पिथौरा संस्कारी गौरव चंद्राकर की रिपोर्ट /छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के गौरवपूर्ण अवसर पर रॉयल किड्स स्कूल, नयापाराखुर्द, पिथौरा में दिनांक 31 अक्टूबर से 02 नवंबर 2026 तक तीन दिवसीय छत्तीसगढ़ राज्योत्सव का भव्य एवं उत्साहपूर्ण आयोजन किया गया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकसंस्कृति, परंपराओं, कला, इतिहास, विरासत एवं गौरवशाली पहचान से परिचित कराना तथा उनमें अपनी मातृभूमि के प्रति सम्मान और गर्व की भावना विकसित करना था।
तीन दिनों तक विद्यालय परिसर छत्तीसगढ़ी संस्कृति के रंगों से सराबोर रहा। विद्यार्थियों ने विभिन्न रचनात्मक, सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया। आयोजन के अंतर्गत लोककला, चित्रकला, हस्तशिल्प, क्राफ्ट, माटी कला (मूर्तिकला एवं मिट्टी से बनी कलाकृतियाँ), रंगोली, पारंपरिक वेशभूषा, लोकगीत, लोकनृत्य एवं छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक झाँकियों का आकर्षक प्रदर्शन किया गया।
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण छत्तीसगढ़ी लोकपरंपरा पर आधारित बारहमासी नृत्य एवं सांस्कृतिक झाँकी रही, जिसमें विद्यार्थियों ने पारंपरिक वेशभूषा, मनमोहक नृत्य एवं प्रभावशाली प्रस्तुतियों के माध्यम से छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति की सुंदर झलक प्रस्तुत की। बच्चों की प्रस्तुतियों ने उपस्थित सभी लोगों का मन मोह लिया।
राज्योत्सव के अंतिम दिन 02 नवंबर को विशेष समापन समारोह में अतिथि गौरव चंद्राकर जी पत्रकार एवं ब्लॉक मीडिया प्रभारी स्काउट/गाइड ,श्रीमती सुरेखा अवस्थी जी, डायरेक्टर रॉयल किड्स स्कूल,प्राचार्य एम डी सिराज जी रहे । सर्वप्रथम भारत माता एवं छत्तीसग़ढ महतारी के छायाचित्र पर पूजा अर्चना कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।इस अवसर पर छत्तीसगढ़ सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने राज्य के इतिहास, भूगोल, संस्कृति, लोकनायकों, पर्यटन स्थलों, कला एवं परंपराओं से संबंधित प्रश्नों के उत्तर देकर अपनी ज्ञान क्षमता एवं प्रतिभा का परिचय दिया। इसके साथ ही बारहमासी नृत्य एवं सांस्कृतिक झाँकी की विशेष प्रस्तुति ने समारोह को यादगार बना दिया।
इस तीन दिवसीय आयोजन के माध्यम से विद्यार्थियों को केवल मंचीय गतिविधियों तक सीमित न रखकर उन्हें अपनी संस्कृति को जानने, समझने, सृजन करने और अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान किया गया। कला, संस्कृति एवं रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से बच्चों में आत्मविश्वास, सहयोग, नेतृत्व क्षमता एवं सामाजिक-सांस्कृतिक जागरूकता विकसित करने का प्रयास किया गया।
विद्यालय की निर्देशक श्रीमती सुरेखा अवस्थी ने अपने संदेश में कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल पुस्तकीय ज्ञान प्रदान करना नहीं, बल्कि बच्चों को अपनी संस्कृति, परंपराओं और जड़ों से जोड़ना भी है। छत्तीसगढ़ हमारी पहचान और गौरव है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से बच्चों में अपनी मातृभूमि के प्रति प्रेम, सम्मान एवं सांस्कृतिक चेतना विकसित होती है। उन्होंने कहा कि विद्यालय भविष्य में भी विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए इस प्रकार के रचनात्मक एवं सांस्कृतिक आयोजन करता रहेगा।
विद्यालय के प्राचार्य श्री एम.डी. सिराज सहित समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं समीर पटेल , दिलीप निषाद , तरुण शर्मा , मनीष पटेल,मेघा गिरी गोस्वामी, हिमाद्री , जसमीत कौर,प्रियंका सेन, अंशिता तिवारी,स्वाति त्रिवेदी , महिता। साहू , तिलेश्वरी योगी, किरण श्रीवास,किरण यादव,रश्मिता प्रधान, रश्मि दीवान, विजय लक्ष्मी गुप्ता ,लीना पटेल, भीगेश्वरी बंजारा एवं विद्यालय परिवार व बच्चों ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी, शिक्षकों के मार्गदर्शन एवं सहयोग से तीन दिवसीय राज्योत्सव अत्यंत सफल एवं यादगार रहा।
अंत में विद्यालय प्रबंधन द्वारा सभी विद्यार्थियों, अभिभावकों, शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।
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November 2, 2026 at 03:13PM




