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मार्च 16, 2026

चन्द्रनाहु शिक्षण समिति के पुन: अध्यक्ष बने राहुल चंद्राकर, सचिव बने कमलेश चंद्राकर

मार्च 16, 2026
चन्द्रनाहु शिक्षण समिति के पुन: अध्यक्ष बने राहुल चंद्राकर, सचिव बने कमलेश चंद्राकर

 लोकतांत्रिक प्रक्रिया से हुए चुनाव में समाज ने राहुल को दिया दोबारा अवसर




महासमुंद संस्कार न्यूज़ गौरव चंद्राकर/चन्द्रनाहु शिक्षण समिति का चुनाव बागबाहरा रोड स्थित छत्तीसगढ़ स्कूल परिसर में शांतिपूर्ण माहाैल में हुई । जिसमें अध्यक्ष, सचिव सहित संचालन समिति के पदाधिकारियों का निर्वाचन  लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत हुआ। अध्यक्ष राहुल चंद्राकर तथा ऋषि चंद्राकर अध्यक्ष पद के दावेदार थे। सचिव पद के लिए  सचिव कमलेश चंद्राकर, हरीश चंद्राकर व हेमेंद्र चंद्राकर मैदान में थे। समस्त नवनिर्वाचित पदाधिकारी आगामी कार्यकाल में संस्था के शैक्षणिक व सामाजिक कार्यों को संचालित करेंगे। इस चुनाव में अध्यक्ष पद के लिए राहुल चंद्राकर को 449 वोट तथा ऋषि चंद्राकर को 306 मत मिले इस तरह 143 वोटों से राहुल चंद्राकर विजयी रहे। ज्ञात हो कि राहुल चंद्राकर के अध्यक्षीय कार्यकाल का यह दूसरी पारी है। इसी प्रकार सचिव पद के लिए कमलेश चंद्राकर को 297 वोट तथा हरीश चंद्राकर को 290 मत प्राप्त हुए। कमलेश चंद्राकर 7 वोटों के अंतर से विजयी रहे। कमलेश चंद्राकर का भी यह सचिव पद का दूसरा कार्यकाल होगा।  

अध्यक्ष निर्वाचित होने के बाद नवनिर्वाचित अध्यक्ष राहुल चंद्राकर ने कहा कि उनका प्रयास समाज द्वारा संचालित शिक्षण समिति को पारदर्शी रूप से संचालित करने का रहा है। पिछले कार्यकाल में भी समिति द्वारा संचालित शैक्षणिक संस्थाओं के हित को ध्यान में रखकर कार्य किया गया है। पिछले कार्यकाल में हुए उल्लेखनीय कार्यों को देखते हुए समाज ने इस बार पुन: सेवा का अवसर प्रदान किया है। इसके लिए मैं कृतज्ञ हूं। इस अवसर पर समाज के वरिष्ठ सदस्य, समिति के पदाधिकारी सहित समाजजन बड़ी संख्या में माैजूद रहे।श्री चंद्राकर के अध्यक्ष निर्वाचित होने पर चंद्रनाहु क्षत्रिय कुर्मी समाज के राज अध्यक्ष केशव चन्द्राकर, ट्रस्ट कमेटी अध्यक्ष देवेंद्र चंद्राकर, प्रदेश उपाध्यक्ष राजेंद्र चंद्राकर, जीव जंतु कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष आलोक चंद्राकर, पूर्व केंद्रीय अध्यक्ष महेंद्र चंद्राकर, पूर्व केंद्रीय महामंत्री हिम्मत चंद्राकर, पूर्व राज अध्यक्ष वतन चंद्राकर, पूर्व नगर पालिका उपाध्यक्ष कृष्ण चंद्राकर, सचिव हुलास चंद्राकर, देवेंद्र चंद्राकर सहित समाज के वरिष्ठ सदस्यों ने बधाई व शुभकामनाएं प्रेषित की है।

संचालन मंडल में निधी चंद्राकर, तारिणी चंद्राकर, द्रोण चंद्राकर, चंद्रपाल चंद्राकर, गौरव चंद्राकर, चंद्रमणि चंद्राकर, धर्मराज चंद्राकर, जब्बर चंद्राकर, देवेंद्र चंद्राकर, दयालु चंद्राकर, प्रसुन चंद्राकर, सुरेखा चंद्राकर, हर्षित चंद्राकर, केशव चंद्राकर, निखिल चंद्राकर, वीरेंद्र चंद्राकर, धरमचंद्र चंद्राकर निर्वाचित हुए।


