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फ़रवरी 20, 2026

बसना पुलिस का बड़ा खुलासा: ग्रामीणों के नाम पर बैंक खाता खुलवाकर करोड़ों का अवैध लेन-देन, गिरोह के तीन आरोपी गिरफ्तार

फ़रवरी 20, 2026

 महासमुन्द पुलिस की म्यूल


अकाउंट मामले पर कार्यवाही

म्यूल अकाउंण्ट से सायबर फ्राड कर करोडो रूपयों की धोखाधडी का पर्दाफ़ाश

दुसरे के बैंक खाते का इस्तेमाल कर किया करोड़ का फ्रॉड लेन देन मे




Mahasamund Sanskar news Gaurav Chandrakar /थाना बसना क्षेत्र के अंतर्गत पुलिस ने बैंकिंग धोखाधड़ी और अवैध लेन-देन के एक बड़े सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। आरोपियों ने ग्रामीण को झांसा देकर उसके नाम पर बैंक खाता और मोबाइल सिम हासिल की और फिर उस खाते के जरिए महज कुछ ही दिनों में 1 करोड़ रुपये से अधिक का संदिग्ध लेन-देन कर डाला।

मामला इस प्रकार से है कि धुमाभांठा निवासी आवेदक सालिकराम यादव ने शिकायत दर्ज कराई थी कि गाँव के ही नरेश राणा ने उसे व्यावसायिक कार्य का बहाना बनाकर झांसा दिया। नरेश ने सालिकराम के नाम पर एक मोबाइल सिम और 'बैंक ऑफ महाराष्ट्र' शाखा बसना में खाता खुलवाया। इसके बाद आरोपी नरेश राणा ने कन्हैया साव (निवासी बंसुला) के साथ मिलकर एटीएम कार्ड और पासबुक यह कहकर ले ली कि वे इसे 8-10 दिनों के लिए व्यापारिक उपयोग में लेंगे।

करोड़ों का 'ब्लैक' ट्रांजैक्शन

जांच में खुलासा हुआ कि आरोपियों ने आवेदक के इस खाते को तिल्दा निवासी बिनोद रिजवानी को सौंप दिया था। शातिर आरोपियों ने अवैध लाभ कमाने के उद्देश्य से इस खाते का उपयोग धोखाधड़ी की रकम को ठिकाने लगाने के लिए किया। पुलिस की शुरुआती जांच में सालिकराम के खाते से 1 करोड़ 2 लाख 55 हजार रुपये से अधिक का संदिग्ध ट्रांजैक्शन पाया गया है।

पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी-

आवेदक की रिपोर्ट पर थाना बसना पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 72/26 दर्ज किया है। पुलिस ने नए कानून के तहत धारा 318(4), 317(4), और 61(2) बीएनएस (BNS) के तहत मामला दर्ज कर आरोपियों को हिरासत में ले लिया है। आरोपियों को न्यायालय में पेश कर रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

सावधान रहें आम जन

महासमुन्द पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति या परिचित को भी अपने बैंक दस्तावेज, सिम कार्ड, पासबुक या एटीएम न दें। धोखाधड़ी करने वाले गिरोह सीधे-सादे ग्रामीणों को लालच देकर उनके खातों का उपयोग अवैध धन के लेन-देन (Money Laundering) के लिए कर रहे हैं।

वर्तमान में पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रही है ताकि इस गिरोह से जुड़े अन्य मास्टरमाइंडों का पूरी तरह खुलासा किया जा सके।



*गिरफ्तार आरोपी-*

1. नरेश राणा पिता दिलिप राणा उम्र 28 साल निवासी धुमाभांठा चौकी भंवरपुर थाना बसना जिला महासमुन्द छग। 

2. कन्हैया लाल साव पिता उत्तम यादव उम्र 30 साल निवासी बन्सुला थाना बसना जिला महासमुन्द छग। 

3. विनोद रिजवानी पिता मुरली रिजवानी उम्र 28 साल निवासी तिल्दा थाना तिल्दा नेवरा जिला रायपुर छग।

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मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन आज 21 फरवरी 2026 को विशेष गहन पुनरीक्षण 2026

