कोमाखान में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाएगा महोत्सव, विशाल मेले का भी आयोजन
*कोमाखान संस्कार न्यूज़ गौरव चंद्राकर/* नगर के लगभग 250 वर्ष प्राचीन एवं ऐतिहासिक श्री राधा-कृष्ण, जगन्नाथ एवं हनुमान मंदिर से 16 जुलाई गुरुवार को भव्य श्री जगन्नाथ रथयात्रा निकाली जाएगी। इस अवसर पर रथयात्रा महोत्सव के साथ विशाल मेले का आयोजन भी किया जाएगा। आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह है और तैयारियां अंतिम चरण में हैं।
मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने बताया कि भगवान श्री जगन्नाथ, भगवान बलभद्र एवं देवी सुभद्रा की विशेष पूजा-अर्चना के बाद दोपहर 3 बजे रथयात्रा मंदिर परिसर से प्रारंभ होगी। रथ नगर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरेगा। यात्रा के दौरान जगह-जगह श्रद्धालु प्रभु का स्वागत करेंगे और आरती व पुष्पवर्षा की जाएगी।
*आस्था का प्रतीक है रथयात्रा*
ट्रस्ट ने बताया कि श्री जगन्नाथ रथयात्रा सनातन संस्कृति एवं वैष्णव परंपरा का प्रमुख पर्व है। मान्यता है कि इस दिन भगवान जगन्नाथ अपने भक्तों को दर्शन देने रथ पर विराजमान होकर नगर भ्रमण करते हैं। रथ के दर्शन, स्पर्श और रथ की रस्सी खींचने का विशेष धार्मिक महत्व है। ऐसी मान्यता है कि रथयात्रा में शामिल होने वाले भक्तों पर प्रभु की विशेष कृपा होती है।
कोमाखान की यह रथयात्रा क्षेत्र की प्राचीन धार्मिक परंपरा का प्रतीक है। हर वर्ष इस महोत्सव में नगर सहित आसपास के गांवों से हजारों श्रद्धालु शामिल होते हैं। इस बार भी बड़ी संख्या में भक्तों के पहुंचने की उम्मीद है। मेले में खान-पान, झूले और धार्मिक सामग्री की दुकानें सजेंगी, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठेगा।
*ट्रस्ट ने की तैयारियां*
मंदिर ट्रस्ट द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सुरक्षा, यातायात, साफ-सफाई, पेयजल और प्रसाद वितरण की व्यवस्था की जा रही है। ट्रस्ट ने सभी धर्मप्रेमी नागरिकों से परिवार सहित रथयात्रा में शामिल होकर प्रभु का आशीर्वाद लेने की अपील की है।
ट्रस्ट का संदेश है - “*आओ चलें प्रभु श्री जगन्नाथ के द्वार*”।




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