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सितंबर 07, 2026

जिला साहू संघ महासमुंद की ऐतिहासिक पहल, शिक्षक दिवस पर 280 शिक्षकों एवं सेवानिवृत्त शिक्षकों का हुआ भव्य सम्मान

सितंबर 07, 2026
जिला साहू संघ महासमुंद की ऐतिहासिक पहल, शिक्षक दिवस पर 280 शिक्षकों एवं सेवानिवृत्त शिक्षकों का हुआ भव्य सम्मान

 कर्मा सदन में गरिमामय समारोह, पूर्व सांसद चुन्नीलाल साहू रहे मुख्य अतिथि, प्रो. ढालूराम साहू ने कहा- शिक्षक राष्ट्र निर्माण के आधार हैं*



*महासमुंद संस्कार न्यूज़ गौरव चंद्राकर की रिपोर्ट)।* शिक्षक दिवस के पावन अवसर पर जिला साहू संघ महासमुंद द्वारा कर्मा सदन, महासमुंद में समाज के शिक्षकों के सम्मान में भव्य एवं गरिमामय शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।

जिला साहू संघ द्वारा आयोजित यह आयोजन समाज के शिक्षकों के प्रति सम्मान, कृतज्ञता एवं उनके योगदान को रेखांकित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक, अनुकरणीय एवं प्रेरणादायी पहल के रूप में सामने आया। समारोह में शिक्षा के क्षेत्र में अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे वर्तमान शिक्षक-शिक्षिकाओं के साथ-साथ सेवानिवृत्त शिक्षकों को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में समाज के *कुल 280 शिक्षकों एवं सेवानिवृत्त शिक्षकों* का प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मान किया गया।

समारोह के *मुख्य अतिथि पूर्व सांसद श्री चुन्नीलाल साहू* तथा सभाध्यक्षता जिला साहू संघ के अध्यक्ष *प्रो. ढालूराम साहू* ने की। मंचासीन अतिथियों द्वारा उपस्थित सभी शिक्षकों को प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। सम्मान प्राप्त करने वाले शिक्षकों के चेहरों पर खुशी एवं गर्व का भाव स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।

*शिक्षक समाज एवं राष्ट्र के निर्माण के आधार : प्रो. ढालूराम साहू*

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला साहू संघ के अध्यक्ष प्रो. ढालूराम साहू ने कहा कि शिक्षक केवल विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान प्रदान करने का कार्य नहीं करते, बल्कि उनके व्यक्तित्व निर्माण, संस्कार, अनुशासन, नैतिक मूल्यों एवं जीवन-दृष्टि के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

उन्होंने कहा कि समाज एवं राष्ट्र के निर्माण में शिक्षकों की भूमिका सदैव महत्वपूर्ण रही है। वर्तमान समय में शिक्षा के साथ-साथ संस्कार, नैतिकता, सामाजिक जिम्मेदारी और मानवीय मूल्यों की आवश्यकता और भी बढ़ गई है। ऐसे समय में शिक्षक समाज के लिए मार्गदर्शक और प्रेरणास्रोत की महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने नशा मुक्त समाज की परिकल्पना को साकार करने का भी आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि शिक्षकों का सम्मान वास्तव में शिक्षा, ज्ञान, संस्कार एवं शिक्षक धर्म के प्रति समाज के सम्मान का प्रतीक है।

सेवानिवृत्त शिक्षकों का योगदान स्मरणीय*

समारोह में वक्ताओं ने कहा कि सेवानिवृत्त शिक्षकों का अनुभव, मार्गदर्शन एवं सामाजिक योगदान समाज के लिए अमूल्य है। उन्होंने अपने सेवाकाल में हजारों विद्यार्थियों को शिक्षा एवं संस्कार प्रदान कर समाज निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