फ़रवरी 20, 2026
मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन आज 21 फरवरी 2026 को विशेष गहन पुनरीक्षण 2026




*महासमुंद संस्कार न्यूज़ गौरव चंद्राकर*/ भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार अर्हता तिथि 01 जनवरी 2026 के संदर्भ में प्रदेश में मतदाता सूची को शुद्ध, पारदर्शी एवं त्रुटि रहित बनाने के उद्देश्य से विशेष गहन पुनरीक्षण 2026 की प्रक्रिया तीव्र गति से संचालित की जा रही है। एसआईआर के अंतर्गत ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन दिनांक 23 दिसंबर 2025 को किया गया था। इसके उपरांत दावे एवं आपत्तियां प्राप्त करने की प्रक्रिया 23 दिसंबर 2025 से 22 जनवरी 2026 तक पूर्ण की गई। वर्तमान में प्राप्त दावों एवं आपत्तियों पर सुनवाई तथा दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया 14 फरवरी 2026 तक की गई।

एसआईआर की गणना चरण के दौरान प्राप्त गणना प्रपत्रों के आधार पर, जिन मतदाताओं का मिलान वर्ष 2003 की विशेष गहन पुनरीक्षण (एआईआर) मतदाता सूची से नहीं हो पाया, उन्हें संबंधित विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा नियमानुसार दस्तावेज प्रस्तुत करने हेतु नोटिस जारी किए गए। सभी संबंधित मतदाताओं को सुनवाई का पूर्ण अवसर प्रदान किया गया। सुनवाई के दौरान भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मान्य 13 निर्धारित दस्तावेजों में से आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत किए गए। ड्राफ्ट मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद दावा-आपत्ति अवधि के दौरान जिन वैध मतदाताओं का नाम सूची में शामिल नहीं था, उन्होंने नाम जोड़ने के लिए प्रपत्र-6, मतदाता विवरण में सुधार हेतु घोषणा पत्र सहित प्रपत्र-8 तथा नाम विलोपन अथवा आपत्ति के लिए घोषणा पत्र सहित प्रपत्र-7 प्रस्तुत किए।

भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से दावा-आपत्ति अवधि (23 दिसंबर 2025 से 22 जनवरी 2026) के दौरान विधानसभा स्तर पर निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा साप्ताहिक बैठकें आयोजित की गईं। इन बैठकों में प्रति सप्ताह प्राप्त दावों एवं आपत्तियों की सूची मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ साझा की गई, ताकि राजनीतिक दलों द्वारा सूचियों का अवलोकन कर पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने एवं अपात्र मतदाताओं के नाम विलोपन की प्रक्रिया में आवश्यक सहयोग प्रदान किया जा सके।

दावों एवं आपत्तियों की सुनवाई तथा सत्यापन प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात पात्र पाए गए आवेदनों का विधिवत निस्तारण किया जा रहा है तथा 21 फरवरी 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा। विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान प्राप्त सभी दावा-आपत्तियों की सूची मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, छत्तीसगढ़ की आधिकारिक वेबसाइट https://ceocg.gov.in पर उपलब्ध है, जिसका अवलोकन राज्य का कोई भी नागरिक कर सकता है।

मतदाता सूची से नाम विलोपन को लेकर फैलाए जा रहे दावे भ्रामक हैं। मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 22 के अंतर्गत, किसी भी मतदाता का नाम केवल निम्नलिखित तीन विशेष परिस्थितियों में ही हटाया जा सकता है मतदाता की मृत्यु होने पर, मतदाता के निवास स्थान का स्थायी रूप से अन्यत्र स्थानांतरण होने पर और मतदाता का नाम दोहरा दर्ज होने की स्थिति में। विशेष गहन पुनरीक्षण एक नियमित, निष्पक्ष एवं विधि सम्मत प्रक्रिया है, जिसका उद्देश्य किसी भी पात्र मतदाता को वंचित करना नहीं, बल्कि मतदाता सूची को अधिक विश्वसनीय एवं पारदर्शी बनाना है। 



