sanskar.live: बालोद#

LIVE KHABAR UPDATE

🔴 LIVE KHABAR
00:00:00
● ताजा खबरें — पल-पल का लाइव अपडेट● Sanskar News — आपके क्षेत्र की हर महत्वपूर्ण खबर● ब्रेकिंग न्यूज और स्थानीय समाचार लगातार अपडेट
Advertisement 1
Advertisement 2
Advertisement 3
बालोद# लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
बालोद# लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

अप्रैल 22, 2022

छत्तीसगढ़ के पावन भूमि में जगद्गुरु रामानंदाचार्य श्री स्वामी नरेंद्राचार्य महाराज जी का एक दिवसीय प्रवचन एवं समस्या मार्गदर्शन समारोह 23 अप्रैल बालोद में आयोजित

अप्रैल 22, 2022

छत्तीसगढ़ के पावन भूमि में जगद्गुरु रामानंदाचार्य श्री स्वामी नरेंद्राचार्य महाराज जी का एक दिवसीय प्रवचन एवं समस्या मार्गदर्शन समारोह 23 अप्रैल  बालोद में आयोजित




बालोद संस्कार न्यूज़/ अत्यंत हर्ष का विषय है कि छत्तीसगढ़ के पावन भूमि में  जगद्गुरु रामानंदाचार्य श्री स्वामी नरेंद्राचार्य जी महाराज (दक्षिण पीठ-नाणीजधाम महाराष्ट्र) श्री का शुभागमन एक दिवसीय प्रवचन एवं समस्या मार्गदर्शन समारोह हेतु हमारे छत्तीसगढ़ राज्य के बालोद जिला में सम्पन्न होने जा रहा है, जिसमें छत्तीसगढ़ के समस्त जनमानस जगदगुरु श्री के दर्शन एवं मार्गदर्शन से लाभान्वित होंगे। हमारे छत्तीसगढ़ राज्य के सम्पूर्ण जनमानस के लिए यह धन्यता का शुभ अवसर है। 

जगद्गुरु नरेंद्राचार्य महाराज संस्थान नाणीजधाम के अंधश्रद्धा निर्मूलन उपक्रम के अंतर्गत 23 अप्रैल 2022 को चुरगिया मांगलिक प्रांगण, देवारभट बालोद में समस्या मार्गदर्शन समारोह आयोजित है, मनुष्य को अपने जीवन शैली से अंधश्रद्धा दूर कर सदा आध्यत्म विज्ञान को साथ लेकर व्यवहार करे, यह इस उपक्रम का मूल उद्द्देश है। जगदुरुश्री कहते है की हमे मन को अध्यात्मवादी, दृष्टि को विज्ञानवादी और बुद्धि को वास्तविकवादी रखना चाहिए। यदि इस विचारधारा से मनुष्य जीने की कोशिश करे तो उसके हाथो से सदा सतकर्म होंगे और उससे कभी गलतियां नहीं होंगी। प्रत्येक मनुष्य के हृदय में मोक्ष पाने की मनसा छिपी होती है, पर इस कलयुग में आज मनुष्य  अपने निजी जीवन के समस्याओं में उलझकर मोक्ष के तरफ उसकी आकांक्षा होते हुए भी उस तरह ध्यान नहीं दे पाता, और स्वाभाविक रूप से यदि इतने समस्यों के उलझनों में मनुष्य दबा हुआ हो तो वह जीवन के सम्पूर्ण समय को उन उलझनों में व्यतीत करता है। मनुष्य किस तरह अपने समस्याओ से स्वयं बाहर आकर एक सुखद जीवन जीते हुए मोक्ष की राह पर चले इस हेतु से जगद्गुरु श्री स्वयं प्रत्येक लोगो के व्यक्तिगत रूप से उनकी समस्यों को सुनते है उस पर उन्हें मार्गदर्शन करते है। जगद्गुरु आध्यत्म विज्ञान व्यवहार के शास्त्र अनुसार समस्या से बाहर आने के लिए सभी को मार्गदर्शन करते है। कुछ लोग अपनी समस्याओं को दूर करने के लिए अंधश्रद्धा के मार्गो पर चलकर जीवन को और दुःख और दरिद्रता से भरते है, इसलिए उन्हें अंधश्रद्धा से मुक्त करने के लिए सही मार्ग प्रदर्शित कर सम्पूर्ण मानव समाज इस कलयुग में किस तरह आध्यत्म और विज्ञान के संतुलन बनाकर व्यवहार करे यह शिक्षा जगद्गुरु श्री देते है, जिससे आज करोडो लोगो के जीवन में धर्म और आध्यत्म की ओर रूचि बढ़ी है। आज इस युग में अच्छी शिक्षा होने के बाद भी लोग आध्यत्म से दूर होते जा रहे है, इसलिए आज लोगो के जीवन में सर्व सुविधा होकर भी आज जीवन में प्रेम,शांति,आनंद और ज्ञान की कमी दिखाई देती है। मनुष्य सिर्फ विज्ञान के सहारे जीने के प्रयास में है, विज्ञान में अत्यंत मुलभुत अंग है जीवन का पर मनःशांति अध्यात्म के बिना संभव नहीं है। 