कार्यक्रम को सफल बनाने में इनका रहा विशेष योगदान*

इस ऐतिहासिक कार्यक्रम के सफल आयोजन में प्रमुख रूप से *श्री नंदकुमार साहू, डॉ. तरुण साहू, डॉ. देवेंद्र साहू, राजेश साहू, आत्माराम साहू, पवन साहू, नोहर साहू, केवल साहू, अशोक साहू, देवेंद्र साहू, श्रीमती खेमिन साहू, डोलमणी साहू, आकाशकरण साहू, आशीष साहू, टीकम साहू, सी.एल. साहू* एवं जिला साहू संघ की समस्त आयोजक टीम मंडल का प्रमुख योगदान रहा।

*सम्मानित होने वाले प्रमुख शिक्षक-शिक्षिकाएं*

कार्यक्रम में सम्मानित होने वालों में *श्री जितेन्द्र कुमार साहू, श्री देवेंद्र साहू, श्री द्वारिका साहू, श्री भोज साहू, श्री मनोहर साहू, श्री कैलाश साहू, श्री ईश्वरी साहू, श्री मानिक साहू, श्री लक्ष्मण साहू, श्री कोमल साहू, श्री ईश्वर साहू, श्री मोहन साहू, श्री ललित साहू, श्री राधेश्याम साहू, श्री कार्तिक राम साहू, श्री शंकर साहू, श्री मुकेश साहू, श्रीमती मोनिका साहू, श्रीमती क्रांति साहू, श्रीमती खुमलता साहू, श्रीमती गोमेश्वरी साहू, श्रीमती पूर्णिमा साहू, श्रीमती नेहा साहू, श्रीमती पुष्पा साहू, श्रीमती वासना साहू* सहित समाज के 280 शिक्षक एवं सेवानिवृत्त शिक्षक शामिल रहे।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिक्षक, सामाजिक पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं समाज के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। समारोह के अंत में आयोजन को सफल बनाने के लिए जिला साहू संघ महासमुंद की पूरी टीम के प्रति आभार व्यक्त किया गया।







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2026-09-07T14:06:46+05:30

जिला साहू संघ महासमुंद की ऐतिहासिक पहल, शिक्षक दिवस पर 280 शिक्षकों एवं सेवानिवृत्त शिक्षकों का हुआ भव्य सम्मान

सितंबर 07, 2026

 कर्मा सदन में गरिमामय समारोह, पूर्व सांसद चुन्नीलाल साहू रहे मुख्य अतिथि, प्रो. ढालूराम साहू ने कहा- शिक्षक राष्ट्र निर्माण के आधार हैं*



*महासमुंद संस्कार न्यूज़ गौरव चंद्राकर की रिपोर्ट)।* शिक्षक दिवस के पावन अवसर पर जिला साहू संघ महासमुंद द्वारा कर्मा सदन, महासमुंद में समाज के शिक्षकों के सम्मान में भव्य एवं गरिमामय शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।

जिला साहू संघ द्वारा आयोजित यह आयोजन समाज के शिक्षकों के प्रति सम्मान, कृतज्ञता एवं उनके योगदान को रेखांकित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक, अनुकरणीय एवं प्रेरणादायी पहल के रूप में सामने आया। समारोह में शिक्षा के क्षेत्र में अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे वर्तमान शिक्षक-शिक्षिकाओं के साथ-साथ सेवानिवृत्त शिक्षकों को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में समाज के *कुल 280 शिक्षकों एवं सेवानिवृत्त शिक्षकों* का प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मान किया गया।

समारोह के *मुख्य अतिथि पूर्व सांसद श्री चुन्नीलाल साहू* तथा सभाध्यक्षता जिला साहू संघ के अध्यक्ष *प्रो. ढालूराम साहू* ने की। मंचासीन अतिथियों द्वारा उपस्थित सभी शिक्षकों को प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। सम्मान प्राप्त करने वाले शिक्षकों के चेहरों पर खुशी एवं गर्व का भाव स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।

*शिक्षक समाज एवं राष्ट्र के निर्माण के आधार : प्रो. ढालूराम साहू*

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला साहू संघ के अध्यक्ष प्रो. ढालूराम साहू ने कहा कि शिक्षक केवल विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान प्रदान करने का कार्य नहीं करते, बल्कि उनके व्यक्तित्व निर्माण, संस्कार, अनुशासन, नैतिक मूल्यों एवं जीवन-दृष्टि के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

