पिथौरा संस्कार न्यूज़ गौरव चंद्राकर की रिपोर्ट।/ महासमुंद जिले के सांकरा थाना क्षेत्र अंतर्गत जोंक नदी के पुराने पुल पर 30 अगस्त को हुए भीषण सड़क हादसे के बाद से लापता चल रहे बाइक सवार भागीरथी साहू का शव आज पांचवें दिन बरामद हो गया है। साहू समाज की निरंतर सक्रियता और प्रशासन की तत्परता से चलाया गया सर्च अभियान आखिरकार सफल रहा।
*क्या था पूरा मामला -*
प्राप्त जानकारी के अनुसार 30 अगस्त की शाम जोंक नदी के जर्जर पुराने पुल पर तेज रफ्तार कार और मोटरसाइकिल के बीच आमने-सामने जबरदस्त टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार और मोटरसाइकिल अनियंत्रित होकर पुल की रेलिंग तोड़ते हुए सीधे नीचे नदी में जा गिरी। हादसे में कार चालक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि बाइक सवार ग्राम कौड़िया निवासी भागीरथी साहू नदी के तेज बहाव में बह गया, जिसके बाद से उसका कोई पता नहीं चल रहा था।
समाज की सक्रियता से तेज हुआ रेस्क्यू -*
घटना के बाद से ही साहू समाज में आक्रोश था। समाज के पदाधिकारियों ने प्रशासन पर जल्द खोजबीन का दबाव बनाया। इस दौरान साहू समाज के पूर्व जिलाध्यक्ष धरम दास साहू, पूर्व महामंत्री नोहर दास साहू, कौड़िया परिक्षेत्र क्र. 01 के अध्यक्ष श्यामकुमार साहू, उपाध्यक्ष प्रीतम साहू, संरक्षक गंगा प्रसाद साहू, कौड़िया परिक्षेत्र क्र. 02 के अध्यक्ष रमेश साहू, सलाहकार प्रेम साहू, कोषाध्यक्ष रेखराज सिंह साहू, संगठन सचिव विजयशंकर साहू* सहित बड़ी संख्या में परिजन एवं समाजजन दिन-रात प्रशासन, पुलिस और NDRF, SDRF की टीम के साथ संपर्क बनाए रखे और सर्च ऑपरेशन में डटे रहे।
कलेक्टर के निर्देश पर NDRF और SDRF की टीम ने आधुनिक उपकरणों के साथ नदी में सघन सर्च अभियान चलाया। आज सुबह बसना विधायक डॉ. संपत अग्रवाल भी स्वयं सांकरा पहुंचे और रेस्क्यू ऑपरेशन का जायजा लेकर अधिकारियों को तेजी लाने के निर्देश दिए।
15 किलोमीटर दूर झाड़ियों में फंसा मिला शव -*
लगातार पांच दिनों की कड़ी मशक्कत के बाद आज दोपहर NDRF की टीम को बड़ी सफलता हाथ लगी। लापता भागीरथी साहू का शव दुर्घटना स्थल से लगभग 15 किलोमीटर दूर बहते हुए बलौदाबाजार जिले के चांदन क्षेत्र के पास सुखरी नदी में नगेरी गांव के नजदीक झाड़ियों में फंसा हुआ मिला।
शव मिलने की सूचना पर सांकरा पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई पश्चात पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं शव मिलने के बाद मृतक के गांव कौड़िया में शोक की लहर दौड़ गई है।