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March 16, 2026 at 05:57PM
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चन्द्रनाहु शिक्षण समिति के पुन: अध्यक्ष बने राहुल चंद्राकर, सचिव बने कमलेश चंद्राकर

मार्च 16, 2026

 लोकतांत्रिक प्रक्रिया से हुए चुनाव में समाज ने राहुल को दिया दोबारा अवसर




महासमुंद संस्कार न्यूज़ गौरव चंद्राकर/चन्द्रनाहु शिक्षण समिति का चुनाव बागबाहरा रोड स्थित छत्तीसगढ़ स्कूल परिसर में शांतिपूर्ण माहाैल में हुई । जिसमें अध्यक्ष, सचिव सहित संचालन समिति के पदाधिकारियों का निर्वाचन  लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत हुआ। अध्यक्ष राहुल चंद्राकर तथा ऋषि चंद्राकर अध्यक्ष पद के दावेदार थे। सचिव पद के लिए  सचिव कमलेश चंद्राकर, हरीश चंद्राकर व हेमेंद्र चंद्राकर मैदान में थे। समस्त नवनिर्वाचित पदाधिकारी आगामी कार्यकाल में संस्था के शैक्षणिक व सामाजिक कार्यों को संचालित करेंगे। इस चुनाव में अध्यक्ष पद के लिए राहुल चंद्राकर को 449 वोट तथा ऋषि चंद्राकर को 306 मत मिले इस तरह 143 वोटों से राहुल चंद्राकर विजयी रहे। ज्ञात हो कि राहुल चंद्राकर के अध्यक्षीय कार्यकाल का यह दूसरी पारी है। इसी प्रकार सचिव पद के लिए कमलेश चंद्राकर को 297 वोट तथा हरीश चंद्राकर को 290 मत प्राप्त हुए। कमलेश चंद्राकर 7 वोटों के अंतर से विजयी रहे। कमलेश चंद्राकर का भी यह सचिव पद का दूसरा कार्यकाल होगा।  

अध्यक्ष निर्वाचित होने के बाद नवनिर्वाचित अध्यक्ष राहुल चंद्राकर ने कहा कि उनका प्रयास समाज द्वारा संचालित शिक्षण समिति को पारदर्शी रूप से संचालित करने का रहा है। पिछले कार्यकाल में भी समिति द्वारा संचालित शैक्षणिक संस्थाओं के हित को ध्यान में रखकर कार्य किया गया है। पिछले कार्यकाल में हुए उल्लेखनीय कार्यों को देखते हुए समाज ने इस बार पुन: सेवा का अवसर प्रदान किया है। इसके लिए मैं कृतज्ञ हूं। इस अवसर पर समाज के वरिष्ठ सदस्य, समिति के पदाधिकारी सहित समाजजन बड़ी संख्या में माैजूद रहे।श्री चंद्राकर के अध्यक्ष निर्वाचित होने पर चंद्रनाहु क्षत्रिय कुर्मी समाज के राज अध्यक्ष केशव चन्द्राकर, ट्रस्ट कमेटी अध्यक्ष देवेंद्र चंद्राकर, प्रदेश उपाध्यक्ष राजेंद्र चंद्राकर, जीव जंतु कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष आलोक चंद्राकर, पूर्व केंद्रीय अध्यक्ष महेंद्र चंद्राकर, पूर्व केंद्रीय महामंत्री हिम्मत चंद्राकर, पूर्व राज अध्यक्ष वतन चंद्राकर, पूर्व नगर पालिका उपाध्यक्ष कृष्ण चंद्राकर, सचिव हुलास चंद्राकर, देवेंद्र चंद्राकर सहित समाज के वरिष्ठ सदस्यों ने बधाई व शुभकामनाएं प्रेषित की है।