उन्होंने कहा कि समाज एवं राष्ट्र के निर्माण में शिक्षकों की भूमिका सदैव महत्वपूर्ण रही है। वर्तमान समय में शिक्षा के साथ-साथ संस्कार, नैतिकता, सामाजिक जिम्मेदारी और मानवीय मूल्यों की आवश्यकता और भी बढ़ गई है। ऐसे समय में शिक्षक समाज के लिए मार्गदर्शक और प्रेरणास्रोत की महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने नशा मुक्त समाज की परिकल्पना को साकार करने का भी आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि शिक्षकों का सम्मान वास्तव में शिक्षा, ज्ञान, संस्कार एवं शिक्षक धर्म के प्रति समाज के सम्मान का प्रतीक है।

सेवानिवृत्त शिक्षकों का योगदान स्मरणीय*

समारोह में वक्ताओं ने कहा कि सेवानिवृत्त शिक्षकों का अनुभव, मार्गदर्शन एवं सामाजिक योगदान समाज के लिए अमूल्य है। उन्होंने अपने सेवाकाल में हजारों विद्यार्थियों को शिक्षा एवं संस्कार प्रदान कर समाज निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

कार्यक्रम को सफल बनाने में इनका रहा विशेष योगदान*

इस ऐतिहासिक कार्यक्रम के सफल आयोजन में प्रमुख रूप से *श्री नंदकुमार साहू, डॉ. तरुण साहू, डॉ. देवेंद्र साहू, राजेश साहू, आत्माराम साहू, पवन साहू, नोहर साहू, केवल साहू, अशोक साहू, देवेंद्र साहू, श्रीमती खेमिन साहू, डोलमणी साहू, आकाशकरण साहू, आशीष साहू, टीकम साहू, सी.एल. साहू* एवं जिला साहू संघ की समस्त आयोजक टीम मंडल का प्रमुख योगदान रहा।

*सम्मानित होने वाले प्रमुख शिक्षक-शिक्षिकाएं*

कार्यक्रम में सम्मानित होने वालों में *श्री जितेन्द्र कुमार साहू, श्री देवेंद्र साहू, श्री द्वारिका साहू, श्री भोज साहू, श्री मनोहर साहू, श्री कैलाश साहू, श्री ईश्वरी साहू, श्री मानिक साहू, श्री लक्ष्मण साहू, श्री कोमल साहू, श्री ईश्वर साहू, श्री मोहन साहू, श्री ललित साहू, श्री राधेश्याम साहू, श्री कार्तिक राम साहू, श्री शंकर साहू, श्री मुकेश साहू, श्रीमती मोनिका साहू, श्रीमती क्रांति साहू, श्रीमती खुमलता साहू, श्रीमती गोमेश्वरी साहू, श्रीमती पूर्णिमा साहू, श्रीमती नेहा साहू, श्रीमती पुष्पा साहू, श्रीमती वासना साहू* सहित समाज के 280 शिक्षक एवं सेवानिवृत्त शिक्षक शामिल रहे।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिक्षक, सामाजिक पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं समाज के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। समारोह के अंत में आयोजन को सफल बनाने के लिए जिला साहू संघ महासमुंद की पूरी टीम के प्रति आभार व्यक्त किया गया।






सितंबर 06, 2026

पिथौरा वासियों के लिए खुशखबरी : अब रायपुर नहीं जाना पड़ेगा, MD मेडिसिन डॉ. कुलवंत अजमानी देंगे अपने गृह नगर में नियमित सेवाएं

सितंबर 06, 2026

 हर माह पहले और चौथे रविवार को गजानंद अस्पताल में करेंगे मरीजों का इलाज, कोरोना योद्धा डॉक्टर का युवाओं ने किया भव्य स्वागत*


