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सितंबर 19, 2025

प्रपंच और परमार्थ करते हुए जीवन में कैसे उद्धार करें इसलिए ईश्वर सदगुरु रूप में आते है - रामानंदाचार्य नरेंद्रचार्य महाराज

सितंबर 19, 2025




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पाटन संस्कार न्यूज़ गौरव चंद्राकर /कृषि उपज मंडी पाटन में श्री कथा यज्ञ का तीसरे दिन व्यास पीठ से रामानंदाचार्य नरेंद्रचार्य महाराज के कृपा प्राप्त प्रवचनकार भूषण रोहित मोडे ने कहा जिसने सदगुरु से दीक्षा ली उसके जीवन का कल्याण हो गया। ईश्वर और सदगुरु एक ही है । गुरु जन्मों जन्मों से हमारे पीछे चल रहे है। सदगुरु से प्रेम किया तो ईश्वर स्वयं आपके पीछे आते है। जैसे शबरी के पास भगवान राम आए। इसका पहला कदम नाम दान प्राप्त करना है। इसी कड़ी में जगद्गुरु रामानंदाचार्य नरेंद्रचार्य जी ने ऑनलाइन गुरु का महत्व बताते हुए बताया कि जीवन में सभी को सुख,समाधान,आनंद चाहिए। यदि आपको शाश्वत सुख चाहिए तो तुम मुझे भक्ति दो मै तुम्हें धैर्य दूंगा। प्रपंच और परमार्थ करते हुए जीवन में मोक्ष प्राप्त करना है तो सद्गुरु के शरण जाना होता है। ईश्वर ने मनुष्य का जन्म दिया है, अनेक सुविधा दी है। हमें सोचना चाहिए कि मनुष्य का जन्म क्यों मिला है। हम पिछले जन्म के प्राक्तन लेकर आए है जिसमें सुख और दुख मिलते है। इसे सुधारने के लिए कर्म करने का ईश्वर ने अधिकार दिया है। हम जीवन को कैसे सुखी बनाएंगे इसलिए सदगुरु के द्वारा मार्गदर्शन दिया जाता है। संसार में बहुत से साधारण लोगों ने प्रयास किया और वे देव तुल्य हो गए। महाराष्ट्र के संत रामदास ने अपने अभंग में कहा है कि श्री राम ने संदीपनी और श्री कृष्ण ने वरिष्ठ को गुरु किया। भगवान ने हमें बहुत सी चीजें दी जिसमें सदगुरु भी है। जिसने पुण्य किए वे गुरु के पास आए। जो महात्मा हो गए उन्होंने गुरु के सानिध्य में मोक्ष प्राप्त किया। मै आपको सरल मार्ग बताऊंगा जिससे आपका अच्छा प्रपंच होगा और आपके हाथों परमार्थ भी होगा। इसके लिए कुछ छोड़ने की जरूरत नहीं है। अभी आप दीक्षा का प्रथम पायदान पर है उसे उपासक दीक्षा दे रहे है। यह सदगुरु को जानने के लिए है। मुझे दो तरह की परम्परा है पहली नवनाथ परंपरा का सदगुरु हूं दूसरा श्री राम परंपरा की रामानंदाचार्य की है। शास्त्रों में कहा है कि इस कलयुग में ईश्वर सदगुरु रूप में होते है। परब्रम्ह है। ईश्वर ने मुझे गुरु रूप में आपको दिया है। मै आपका कल्याण करूंगा। आप कहीं भी रहे मुझे आवाज देंगे, मै किसी न किसी रूप में आपके पास आऊंगा। आपको रोज 10 मिनिट भक्ति करना है और स्वप्न में भी किसी का बुरा नहीं सोचना। जो कठिन परिस्थिति में हो उसकी सहायता करना। किसी को धोखा नहीं देना। समाज के लिए करना, समाज ऋण देना।

रामानंदाचार्य ने ऑनलाइन 50 लोगों ने नामदान दिया।शास्त्रोक्त पद्धति,पूजा हवन पुरोहितों ने विधि संपन्न कराया।

कार्यक्रम के मध्य में रासलीला की गई तथा भंडारा प्रसादी दी गई।

कार्यक्रम में दुर्ग के संसद विजय बघेल जी के साथ जितेंद्र वर्मा प्रदेश महामंत्री के साथ स्थानीय पार्षदों ने रामानंदाचार्य जी की दिव्य सिद्ध पादुकाओं का दर्शन लाभ लिया। अध्यक्ष राजकुमार पवार ने संसद और अथिति का आभार व्यक्त किया। यजमान मोहन देवांगन  एवं मीरा देवांगन के साथी बड़ी संख्या में भक्तों, शिष्यों ने भाग लिया।