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February 20, 2026 at 07:22PM
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मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन आज 21 फरवरी 2026 को विशेष गहन पुनरीक्षण 2026

फ़रवरी 20, 2026




*महासमुंद संस्कार न्यूज़ गौरव चंद्राकर*/ भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार अर्हता तिथि 01 जनवरी 2026 के संदर्भ में प्रदेश में मतदाता सूची को शुद्ध, पारदर्शी एवं त्रुटि रहित बनाने के उद्देश्य से विशेष गहन पुनरीक्षण 2026 की प्रक्रिया तीव्र गति से संचालित की जा रही है। एसआईआर के अंतर्गत ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन दिनांक 23 दिसंबर 2025 को किया गया था। इसके उपरांत दावे एवं आपत्तियां प्राप्त करने की प्रक्रिया 23 दिसंबर 2025 से 22 जनवरी 2026 तक पूर्ण की गई। वर्तमान में प्राप्त दावों एवं आपत्तियों पर सुनवाई तथा दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया 14 फरवरी 2026 तक की गई।

एसआईआर की गणना चरण के दौरान प्राप्त गणना प्रपत्रों के आधार पर, जिन मतदाताओं का मिलान वर्ष 2003 की विशेष गहन पुनरीक्षण (एआईआर) मतदाता सूची से नहीं हो पाया, उन्हें संबंधित विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा नियमानुसार दस्तावेज प्रस्तुत करने हेतु नोटिस जारी किए गए। सभी संबंधित मतदाताओं को सुनवाई का पूर्ण अवसर प्रदान किया गया। सुनवाई के दौरान भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मान्य 13 निर्धारित दस्तावेजों में से आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत किए गए। ड्राफ्ट मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद दावा-आपत्ति अवधि के दौरान जिन वैध मतदाताओं का नाम सूची में शामिल नहीं था, उन्होंने नाम जोड़ने के लिए प्रपत्र-6, मतदाता विवरण में सुधार हेतु घोषणा पत्र सहित प्रपत्र-8 तथा नाम विलोपन अथवा आपत्ति के लिए घोषणा पत्र सहित प्रपत्र-7 प्रस्तुत किए।

भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से दावा-आपत्ति अवधि (23 दिसंबर 2025 से 22 जनवरी 2026) के दौरान विधानसभा स्तर पर निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा साप्ताहिक बैठकें आयोजित की गईं। इन बैठकों में प्रति सप्ताह प्राप्त दावों एवं आपत्तियों की सूची मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ साझा की गई, ताकि राजनीतिक दलों द्वारा सूचियों का अवलोकन कर पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने एवं अपात्र मतदाताओं के नाम विलोपन की प्रक्रिया में आवश्यक सहयोग प्रदान किया जा सके।

दावों एवं आपत्तियों की सुनवाई तथा सत्यापन प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात पात्र पाए गए आवेदनों का विधिवत निस्तारण किया जा रहा है तथा 21 फरवरी 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा। विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान प्राप्त सभी दावा-आपत्तियों की सूची मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, छत्तीसगढ़ की आधिकारिक वेबसाइट https://ceocg.gov.in पर उपलब्ध है, जिसका अवलोकन राज्य का कोई भी नागरिक कर सकता है।

मतदाता सूची से नाम विलोपन को लेकर फैलाए जा रहे दावे भ्रामक हैं। मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 22 के अंतर्गत, किसी भी मतदाता का नाम केवल निम्नलिखित तीन विशेष परिस्थितियों में ही हटाया जा सकता है मतदाता की मृत्यु होने पर, मतदाता के निवास स्थान का स्थायी रूप से अन्यत्र स्थानांतरण होने पर और मतदाता का नाम दोहरा दर्ज होने की स्थिति में। विशेष गहन पुनरीक्षण एक नियमित, निष्पक्ष एवं विधि सम्मत प्रक्रिया है, जिसका उद्देश्य किसी भी पात्र मतदाता को वंचित करना नहीं, बल्कि मतदाता सूची को अधिक विश्वसनीय एवं पारदर्शी बनाना है। 


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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ समृद्धि की ओर अग्रसर: येतराम साहू