*पिथौरा संस्कार न्यूज़ गौरव चंद्राकर की रिपोर्ट)।* पिथौरा अंचल के मरीजों के लिए राहत भरी बड़ी खबर है। अब गंभीर बीमारियों के बेहतर इलाज और विशेषज्ञ परामर्श के लिए राजधानी रायपुर के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। क्षेत्र के लाल, समाज के गौरव और प्रसिद्ध MD मेडिसिन विशेषज्ञ *डॉ. कुलवंत अजमानी* ने अपने गृह अंचल की सेवा का संकल्प लिया है।

डॉ. अजमानी अब नियमित रूप से प्रत्येक माह के *पहले और चौथे रविवार* को पिथौरा टप्पा स्थित *गजानंद अस्पताल* में अपनी सेवाएं देंगे। यहां वे सुबह से मरीजों का परीक्षण, परामर्श और उपचार करेंगे।

कोरोना काल के हीरो का युवाओं ने किया सम्मान -*

डॉ. अजमानी के नगर आगमन की खबर मिलते ही समाज के युवाओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। रविवार को दीपक सलूजा, परमीत सिंह माटा, प्रिंस सलूजा, रौनक सलूजा, गंभीर सलूजा सहित बड़ी संख्या में युवाओं ने अस्पताल पहुंचकर पुष्पगुच्छ और साल-श्रीफल से उनका आत्मीय अभिनंदन किया।

युवाओं ने कहा कि डॉ. अजमानी ने MD मेडिसिन कर न सिर्फ समाज बल्कि पूरे पिथौरा अंचल का नाम रोशन किया है। व्यस्ततम दिनचर्या के बावजूद अपने क्षेत्र के लिए समय निकालना उनकी सच्ची सेवा-भावना का प्रतीक है। बता दें कि कोरोना महामारी के कठिन दौर में भी डॉ. अजमानी ने फ्रंट लाइन पर रहकर मरीजों की जान बचाई थी, जिसके लिए उन्हें तत्कालीन मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित भी किया गया था।

उनके पिथौरा में नियमित सेवा देने से पिथौरा सहित बसना, सरायपाली और आसपास के सैकड़ों गांवों के जरूरतमंद मरीजों को समय पर और किफायती दर पर उच्च स्तरीय इलाज मिल सकेगा।

शिक्षक दिवस पर तूता मैदान में हजारों TET शिक्षकों का महाजुटान, पदोन्नति न्याय सत्याग्रह से गूंजा नवा रायपुर

सितंबर 06, 2026

 बोले शिक्षक : सुप्रीम कोर्ट के फैसले और शासन के राजपत्र के अनुसार हो पदोन्नति, 14 हजार पद खाली होने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित




*रायपुर / नवा रायपुर संस्कार न्यूज़ - गौरव चंद्राकर)।* शिक्षक दिवस 5 सितम्बर के अवसर पर छत्तीसगढ़ के TET (शिक्षक पात्रता परीक्षा) उत्तीर्ण हजारों शिक्षकों ने नवा रायपुर के तूता मैदान में एकत्र होकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। *TET उत्तीर्ण शिक्षक कल्याण संघ छत्तीसगढ़* के नेतृत्व में शिक्षकों ने *'TET आधारित पदोन्नति न्याय सत्याग्रह'* किया और शिक्षा मंत्री निवास के घेराव के लिए रैली निकाली।

प्रदेश के सभी जिलों से आए पात्रता धारी शिक्षकों ने एक स्वर में मांग की कि उनकी पदोन्नति माननीय सर्वोच्च न्यायालय के ऐतिहासिक निर्णय, NCTE की गाइडलाइन और छत्तीसगढ़ शासन के राजपत्र में उल्लेखित नियमों के आधार पर तुरंत की जाए।