सितंबर 18, 2025

सदगुरु आपके जीवन की राह पर सही दिशा का ज्ञान देकर सामाजिक नैतिक और बौद्धिक प्रगति के लिए प्रेरित करते - रोहित मोडे

सितंबर 18, 2025





पाटन संस्कार न्यूज़ गौरव चंद्राकर/कृषि उपज मंडी पाटन में श्री कथा ज्ञान यज्ञ का दूसरा दिन का शुभारंभ जगद्गुरु रामानंदाचार्य नरेंद्रचार्य जी के सिद्ध चरण पादुकाओं का पूजन एवं श्री लीलामृत ग्रन्थ का यजमान, पुरोहितों द्वारा विधिवद शास्त्रीय पद्धति द्वारा पूजन माल्यार्पण कर किया गया।

श्री कथा ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ दोपहर 2 बजे  हुआ। कथा व्यास से भगवान रामानंदाचार्य के कृपा पात्र शिष्य रोहित मोडे ने कहा जीवन में ईश्वर का दर्शन केवल सदगुरु करा सकते है। ऐसे सक्षम योग्य सदगुरु ही वह डायरेक्टर है जिसकी पहुंच ईश्वर तक है। सदगुरु संत प्रत्येक व्यक्ति में ईश्वर देखते है। सदगुरु के ऊपर जीवन की डोर सौप दें तो वह खुशियां भर

देते है। मन आनंद से भर जाता है। सदगुरु ही पार ब्रह्म है उनकी शरण जाना चाहिए।भगवान रामानंदाचार्य नरेंद्रचार्य जी कहते है कि हमें एक निष्ट होना चाहिए। श्री हनुमान जी ने, नारद जी ने, शबरी ने राधा जी ने केवल प्रभु के एक रूप को माना। एक संत एक मंत्र होगा तभी जीवन का उद्धार होगा। सदगुरु के चरणों में पूर्ण समर्पण करना होगा।  सदगुरु रास्ता बताते है जो नाम दान से संभव है। एक धुरी में घूमना पड़ता है। नाम हमें आत्म उद्धार के लिए लेना है। इस संसार की नश्वर चीजों के लिए नहीं। पूरे परिवार का एक मंत्र होना चाहिए। तब परिवार में सामंजस्य बनेगा। नाम का मूल उद्देश्य आवागमन की बंधन को तोड़ना है। जो सद्गुरु के मार्ग में संभव है।

कथाकार ने कहा कि सदगुरु में ही 33 करोड़ देवी देवता है। गुरु सभी भ्रम को तोड़ते है। यह गुरु मार्ग महान समर्पण, संयम, दृढ़ अनुशासन लगन निष्ठा विश्वास का है। हमारे मन में आता है कि गुरु जीवन में क्यों जरूरी है। जिस प्रकार गाड़ी का ड्राइवर अनजान रास्तों से लक्ष्य तक ले जाता है। उसी प्रकार गुरु आपको परमात्मा तक पहुंचता है। आपके जीवन की राह पर सही ज्ञान देकर सामाजिक, नैतिक और बौद्धिक प्रगति के लिए प्रेरित करते है।

प्रवचन पश्चात संध्या में रास लीला में नृत्य, भजन का समावेश रहा।जिसका सभी भक्तों ने लाभ लिया। रासलीला पश्चात संध्या आरती और प्रसाद वितरण की गई। कल तीसरे और अंतिम दिन प्रवचन, नामदान हवन के साथ श्री कथा ज्ञान यज्ञ का समापन होगा।

आज की कथा में यजमान श्रीमती निशा सोनी उपाध्यक्ष नगर पालिका और श्रीमती रानी बंछोर भाजपा मंडल अध्यक्ष थी। इनके अलावा दुर्ग भिलाई, पाटन के भक्त शिष्यों ने भाग लिया।

अप्रैल 24, 2022

योग के गौरवमयी इतिहास का परचम लहराते हुए ग्राम मर्रा के युवक धीरेंद्र वर्मा ने 5 मिनट 6 सेकंड में पूर्ण किया मत्सेद्रासन

अप्रैल 24, 2022

 