फ़रवरी 20, 2026
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ समृद्धि की ओर अग्रसर: येतराम साहू
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ समृद्धि की ओर अग्रसर: येतराम साहू

 सेवा–सुशासन–संकल्प दिवस” के रूप में मनाया जाएगा। 


महासमुंद संस्कार न्यूज़ गौरव चंद्राकर /भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष श्री येतराम साहू ने प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के 62 वें जन्मदिवस के अवसर पर उन्हें शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनके कुशल, दूरदर्शी एवं संवेदनशील नेतृत्व में छत्तीसगढ़ विकास के स्वर्णिम अध्याय की ओर अग्रसर है। श्री साहू ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय के जन्म दिवस 21 फरवरी को भाजपा परिवार द्वारा “सेवा–सुशासन–संकल्प दिवस” के रूप में मनाया जाएगा। यह दिवस प्रदेश के सर्वांगीण विकास और जनकल्याण के संकल्प को पुनः दृढ़ करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में प्रदेश में अनेक ऐतिहासिक एवं जनहितकारी निर्णय लिए गए हैं। किसानों के हित में धान खरीदी व्यवस्था को सुदृढ़ किया गया तथा कृषि क्षेत्र को नई ऊर्जा प्रदान की गई। महिलाओं के सशक्तिकरण हेतु विभिन्न योजनाओं के माध्यम से आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिला। युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों का विस्तार किया गया है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गरीब परिवारों को पक्के आवास उपलब्ध कराए जा रहे हैं। सड़क, पुल एवं अधोसंरचना विकास के कार्यों को गति दी गई है, जिससे गांव-गांव तक विकास की रोशनी पहुंच रही है। स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार एवं शिक्षा व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण के लिए ठोस कदम उठाए गए हैं। बस्तर सहित संवेदनशील क्षेत्रों में शांति स्थापना एवं सुरक्षा व्यवस्था को सशक्त कर विकास का मार्ग प्रशस्त किया गया है। श्री साहू ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही की नई परंपरा स्थापित हुई है। सरकार की योजनाएं समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रही हैं, जिससे प्रदेश के हर वर्ग में विश्वास और संतोष का वातावरण निर्मित हुआ है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय छत्तीसगढ़ को आत्मनिर्भर, समृद्ध एवं वैश्विक पहचान दिलाने के लिए सतत प्रयासरत हैं।


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February 20, 2026 at 06:45PM
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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ समृद्धि की ओर अग्रसर: येतराम साहू

फ़रवरी 20, 2026
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ समृद्धि की ओर अग्रसर: येतराम साहू

 सेवा–सुशासन–संकल्प दिवस” के रूप में मनाया जाएगा। 


महासमुंद संस्कार न्यूज़ गौरव चंद्राकर /भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष श्री येतराम साहू ने प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के 62 वें जन्मदिवस के अवसर पर उन्हें शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनके कुशल, दूरदर्शी एवं संवेदनशील नेतृत्व में छत्तीसगढ़ विकास के स्वर्णिम अध्याय की ओर अग्रसर है। श्री साहू ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय के जन्म दिवस 21 फरवरी को भाजपा परिवार द्वारा “सेवा–सुशासन–संकल्प दिवस” के रूप में मनाया जाएगा। यह दिवस प्रदेश के सर्वांगीण विकास और जनकल्याण के संकल्प को पुनः दृढ़ करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में प्रदेश में अनेक ऐतिहासिक एवं जनहितकारी निर्णय लिए गए हैं। किसानों के हित में धान खरीदी व्यवस्था को सुदृढ़ किया गया तथा कृषि क्षेत्र को नई ऊर्जा प्रदान की गई। महिलाओं के सशक्तिकरण हेतु विभिन्न योजनाओं के माध्यम से आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिला। युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों का विस्तार किया गया है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गरीब परिवारों को पक्के आवास उपलब्ध कराए जा रहे हैं। सड़क, पुल एवं अधोसंरचना विकास के कार्यों को गति दी गई है, जिससे गांव-गांव तक विकास की रोशनी पहुंच रही है। स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार एवं शिक्षा व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण के लिए ठोस कदम उठाए गए हैं। बस्तर सहित संवेदनशील क्षेत्रों में शांति स्थापना एवं सुरक्षा व्यवस्था को सशक्त कर विकास का मार्ग प्रशस्त किया गया है। श्री साहू ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही की नई परंपरा स्थापित हुई है। सरकार की योजनाएं समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रही हैं, जिससे प्रदेश के हर वर्ग में विश्वास और संतोष का वातावरण निर्मित हुआ है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय छत्तीसगढ़ को आत्मनिर्भर, समृद्ध एवं वैश्विक पहचान दिलाने के लिए सतत प्रयासरत हैं।