संचालन मंडल में निधी चंद्राकर, तारिणी चंद्राकर, द्रोण चंद्राकर, चंद्रपाल चंद्राकर, गौरव चंद्राकर, चंद्रमणि चंद्राकर, धर्मराज चंद्राकर, जब्बर चंद्राकर, देवेंद्र चंद्राकर, दयालु चंद्राकर, प्रसुन चंद्राकर, सुरेखा चंद्राकर, हर्षित चंद्राकर, केशव चंद्राकर, निखिल चंद्राकर, वीरेंद्र चंद्राकर, धरमचंद्र चंद्राकर निर्वाचित हुए।

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अंजू ध्रुव को कर्मवीर सम्मान राज्य स्तरीय उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान से नवाजा गया

मार्च 16, 2026
अंजू ध्रुव को कर्मवीर सम्मान राज्य स्तरीय उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान से नवाजा गया




महासमुंद संस्कार न्यूज़ गौरव चंद्राकर /शिक्षक कला प्रतिभा अकादमी छत्तीसगढ़ द्वारा रायपुर के वृंदावन हॉल में आयोजित समारोह में राज्य के उत्कृष्ट शिक्षकों को सम्मानित किया गया। उक्त आयोजन में 15 मार्च 2026 को कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मोना सेन द्वारा महासमुंद विकासखंड  शासकीय प्राथमिक विद्यालय बनपचरी के प्रधान पाठक अंजू ध्रुव को 'कर्मवीर सम्मान'राज्य स्तरीय उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान' से नवाजा गया, जो शिक्षा, कला और साहित्य के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए दिया गया। आपको बता दे अंजू ध्रुव प्रधानपाठक एक नवाचारी शिक्षिका के रूप में जानी जाती है। वह कक्षा के अ़ंतिम बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने हेतु प्रयासरत रहती है। साहित्य को शिक्षा से जोड़ कर बच्चों को अनुभव आधारित शिक्षा पर कार्य कर रही हैं। अधिक से अधिक न्योता भोजन करवा कर बच्चों के पोषण आहार पर भी शिक्षिका कार्य कर रही है। इनके अलावा बच्चों को शिक्षा स्वास्थ्य पर्यावरण सांस्कृतिक गतिविधियों में भी बढ़ावा देने का कार्य कर रही है 




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March 16, 2026 at 03:12PM
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अंजू ध्रुव को कर्मवीर सम्मान राज्य स्तरीय उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान से नवाजा गया

मार्च 16, 2026




महासमुंद संस्कार न्यूज़ गौरव चंद्राकर /शिक्षक कला प्रतिभा अकादमी छत्तीसगढ़ द्वारा रायपुर के वृंदावन हॉल में आयोजित समारोह में राज्य के उत्कृष्ट शिक्षकों को सम्मानित किया गया। उक्त आयोजन में 15 मार्च 2026 को कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मोना सेन द्वारा महासमुंद विकासखंड  शासकीय प्राथमिक विद्यालय बनपचरी के प्रधान पाठक अंजू ध्रुव को 'कर्मवीर सम्मान'राज्य स्तरीय उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान' से नवाजा गया, जो शिक्षा, कला और साहित्य के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए दिया गया। आपको बता दे अंजू ध्रुव प्रधानपाठक एक नवाचारी शिक्षिका के रूप में जानी जाती है। वह कक्षा के अ़ंतिम बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने हेतु प्रयासरत रहती है। साहित्य को शिक्षा से जोड़ कर बच्चों को अनुभव आधारित शिक्षा पर कार्य कर रही हैं। अधिक से अधिक न्योता भोजन करवा कर बच्चों के पोषण आहार पर भी शिक्षिका कार्य कर रही है। इनके अलावा बच्चों को शिक्षा स्वास्थ्य पर्यावरण सांस्कृतिक गतिविधियों में भी बढ़ावा देने का कार्य कर रही है 



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मार्च 15, 2026

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय गढ़फुलझर नानकसागर में होला मोहल्ला कार्यक्रम में शामिल हुए*

मार्च 15, 2026

गढ़पुलझर नानक सागर में पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा*







बसना संस्कार न्यूज़ गौरव चंद्राकर/बसना क्षेत्र के ऐतिहासिक एवं पवित्र स्थल गढ़फुलझर स्थित नानकसागर में आयोजित होला मोहल्ला कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शामिल हुए। उन्होंने यहां पहुंचकर पवित्र गुरु ग्रंथ साहिब के समक्ष माथा टेका तथा विशेष कीर्तन समागम और अरदास में भाग लिया। इस अवसर पर सिख समाज की ओर से मुख्यमंत्री का सम्मान करते हुए उन्हें सरोफा भेंट किया गया।