आसन करके वर्ल्डवाइड रिकॉर्ड में नाम दर्ज कराने में सफलता हासिल की


पाटन (संस्कार न्यूज/सतीश पारख) । योग के गौरवमयी इतिहास का परचम लहराया है दुर्ग जिले के पाटन ब्लॉक के मर्रा ग्राम के  धीरेंद्र वर्मा ने इन्होंने पांच मिनट छह सेकंड में मत्रेदासन पूर्ण किया जिसके लिए पतंजलि योग समिति के लालाराम वर्मा तुलाराम वर्मा  रोमलाल साहु एके जैन कामता प्रसाद साहू डॉ गुलाब साहू केशव बंजारे आदि ने भी हर्ष व्यक्त किया। धीरेंद्र ने साबित कर दिया की प्रतिभा गांव या शहर की मोहताज नही होती बस सदगुरु सहित अच्छा मंच मिल जाना चाहिए,तो मेहनत रंग जरूर लाती है ।


- श्री रावतपुरा सरकार यूनीवर्सिटी रायपुर छत्तीसगढ़ 


बी ए योगा फाइनल ईयर के छात्र  धीरेंद्र वर्मा ने बताया कि पहले चौथे विश्व कप योगासन चैपियनशिप में सिल्वर मेडल , साउथ एशियन योगासन चैपियनशिप में कांस्य पदक,  राष्ट्रीय योगा प्रतियोगिता में कांस्य पदक ,राष्ट्रीय योगासन प्रतियोगिता में रजत पदक,   उज्जैन में राष्ट्रीय योग चैपियनशिप में कांस्य पदक , प्राप्त करने  का गौरव उन्हे मिला।

यूरोप बुल्गारिया ,नेपाल काठमाण्डु,  यवतमाल महारष्ट्र ,उज्जैन मध्यप्रदेश, .इंदौर मध्यप्रदेश, में प्रतिभा प्रदर्शन का अवसर मिला।यह सब गौरव मय इतिहास के सफर में योग के प्रेरणास्त्रोत पतंजलि योग समिती ब्लाक अध्यक्ष लालाराम वर्मा अदभुत योग गुरु तुलाराम वर्मा का अमिट योगदान रहा।उन्होंने योग पाठशाला के प्रति कृतज्ञता प्रगट की । साथियों और ग्रामीणों को धीरेंद्र ने संदेश में कहा कि प्रतिभा गांव और शहर की मोहताज नही होती है।बस प्रतिभा को सदगुरु सहित अच्छा मंच मिल जाए प्रतिभा निखर उठती है।कालेज में भी मुझे अच्छा मंच मिला जिससे यह तोहफा मिला।


धीरेंद्र ने नाम रोशन किया गौरवान्वित  किया


पतंजलि योग समिति ब्लाक अध्यक्ष लालाराम वर्मा और 70 वर्षीय योग की हर विधा में पारंगत योग  गुरु तुलाराम वर्मा ने बताया कि मर्रा में  योग पाठशाला चलाकर  बच्चो को योग   सिखाना प्रारंभ किये थे देखते ही देखते होनहार बच्चे योग विद्या में दिखने लगे ।हम लोगो की रुचि भी तीब्र होती गयी और परिणामस्वरूप जिला प्रदेश देश और विदेश में हमारी पाठशाला के बच्चों ने करतब दिखाए । गांव में गुदड़ी के लाल के रूप में योग विद्या में हमारी पाठशाला मर्रा के धीरेंद्र वर्मा ने वर्ल्डवाइड रिकार्ड में नाम दर्ज कराके गौरवमय इतिहास की रचना कर हम सबको गौरान्वित किया।छतीसगढ़ महतारी का नाम विश्व मे रोशन किया है।



मुख्यमंत्री के हाथों भी सामाजिक सम्मेलन में सम्मानित हो चुके धीरेंद्र


छत्तीसगढ़ मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज पाटन राज के 76 वे. वार्षिक अधिवेशन का आयोजन ग्राम - देवादा (फुंडा) में आयोजित किया गया जिसमें माननीय मुख्यमंत्री भूपेश बघेल शामिल हुवा योगा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने व योग में पूर्ण मत्स्येंद्रसन में विश्व रिकॉर्ड में नाम दर्ज करने पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने धीरेन्द्र वर्मा को कुर्मी गौरव सम्मान प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया उज्ज्वल भविष्य की कामना की है इस कार्यक्रम के  मुख्य अतिथि - माननी श्री भूपेश बघेल जी मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ शासन अध्यक्षता - माननीय श्री चोवराम वर्मा जी कार्यक्रम सयोजक - श्री मेहत्तर वर्मा जी युवा कार्यकारिणी पद अधिकारी युवा अध्यक्ष युगल किशोर आडिल उपाध्यक्ष आशीष वर्मा राकेश आडिल लुकेश वर्मा अमित वर्मा योगन्त वर्मा काजल वर्मा कोमल वर्मा डुमन वर्मा नरेश वर्मा पतंजलि योग समिति सहित हर्ष व्यक्त करते हुए शुभकामनाएं दी