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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ समृद्धि की ओर अग्रसर: येतराम साहू

फ़रवरी 20, 2026

 सेवा–सुशासन–संकल्प दिवस” के रूप में मनाया जाएगा। 


महासमुंद संस्कार न्यूज़ गौरव चंद्राकर /भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष श्री येतराम साहू ने प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के 62 वें जन्मदिवस के अवसर पर उन्हें शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनके कुशल, दूरदर्शी एवं संवेदनशील नेतृत्व में छत्तीसगढ़ विकास के स्वर्णिम अध्याय की ओर अग्रसर है। श्री साहू ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय के जन्म दिवस 21 फरवरी को भाजपा परिवार द्वारा “सेवा–सुशासन–संकल्प दिवस” के रूप में मनाया जाएगा। यह दिवस प्रदेश के सर्वांगीण विकास और जनकल्याण के संकल्प को पुनः दृढ़ करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में प्रदेश में अनेक ऐतिहासिक एवं जनहितकारी निर्णय लिए गए हैं। किसानों के हित में धान खरीदी व्यवस्था को सुदृढ़ किया गया तथा कृषि क्षेत्र को नई ऊर्जा प्रदान की गई। महिलाओं के सशक्तिकरण हेतु विभिन्न योजनाओं के माध्यम से आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिला। युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों का विस्तार किया गया है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गरीब परिवारों को पक्के आवास उपलब्ध कराए जा रहे हैं। सड़क, पुल एवं अधोसंरचना विकास के कार्यों को गति दी गई है, जिससे गांव-गांव तक विकास की रोशनी पहुंच रही है। स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार एवं शिक्षा व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण के लिए ठोस कदम उठाए गए हैं। बस्तर सहित संवेदनशील क्षेत्रों में शांति स्थापना एवं सुरक्षा व्यवस्था को सशक्त कर विकास का मार्ग प्रशस्त किया गया है। श्री साहू ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही की नई परंपरा स्थापित हुई है। सरकार की योजनाएं समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रही हैं, जिससे प्रदेश के हर वर्ग में विश्वास और संतोष का वातावरण निर्मित हुआ है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय छत्तीसगढ़ को आत्मनिर्भर, समृद्ध एवं वैश्विक पहचान दिलाने के लिए सतत प्रयासरत हैं।

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फ़रवरी 18, 2026

नीति आयोग की महानिदेशक निधि छिब्बर ने ली आकांक्षी विकासखण्ड एवं संपूर्णता अभियान 2.0 की समीक्षा बैठक

फ़रवरी 18, 2026
नीति आयोग की महानिदेशक निधि छिब्बर ने ली आकांक्षी विकासखण्ड एवं संपूर्णता अभियान 2.0 की समीक्षा बैठक

 आकांक्षी विकासखंड पिथौरा में विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति की विभागीय समीक्षा की।

लक्ष्य पूर्ण होने के बाद भी निरंतरता बनाए रखें - प्रभारी सचिव श्रीमती छिब्बर

शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला बाल विकास सहित अन्य संकेतांक की समीक्षा की गई

