*महासमुंद संस्कार न्यूज़ गौरव चंद्राकर।* छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर के निर्देश पर महासमुंद में न्याय को घर-घर तक पहुंचाने की मुहिम तेज हो गई है। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमती अनिता डहरिया* के कुशल मार्गदर्शन और सतत निगरानी में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण आम लोगों को त्वरित और सुलभ न्याय दिलाने के लिए लगातार काम कर रहा है।
इसी कड़ी में एक बड़ी सफल कहानी* सामने आई है, जहां कोर्ट
ने "ना किसी की जीत, ना किसी की हार"* के सिद्धांत पर एक जटिल सामाजिक विवाद को सुलह से खत्म करा दिया।
प्राधिकरण की सचिव श्रीमती आफरीन बानो के समक्ष एक आवेदक ने गुहार लगाई थी कि गांव वालों ने उसका बहिष्कार कर दिया है, उसके घर और किराना व आटा चक्की दुकान में आना-जाना बंद कर दिया है और दुकान से लगी जमीन पर कब्जा कर लिया गया है।मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रधान जिला न्यायाधीश के निर्देश पर सचिव श्रीमती आफरीन बानो ने तत्काल दोनों पक्षों और गांव के वरिष्ठ जनों को प्राधिकरण में तलब किया। लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम और पैनल अधिवक्ताओं की उपस्थिति में दोनों पक्षों को विस्तार से समझाइश दी गई और मध्यस्थता का महत्व बताया गया।सचिव के प्रयासों से दोनों पक्षों में आपसी सुलह हो गई और विवाद का शांतिपूर्ण निराकरण हो गया। अब गांव में फिर से सौहार्दपूर्ण माहौल बन गया है।