*बच्चों के भविष्य के लिए नियम सम्मत पदोन्नति जरूरी -*

संघ के अध्यक्ष ने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए प्राथमिक और माध्यमिक शालाओं में विषय विशेषज्ञ और पूर्णतः पात्रता प्राप्त शिक्षकों का होना अनिवार्य है। यदि राजपत्र के अनुसार TET अनिवार्य करते हुए पदोन्नति की जाती है तो स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों को विषय के अनुकूल योग्य, अनुभवी शिक्षक मिल सकेंगे। इससे शिक्षण व्यवस्था मजबूत होगी और प्रधान पाठकों के पद भरने से प्रशासनिक कसावट आएगी।

उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय और राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) ने अपने आदेशों में साफ किया है कि शिक्षकों की भर्ती और पदोन्नति दोनों में ही TET की योग्यता अनिवार्य है। छत्तीसगढ़ शासन के राजपत्र में भी इसके प्रावधान मौजूद हैं। इसके बावजूद विभाग द्वारा देरी से योग्यताधारी शिक्षकों में भारी असंतोष है। बिना TET योग्यता वाले शिक्षकों को पदोन्नत करना नियमों का सीधा उल्लंघन होगा।

*विभाग की लापरवाही से सूची तक जारी नहीं -*

शिक्षकों ने बताया कि शिक्षा विभाग द्वारा पदोन्नति हेतु 30 जून, 10 अगस्त एवं 30 अगस्त को समय-सीमा निर्धारित कर पत्र जारी किए गए थे, किंतु आज तक कहीं पर सिर्फ सूची का प्रकाशन हो पाया है तो कहीं धरातल पर कोई कार्रवाई ही नहीं हुई है।

*वर्तमान स्थिति अत्यंत चिंताजनक -*

1. प्रदेश के माध्यमिक विद्यालयों में विषय-विशेषज्ञ शिक्षकों के *14,000 पद* खाली पड़े हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है।

2. प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं में *4,000 के करीब प्रधान पाठक* के पद रिक्त होने से शैक्षणिक व प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है।

3. व्याख्याता के पदों पर भी पदोन्नतियां वर्षों से लंबित हैं।

4. कक्षा 6 से 12 तक के शालाओं में 50% पदों को केवल पदोन्नति से ही भरा जा सकता है, इसलिए पदोन्नति देने से शिक्षकों की कमी बहुत हद तक दूर होगी।

संघ ने कहा कि शिक्षा विभाग के अलावा अन्य सभी विभागों में प्रत्येक वर्ष पदोन्नति प्रक्रिया अपनाई जाती है, मगर अत्यंत खेद का विषय है कि शिक्षा विभाग में वर्षों से पदोन्नति नहीं हुई है। शालाओं में बच्चों और पालकों द्वारा लगातार शिक्षकों की कमी को लेकर मांग की जा रही है।

अंत में शिक्षकों ने माननीय मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री से अपील की कि वे इस संवेदनशील विषय पर तत्काल संज्ञान लें और छत्तीसगढ़ के नौनिहालों के भविष्य तथा योग्य शिक्षकों के सम्मान में नियम सम्मत त्वरित निर्णय लेते हुए वरिष्ठता सूची और पदोन्नति आदेश जारी करें।

बानीगिरोला में हर्षोल्लास से मना शिक्षक दिवस, गुरुजनों का हुआ भव्य सम्मान*

सितंबर 06, 2026

 सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समां, मेधावी छात्रों को किया गया पुरस्कृत*



*सरायपाली / बानीगिरोला (संस्कार न्यूज़ की रिपोर्ट - गौरव चंद्राकर)।* शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बानीगिरोला में शिक्षक दिवस के अवसर पर भव्य सम्मान समारोह का आयोजन हर्षोल्लास के साथ किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ संस्था प्रमुख प्राचार्य *भोग सिंह भोई* एवं वरिष्ठ व्याख्याता *अभिमन्यु चौधरी* द्वारा भारत के पूर्व राष्ट्रपति, महान शिक्षाविद् डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के छायाचित्र पर माल्यार्पण एवं पूजा-अर्चना के साथ हुआ।