आंगनवाड़ी केन्द्र, स्कूल और दुग्ध उत्पादन केन्द्रों का किया निरीक्षण





महासमुंद संस्कार न्यूज़ गौरव चंद्राकर/ महानिदेशक नीति आयोग, नई दिल्ली एवं जिले की प्रभारी सचिव श्रीमती निधि छिब्बर आज आकांक्षी विकासखंड पिथौरा के प्रवास पर रहे। इस दौरान उन्होंने आकांक्षी विकासखंड पिथौरा में विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति की विभागीय समीक्षा की। समीक्षा के दौरान उन्होंने पिथौरा विकासखंड अंतर्गत संचालित आकांक्षी जिला एवं आकांक्षी विकासखंड कार्यक्रमों के तहत शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, कृषि, कौशल विकास, महिला एवं बाल विकास, स्वच्छता तथा आधारभूत संरचना से जुड़ी योजनाओं की स्थिति की जानकारी ली।

श्रीमती छिब्बर ने कहा कि हमें केवल संकेतांको के लक्ष्य को पूर्ण करने में ही ध्यान देने के बजाय उनसे आगे की सोच और एक निरंतर चलने वाली गतिविधि के रूप में अपनाना होगा। उनके गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन और निरंतरता को बनाए रखना भी हमारी जिम्मेदारी है। श्रीमती छिब्बर ने कहा कि कार्यक्रम के क्रियान्वयन के लिए निरंतर समीक्षा होनी चाहिए। जिले में दूध उत्पादन और डेयरी उद्योग में बहुत संभावनाएं हैं। पशुपालन विभाग को इस पर कार्य करने के निर्देश दिए। इसी तरह बैठक के दौरान श्रीमती छिब्बर ने कहा कि महिलाओं को आजीविका संबंधी गतिविधि के लिए पर्याप्त स्थान देने के लिए तथा बैंक लिंकेज से जोड़े। इसके अलावा सतत विकास लक्ष्य के संकेतांको को भी ध्यान रखते हुए कार्य किए जाए। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री हेमंत नंदनवार, नीति आयोग के अपर सचिव श्री सतीश गोस्वामी, संबंधित विभाग के अधिकारी एवं विकासखंड स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

समीक्षा बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारियों द्वारा योजनाओं की अद्यतन प्रगति, उपलब्धियों की जानकारी दी गई। बैठक में बताया गया कि जिले में सम्पूर्णता अभियान 2.0 के अंतर्गत 31 दिसंबर 2025 तक की स्थिति के अनुसार अधिकांश लक्ष्यों को प्राप्त कर लिया गया है तथा निर्धारित लक्ष्य हासिल करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।  जिसमें जन्म के समय जीवित शिशुओं के वजन मापन का प्रतिशत 100 प्रतिशत दर्ज किया गया है। कुल 12,318 नवजात शिशुओं का वजन मापा गया है। फरवरी, मार्च एवं अप्रैल 2026 तक भी इस लक्ष्य को 100 बनाए रखने का लक्ष्य रखा गया है। इसी तरह क्षय रोग के मामलों की अधिसूचना दर 81 प्रतिशत से बढ़कर 100 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। वर्तमान में 1,200 अनुमानित मामलों में से 973 मामलों की पहचान हो चुकी है। आने वाले महीनों में शत-प्रतिशत अधिसूचना का लक्ष्य रखा गया है। इसी तरह ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस के आयोजन में भी निरंतर प्रगति हुई है। दिसंबर 2025 तक 96.09 प्रतिशत आंगनवाड़ी केंद्रों में आयोजन हुआ, जिसे अप्रैल 2026 तक 100 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य है। वर्तमान में 1,793 आंगनवाड़ी केन्द्रों में से 1,723 केंद्रों में यह गतिविधि संचालित हो चुकी है। वहीं जिले के सभी 1,956 विद्यालयों में बालिकाओं के लिए क्रियाशील शौचालय उपलब्ध हैं। इस सूचकांक में जिले ने पहले ही 100 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त कर लिया है। वहीं पशुपालन क्षेत्र में भी जिले ने बेहतर प्रदर्शन किया है। वर्तमान में 99.61 प्रतिशत पशुओं का टीकाकरण हो चुका है। कुल 1,91,341 पशुओं में से 1,90,606 का टीकाकरण किया जा चुका है। अप्रैल 2026 तक इसे 100 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा गया है।

