निल वर्मा बलोदा बाजार  विज्ञान नाटिका नीरज ध्रुव एवं साथी महासमुंद ,विज्ञान प्रश्न मंच  मे हितेश पटेल पियूष प्रधान बसना, विज्ञान संगोष्ठी  मे अजय कुमार भोई बसना (शिक्षकों में ),यामिनी साहू महासमुंद (विद्यार्थियों में) ,ने प्रथम स्थान प्राप्त किया ।विजयी टीम का चयन राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेने हेतु किया गया ।कार्यक्रम का समापन सहायक प्राध्यापक डॉ सीमा अग्रवाल ने  सभी अतिथियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त करके किया ।पूरा कार्यक्रम प्राचार्य श्री आलोक कुमार शर्मा के कुशल निर्देशन, विज्ञान प्रभारी श्रीमती मंजूषा तिवारी एवं समस्त संकाय सदस्यों  के  सामूहिक प्रयासों से सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

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अक्टूबर 10, 2025

शासकीय शिक्षा महाविद्यालय में जोन स्तरीय राष्ट्रीय विज्ञान संगोष्ठी कार्यक्रम आयोजित

अक्टूबर 10, 2025



रायपुर संस्कार न्यूज़ गौरव चंद्राकर/रायपुर स्थित शासकीय शिक्षक शिक्षा महाविद्यालय शंकर नगर में दिनांक 9 अक्टूबर 2025 गुरुवार को जोन स्तरीय राष्ट्रीय विज्ञान संगोष्ठी 2025-26 का आयोजन हुआ। संगोष्ठी का विषय था" क्वांटम युग का आगाज- संभावनाएं एवं चुनौतियां "जो आधुनिक विज्ञान की नवीनतम प्रौद्योगिकी पर केंद्रित था। उक्त कार्यक्रम का आयोजन रमन विज्ञान केंद्र एवं तारा मंडल नागपुर छत्तीसगढ़, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, राज्य शैक्षिक अनुसंधान परिषद रायपुर के तत्वाधान में तथा शासकीय शिक्षक शिक्षा महाविद्यालय शंकर नगर रायपुर के प्राचार्य श्री आलोक कुमार शर्मा के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया ।कार्यक्रम में रायपुर जोन के बलौदा बाजार, भाटापारा, महासमुंद, गरियाबंद एवं रायपुर  जिलों से चयनित छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। प्रतिभागियों ने क्वांटम तकनीक के अनुप्रयोगों जैसे साइबर सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं ,ऊर्जा प्रणालियों एवं रक्षा संचार पर प्रभावशाली व्याख्यान दिया ।क्वांटम प्रौद्योगिकी पर संभावित अनुप्रयोग, साइबर सुरक्षा, स्वास्थ्य, मौसम, पूर्वानुमान ,चिकित्सा सेवाओं, रक्षा, संचार, ऊर्जा प्रणालियों जैसे बहुक्षेत्रीय विधाओं में क्वांटम मेकैनिज्म से आने वाले परिवर्तनों पर बाल वैज्ञानिकों के द्वारा अपने ज्ञान से श्रोताओं को स्तब्ध किया ।निर्णायक मंडल में विषय विशेषज्ञ विद्वान डॉक्टर बी. जी. शर्मा,प्राध्यापक,  नागार्जुन शासकीय  विज्ञान महाविद्यालय  रायपुर एवं डॉ रवि शर्मा, प्राध्यापक, शासकीय कन्या महाविद्यालय रायपुर ,सम्मिलित थे। उन्होंने गहन मूल्यांकन कर बाल वैज्ञानिक भूमिका जोशी रायपुर व चेतन तिवारी भाटापारा ,बलोदाबाजार  को प्रथम स्थान से सम्मानित किया । द्वितीय स्थान पर संयुक्त रूप से बाल वैज्ञानिक  अभिक रॉय ,रायपुर एवं गरिमा सोनी ,महासमुंद को प्रदान किया गया। कार्यक्रम का संचालन विज्ञान प्रभारी श्रीमती मंजूषा तिवारी के निर्देशन में हुआ। इस कार्यक्रम में श्री सतीश तिवारी, श्री शांतनु विश्वास, श्रीमती कल्पना देशमुख ,डॉ भावना बैरागी ,श्रीमती सुलभा उपाध्यक्ष, श्रीमती संगीता कर्मकार एवं डॉ स्वीटी चंद्राकर की गरिमामई उपस्थिति रही। संगोष्ठी के उपरांत पुरस्कार वितरण समारोह संपन्न हुआ  प्राचार्य श्री आलोक शर्मा ने अपने  प्रेरणास्पद उद्बोधन  द्वारा प्रतिभागियों का उत्साह वर्धन किया।श्रीमती शेफाली मिश्रा एवं श्रीमती मंजूषा तिवारी द्वारा आभार प्रदर्शन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

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जुलाई 04, 2025

छतीसगढी गीत दीया बाती में जशपुर के गौरव और रितु दिखेंगे एक साथ

जुलाई 04, 2025

 कोरबा के प्राकृतिक दृश्यों के बीच फिल्माया गया गीत 




रायपुर संस्कार न्यूज़ गौरव चंद्राकर /छत्तीसगढ़ में छतीसगढ़ी गीतों का प्रचलन कुछ सालों में तेजी से बढ़ा है राज्य के कलाकारों के द्वारा गीतों के माध्यम से लोगों का मनोरंजन किया जा रहा है और लोगों का भरपूर प्यार कलाकारों को मिल रहा है जशपुर जिले के गौरव गुप्ता के द्वारा छतीसगढ़ी गीतों को अपने युटयूब चैनल टी म्युजिक के द्वारा लोगों तक पहुंचाया जा रहा है और करोड़ों लोगों का प्यार भी चैनल को मिल रहा छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में शुटिंग हुई दिया बाती छतीसगढ़ी गीत को प्राकृतिक दृश्यों, जंगल , नदी , जलप्रपात के बीच फिल्माया गया है जो रविवार को लोगों को देखने को मिलेगा दिया बाती गीत प्रेम गीत है जिसे आवाज मोनिका वर्मा और तोषांत कुमार ने दिया है और अभिनय गौरव गुप्ता और रितु विश्वकर्मा ने किया है डायरेक्टर और फिल्म मेकिंग का कार्य अमनदीप महंत ने किया है और सहयोगी के रूप में सुमन‌ , अनिकेत, सतीश ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई हैजिला प्रशासन का सहयोग रहा तो जल्द ही जन्नत जशपुर स्वागत गीत जिले वासियों के बीच होगा गौरव गुप्ता ने बताया कि चैनल को 4 साल हो गए हैं पहला गीत जोगनिया यंही जिले में ही शुटिंग किया गया था जिसे लाखों लोगों का प्यार मिला है और जल्द ही अपने जिले की खुबसुरती को राज्य के साथ देश विदेश में पहुंचाने के लिए जन्नत जशपुर गीत बन रहा है फिल्मांकन के लिए पुरे जशपुर को गीत में फिल्माया जाएगा जिसके लिए जिला प्रशासन का सहयोग बहुत जरूरी है



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