गुरुजनों का किया आत्मीय सम्मान -*

छात्र-छात्राओं ने अपने गुरुजनों को तिलक लगाकर, पुष्पगुच्छ भेंट कर श्रीफल, लेखनी और अंगवस्त्र से ससम्मान सम्मानित किया। संस्था प्रमुख ने केक काटकर बच्चों का उत्साहवर्धन किया।

*सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समां -*

छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने उपस्थित सभी लोगों को अंत तक बांधे रखा।

अपने उद्बोधन में प्राचार्य भोग सिंह भोई ने डॉ. राधाकृष्णन के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि *एआई के इस दौर में भी शिक्षक की महत्ता और प्रासंगिकता कम नहीं हुई है, बल्कि और बढ़ गई है।*

*मेधावी छात्र हुए पुरस्कृत -*

कार्यक्रम के दौरान *अराध्या स्टेशनरी एवं शारदा स्टेशनरी, सरायपाली* के सौजन्य से कक्षा 10वीं एवं 12वीं में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को मोमेंटो एवं पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर अभिमन्यु चौधरी, त्रिलोचन बाघ, डॉ. मुकेश चौधरी, श्रीमती रिंकी उबोवेजा, श्रीमती प्रज्ञा शर्मा, नेहा ओगरे, चेतना निबरगिया, अंकिता साहू, धर्मसागर पटेल, सावित्री बरिहा, यामिनी पटेल, गिरोला पटेल सहित समस्त स्टाफ उपस्थित रहा।

कार्यक्रम का सफल संचालन शाला नायक *तेजस्विनी पटेल* ने किया।

शासकीय कन्या शाला सांकरा में हर्षोल्लास से मनाया गया शिक्षक दिवस

सितंबर 06, 2026

छात्राओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से बांधा समां, शिक्षिकाओं का तिलक लगाकर किया सम्मान


पिथौरा संस्कार न्यूज़ गौरव चंद्राकर की रिपोर्ट /स्थानीय शासकीय कन्या पूर्व माध्यमिक शाला सांकरा में शिक्षक दिवस का पर्व बड़े ही हर्षोल्लास और सांस्कृतिक उमंग के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत भारत के पूर्व राष्ट्रपति व महान शिक्षाविद् डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी के तैलचित्र पर दीप प्रज्वलन एवं पूजा-अर्चना के साथ हुई।

इस गरिमामयी अवसर पर विद्यालय की छात्राओं ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। बच्चों द्वारा मनमोहक लोक नृत्यों और गीतों की प्रस्तुति ने उपस्थित जनों का मन मोह लिया। छात्राओं ने अपने गुरुओं के प्रति कृतज्ञता प्रकट करते हुए शाला की *प्रधान पाठिका श्रीमती खेमलता प्रधान जी* एवं *शिक्षिका श्रीमती पुष्पलता जी शुक्ला* का तिलक लगाकर और स्मृति चिन्ह भेंट कर विशेष सम्मान किया।

प्रधान पाठिका ने अपने उद्बोधन में डॉ. राधाकृष्णन के जीवन पर प्रकाश डालते हुए छात्राओं को शिक्षा के महत्व को बताया।

मारवाड़ी युवा मंच ने भी किया सम्मान -*

इसी दौरान सांकरा की प्रतिष्ठित समाजसेवी संस्था मारवाड़ी युवा मंच के सदस्य भी विद्यालय पहुंचे और राष्ट्र निर्माता शिक्षकों का आदर-सत्कार कर उन्हें सम्मानित किया। इस सराहनीय पहल के लिए विद्यालय परिवार ने मारवाड़ी युवा मंच के प्रति आभार व्यक्त किया।

गड़बेड़ा में यादव समाज का बड़ा आयोजन - मुख्य अतिथि मुकेश यादव बोले, कृष्ण के कर्मयोग को अपनाओ*

सितंबर 06, 2026
गड़बेड़ा में यादव समाज का बड़ा आयोजन - मुख्य अतिथि मुकेश यादव बोले, कृष्ण के कर्मयोग को अपनाओ*
गड़बेड़ा में यादव समाज का बड़ा आयोजन - मुख्य अतिथि मुकेश यादव बोले, कृष्ण के कर्मयोग को अपनाओ*
गड़बेड़ा में यादव समाज का बड़ा आयोजन - मुख्य अतिथि मुकेश यादव बोले, कृष्ण के कर्मयोग को अपनाओ*