साथ ही जिले के आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम अंतर्गत पिथौरा विकासखंड में संपूर्णता अभियान 2.0 के तहत 28 जनवरी से 14 अप्रैल 2026 तक विभिन्न प्रमुख सूचकांकों पर शत प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा गया है। आकांक्षी विकासखण्ड पिथौरा में 31 दिसंबर 2025 तक आईसीडीएस योजना के तहत 6 माह से 6 वर्ष तक के बच्चों को नियमित अनुपूरक पोषण देने में 86.77 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की है। वर्तमान में 13,107 बच्चों को 21 दिनों से अधिक समय तक पोषण आहार दिया गया, कुल पात्र बच्चों की संख्या 16,800 है। मार्च 2026 तक इसे 95 प्रतिशत और अप्रैल 2026 तक 100 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। वहीं आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों की माप-तौल (वजन व ऊंचाई) की दक्षता 99.86 प्रतिशत रहा है। कुल 13,810 पंजीकृत बच्चों में से लगभग सभी का नियमित मापन किया गया है। आगामी महीनों में इसे पूर्ण 100 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। इसी तरह ब्लॉक के 358 संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों में से 356 में शौचालय की सुविधा उपलब्ध है, जो कि 98.44 प्रतिशत है। वहीं, 349 केंद्रों में पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराई जा चुकी है, जिसे शीघ्र ही सभी केंद्रों तक विस्तारित किया जा रहा है। क्षेत्र के 493 स्कूलों में बालिकाओं के लिए पर्याप्त शौचालय की सुविधा उपलब्ध है। प्रत्येक 40 छात्राओं पर एक शौचालय की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। वहीं पशुधन स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी पिथौरा ब्लॉक ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए एफएमडी (खुरपका-मुंहपका) टीकाकरण अभियान के तहत लक्षित 41,250 गोवंश पशुओं में से 41,324 पशुओं का टीकाकरण कर 100 प्रतिशत से अधिक लक्ष्य प्राप्त किया गया है।

प्रभारी सचिव श्रीमती छिब्बर ने आंगनवाड़ी एवं विद्यालय का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का  लिया जायजा

जिले की प्रभारी सचिव श्रीमती निधि छिब्बर ने विभागीय समीक्षा बैठक के पश्चात आंगनवाड़ी केंद्र एवं विद्यालय का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने लहरौद आंगनवाड़ी केंद्र में बच्चों के पोषण स्तर, नियमित उपस्थिति, टीकाकरण की स्थिति, साफ-सफाई, पेयजल व्यवस्था एवं रजिस्टर संधारण की समीक्षा की। साथ ही गर्भवती एवं धात्री माताओं को प्रदाय की जा रही पोषण सेवाओं की गुणवत्ता की जांच की।

नवीन प्राथमिक विद्यालय लहरौद का निरीक्षण के दौरान उन्होंने कक्षाओं में जाकर विद्यार्थियों से संवाद किया, शैक्षणिक स्तर की जानकारी ली तथा शिक्षण कार्य की गुणवत्ता का अवलोकन किया। उन्होंने मध्यान्ह भोजन योजना, छात्र उपस्थिति, पाठ्य सामग्री की उपलब्धता, स्वच्छता एवं आधारभूत सुविधाओं की भी समीक्षा की। इसके अलावा गोड़बहाल में महिला समूहों द्वारा संचालित दुग्ध व्यवसाय एवं उनके द्वारा की जा रही गतिविधियों का अवलोकन किया तथा महिला समूहों से चर्चा कर आजीविका को बढ़ाने और मार्केटिंग की समुचित व्यवस्था करने के लिए प्रेरित किया।

निरीक्षण के दौरान प्रभारी सचिव ने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को शासन की योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुंचाने, नियमित मॉनिटरिंग करने तथा सेवाओं की गुणवत्ता में निरंतर सुधार लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों का पोषण एवं शिक्षा जिले की प्राथमिकता है। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री हेमंत नंदनवार, एसडीएम श्री बजरंग वर्मा, जनपद सीईओ, विकासखण्ड स्तरीय अधिकारी एवं संबंधित विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।


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February 18, 2026 at 04:52PM
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