कार्यक्रम में कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ,बसना विधायक संपत अग्रवाल, डॉ. भगवान सिंह खोजी, ज्ञानी हरदीप सिंह, दविंदर सिंह, कमलजीत सिंह, नितिनदीप सिंह, कंवलप्रीत सिंह, अमृतपाल सिंह, देवेंद्र सिंह आनंद, रोमी सलूजा सहित सिख समाज के बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे। साथ ही छत्तीसगढ़ राज्य बीज निगम अध्यक्ष चंद्रहास चंद्राकर, श्री येतराम साहू, अखिलेश सोनी, भूपेंद्र सिंह सवन्नी, इंद्रजीत सिंह गोल्डी, अमरजीत छाबड़ा, सरपंच हरप्रीत कौर, कोलता समाज के गिरधारी साहू और चतुर्भुज आर्य सहित समाज के गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में मौजूद थे।


मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने उद्बोधन में कहा कि गढ़फुलझर की पावन भूमि स्थित नानकसागर अत्यंत पवित्र स्थल है, जहां पूज्य गुरु नानक जी का चरण रज पड़े हैं। छत्तीसगढ़ की भूमि जहां महान संतों के चरण पड़े हैं। यह भूमि संतों की तपोभूमि रही है और यहां आकर उन्हें अत्यंत गर्व और आनंद की अनुभूति हो रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के सभी तीर्थस्थलों का विकास किया जाए और इस दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है।मुख्यमंत्री ने बताया कि गढ़पुलझर को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की घोषणा पहलेभी की जा चुकी है और इसके विकास के लिए लगभग 2.50 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई है। विकास कार्य जारी भी है।इसे और शीघ्रता से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए ।उन्होंने कहा कि नानकसागर क्षेत्र के विकास के लिए सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगी और यहां पर्यटन सुविधाओं को बढ़ावा दिया जाएगा।

बसना विधायक श्री संपत अग्रवाल ने कहा कि सिख समाज हमेशा संगठित होकर समाज को साथ लेकर चलने वाला समाज है। उन्होंने बताया कि गढ़फुलझर में अमृतसर की तर्ज पर एक भव्य गुरुद्वारा बनने जा रहा है, जो इस क्षेत्र की आस्था और पर्यटन को नई पहचान देगा।

श्री रिंकू सिंह ओबेरॉय ने बताया कि लगभग पांच वर्ष पहले यह जानकारी सामने आई कि लगभग 520 वर्ष पूर्व सिखों के प्रथम गुरु गुरु नानक देव जी इस पवित्र स्थल पर पधारे थे। उन्होंने गुरु नानक देव जी के ऐतिहासिक आगमन और उनके उपदेशों के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।

उल्लेखनीय है कि बसना क्षेत्र का गढ़फुलझर वह ऐतिहासिक स्थल है जहां वर्ष 1506 में सिखों के प्रथम गुरु श्री गुरु नानक देव जी अपनी पहली उदासी (विश्व भ्रमण) के दौरान अमरकंटक और शिवरीनारायण के मार्ग से जगन्नाथ पुरी जाते समय दो दिनों तक ठहरे थे। उनके उपदेशों से प्रभावित होकर तत्कालीन आदिवासी राजा मानस राज सागर चंद भेना ने लगभग 5 एकड़ भूमि गुरु महाराज के नाम समर्पित की थी, जिसे आज भी “गुरुखाप” के नाम से जाना जाता है।

इसी पावन स्थल पर देश के प्रमुख गुरुद्वारों की तर्ज पर एक भव्य गुरुधाम का निर्माण प्रस्तावित है। गढ़फुलझर न केवल सिख समाज की आस्था का केंद्र है, बल्कि यह सर्वधर्म समभाव की मिसाल भी है। यहां अभेद किले, प्राचीन सुरंगों, रानी महल के अवशेषों के साथ रनेश्वर रामचंडी मंदिर और बूढ़ादेव मंदिर जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल भी मौजूद हैं।