 राउत नृत्य और झांकियों के साथ निकली शोभायात्रा, मटकी फोड़ बना आकर्षण


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*पिथौरा संस्कार न्यूज़ गौरव चंद्राकर की रिपोर्ट।* पिथौरा विकासखंड पिथौरा के ग्राम गड़बेड़ा में यादव समाज एवं सर्व समाज के सहयोग से श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व अत्यंत हर्षोल्लास एवं भक्तिमय माहौल में मनाया गया। इस अवसर पर पूरे गांव में उत्सव जैसा माहौल रहा।

सुबह से ही मंदिरों में भजन-कीर्तन का दौर चलता रहा। शाम होते ही आकर्षक झांकियों और पारंपरिक वेशभूषा में सजे राउत नर्तक दल के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं की जीवंत झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। ढोल-मांदल की थाप पर नाचते-गाते ग्रामीणों ने पूरे गांव का भ्रमण किया और चौक-चौराहों पर बंधी मटकियों को फोड़कर कृष्ण जन्मोत्सव मनाया।

*मुख्य अतिथि मुकेश यादव ने दिया एकता का संदेश -*

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि *पूर्व जनपद पंचायत उपाध्यक्ष मुकेश यादव* ने सभा को संबोधित करते हुए कहा - 

"भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण ही हमारे जीवन के आधार हैं। इस संसार में दो ही नाम हैं, राम कहो या कृष्ण। हमारे देश के दो महानायक रहे हैं जिनका जीवन आदर्श युगों-युगों तक मानवता को दिशा देता रहेगा। हमें उनके बताए सत्य, प्रेम और कर्म के मार्ग पर चलकर भाईचारे के साथ रहना चाहिए।"_

उन्होंने आगे कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन केवल पर्व नहीं, बल्कि गांव की एकता और संस्कृति को मजबूत करने का माध्यम हैं। अपने उद्बोधन के बाद उन्होंने कबीर का दोहा सुनाया और राउत दल के साथ खुद भी नृत्य करने लगे, जिससे पूरा माहौल कृष्णमय हो गया।

अतिथियों ने रखे विचार -*

सभाध्यक्ष बुंदाबाई नायक ने कहा कि कृष्ण के आदर्शों पर चलकर ही हम आदर्श ग्राम की कल्पना को साकार कर सकते हैं। विशेष अतिथि उमेश दीक्षित ने कहा कि भारत संस्कृति प्रधान देश है, जहां हर अवसर पर सत्यानारायण कथा और रामायण जैसे कार्यक्रम समाज को जोड़ते हैं। उपसरपंच मोहित यादव ने समग्र ग्राम विकास की बात कही, वहीं सरपंच प्रतिनिधि लोकनायक ने कहा कि अधर्म बढ़ने पर भगवान अवतार लेते हैं। पूर्व उपसरपंच महेश्वर उर्फ चीनी भाई पटेल ने कहा कि निरंतर होने वाले धार्मिक आयोजनों से ही गांव में एकता बनी रहती है।

*ये रहे उपस्थित -*

कार्यक्रम में द्वारिका यादव (समाज अध्यक्ष), लालाराम नाग, लकेश साहू, शिक्षक नरेंद्र पटेल, माधव लाल साहू, राधेश्याम पटेल, श्रीमती विमला धृतलहरे, रूकसार बेगम सहित रामचरण यादव, बरबारी यादव, छबी यादव, नारायण यादव, परमानंद यादव, प्रीत यादव, रामजी यादव, गौरी प्रसाद, तिजऊ यादव, गेंदराम यादव, जुगल किशोर यादव सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

कार्यक्रम का संचालन भगवान दास यादव और टीकाराम पटेल ने किया। अंत में प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ।


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2026-09-06T06:31:38+05:30
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