भव्य गुरुधाम के निर्माण से यह क्षेत्र भविष्य में एक प्रमुख धार्मिक और पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित होगा और आने वाली पीढ़ियों को गुरु नानक देव जी के शांति, सेवा और भाईचारे के संदेश से प्रेरित करता रहेगा।

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ट्राइबल महिलाओं के साथ मिलकर प्राकृतिक उत्पादों का नया बाजार बना रहीं श्रुति धाकड़

मार्च 15, 2026
ट्राइबल महिलाओं के साथ मिलकर प्राकृतिक उत्पादों का नया बाजार बना रहीं श्रुति धाकड़
ट्राइबल महिलाओं के साथ मिलकर प्राकृतिक उत्पादों का नया बाजार बना रहीं श्रुति धाकड़




भोपाल संस्कार न्यूज़ गौरव चंद्राकर/आज के समय में लोग प्राकृतिक और ऑर्गेनिक उत्पादों की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं। इसी दिशा में भोपाल की उद्यमी श्रुति धाकड़ ने अपनी पहल “श्रुपनील” के माध्यम से एक अनोखी मिसाल पेश की है। श्रुति धाकड़ ने ट्राइबल समुदायों के साथ काम करते हुए देखा कि कई आदिवासी महिलाएँ शहद, बी-पोलन, बी-वैक्स और प्रोपोलिस जैसे प्राकृतिक उत्पाद बनाती हैं, लेकिन उन्हें बाजार तक पहुंच नहीं मिल पाती।

इसी समस्या को अवसर में बदलते हुए उन्होंने Shrupaneel की शुरुआत की, जिसका उद्देश्य प्राकृतिक शहद को लोगों तक पहुँचाना और ट्राइबल महिलाओं को उचित मूल्य व रोजगार के अवसर देना है।

श्रुति बताती हैं कि शुरुआत में संचार और बिक्री उनके लिए चुनौतीपूर्ण थे, लेकिन समय के साथ उन्होंने इन कौशलों को सीखा और अपने ब्रांड को विभिन्न मंचों जैसे IIT बॉम्बे टेकफेस्ट और ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट भोपाल में प्रस्तुत किया।

आज श्रुपनील न केवल प्राकृतिक और शुद्ध शहद के लिए पहचाना जा रहा है, बल्कि यह ट्राइबल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।


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March 15, 2026 at 03:22PM
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March 15, 2026 at 03:51PM
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ट्राइबल महिलाओं के साथ मिलकर प्राकृतिक उत्पादों का नया बाजार बना रहीं श्रुति धाकड़

मार्च 15, 2026
ट्राइबल महिलाओं के साथ मिलकर प्राकृतिक उत्पादों का नया बाजार बना रहीं श्रुति धाकड़




भोपाल संस्कार न्यूज़ गौरव चंद्राकर/आज के समय में लोग प्राकृतिक और ऑर्गेनिक उत्पादों की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं। इसी दिशा में भोपाल की उद्यमी श्रुति धाकड़ ने अपनी पहल “श्रुपनील” के माध्यम से एक अनोखी मिसाल पेश की है। श्रुति धाकड़ ने ट्राइबल समुदायों के साथ काम करते हुए देखा कि कई आदिवासी महिलाएँ शहद, बी-पोलन, बी-वैक्स और प्रोपोलिस जैसे प्राकृतिक उत्पाद बनाती हैं, लेकिन उन्हें बाजार तक पहुंच नहीं मिल पाती।

इसी समस्या को अवसर में बदलते हुए उन्होंने Shrupaneel की शुरुआत की, जिसका उद्देश्य प्राकृतिक शहद को लोगों तक पहुँचाना और ट्राइबल महिलाओं को उचित मूल्य व रोजगार के अवसर देना है।

श्रुति बताती हैं कि शुरुआत में संचार और बिक्री उनके लिए चुनौतीपूर्ण थे, लेकिन समय के साथ उन्होंने इन कौशलों को सीखा और अपने ब्रांड को विभिन्न मंचों जैसे IIT बॉम्बे टेकफेस्ट और ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट भोपाल में प्रस्तुत किया।

आज श्रुपनील न केवल प्राकृतिक और शुद्ध शहद के लिए पहचाना जा रहा है, बल्कि यह ट्राइबल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।


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March 15, 2026 at 03:22PM
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