जगद्गुरुश्री अपने प्रवचनों और मार्गदर्शन के माध्यम से सम्पूर्ण जनमानस को भक्ति का महत्व समझाते है। जगद्गुरु श्री कहते है आज मनुष्य के अंतरमन और बहिरमन एकाग्र नहीं होने के वजह से मनुष्य स्वयं को दुःख से घिरा हुआ पाता है।मनुष्य के मन का स्वाभाविक गुण है चंचल होना यानी एकाग्र न होना। इसका चंचल गुण बार-बार हमें हमारे लक्ष्यों से विमुख करता रहता है। मनुष्य का मन उसको भावनाओं और कामनाओं के जाल में बांधकर भांति-भांति के कार्य करवाता है। हमारा मन हमारे शरीर रूपी रथ का सारथी होता है। इसका जिस ओर मन करता है वह उधर ही इसको ले जाता है। इसमें प्राय: गलत राह भी पकड़ ली जाती है। इसलिए अंतरमन और बहिरमन को एकाग्र करना बहुत आवश्यक है, और यह दोनों मन भक्ति से एक होती है जिसके वजह से मनुष्य की निर्णय लेने की क्षमता बढ़ती है, सही गलत की समझ बढ़ती है, प्रगलबता बढ़ती है, मन की चंचलता दूर होती है और संयम बढ़ता, कार्य को पूर्ण करने हेतु उत्साह और साहस बढ़ता है,भाव शुद्ध होते है आदि सकारात्मक परिणाम मनुष्य के जीवन में होते है। 

हमे प्रपंच के साथ साथ परमार्थ भी करना चाहिए इसलिए जगद्गुरु श्री ने तीन सरल बातो का आव्हान किया है पहला की दिन में किसी भी समय कम से कम 10 मिनट एकग्रता से अपने प्रिय इष्टदेव जो आपको प्रिय हो उनकी भक्ति करे। दूसरा की सपने में भी किसी का बुरा मत सोचो। और तीसरा की " आप जियो और दुसरो को जीने में सहायता करो"। अगर यह तीन बातो को कोई भी जीवन में अपनाकर जीवन शैली बना ले तो उसका प्रपंच भी संतुलित रहेगा और उसके हाथो से परमार्थ भी हो जायेगा। 

जगद्गुरु श्री के "तुम जियो और दुसरो को जीने में सहायता करो" इस दिव्य प्रेरणा से प्रेरित होकर ज.न.म संस्थान द्वारा सम्पूर्ण भारत सहित विश्व में अनेक सामाजिक उपक्रम कार्यरत है, जैसे कि निः शुल्क अन्नदान सेवा, आर्थिक रूप से कमजोर बच्चो के उज्ज्वल भविष्य हेतु जुनियर के.जी. से ग्रेजुएशन तक निः शुल्क शिक्षा, विविध राष्ट्रीय मार्गो पर निः शुल्क एम्बुलेंस सेवा, सम्पूर्ण सुविधाओं के साथ निः शुल्क दो वर्षीय हायर डिप्लोमा इन पुरोहित कोर्स, निः शुल्क रक्तदान, प्राकृतिक आपदाओं में निः शुल्क सहायता, जरूरत मंद लोगो को स्वावलंबी बनाने हेतु निः शुल्क सहायता आदि सेवा कार्य समर्पित भाव से अनवरत चलाए जा रहे है। ऋषि और कृषि परमपरा हमारे भारत देश के अलौकिक अलंकार है, इसलिए दिनाँक 23 अप्रैल को संपन्न होने जा रहे समस्या मार्गदर्शन समारोह में छत्तीसगढ़ के आर्थिक रूप से कमजोर जरुरत मंद किसानो को निःशुल्क कृषि उपकरण भी वितरण किये जायेंगे। 

इस अमृतमय और महामंगल समोराह में आपश्री सहपरिवार उपस्थित होकर जगद्गुरुश्री से मार्गदर्शन एवं शुभाशीर्वाद ग्रहण करे, स्व स्वरुप संप्रदाय छत्तीसगढ़ के समस्त भक्तो की ओर से समस्त छत्तीसगढ़ के लोगो के आत्मीय आमंत्रण है।

अप्रैल 21, 2022

जगदगुरु नरेंद्राचार्य के स्वागत के लिए हुआ बालोद नरेंद्राचार्य मय

अप्रैल 21, 2022

बालोद संस्कार न्यूज़/ बालोद शनिवार 23 अप्रैल को जगदगुरु नरेंद्राचार्य जी महाराज के आगमन के लिए पूरा बालोद नरेंद्राचार्य मय हो चला है। बालोद ही नही छत्तीसगढ़ के आसपास के प्रदेश के भक्तगण भी श्री नरेंद्राचार्य के दर्शन हेतु आतुर है। यह छत्तीसगढ़ और बालोद का सौभाग्य है काफी वर्षों के बाद जगदगुरु श्री का पहला कार्यक्रम बालोद में होने जा रहा है। जगदगुरु श्री नरेंद्राचार्य जी के कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों को उनकी समस्या पर मार्गदर्शन मिलने वाला है। कलयुग में ईश्वर सदगुरु रूप में होते है। क्योंकि निर्गुण की भाषा हम नही समझ सकते है। सजीव सदगुरु की आवश्यकता क्यों होती है। जीवन को सुखी बनाने के लिए क्या करना है।सदगुरु कैसे व्यक्ति नही शक्ति है। ईश्वर आराधना कैसे करना चाहिए। हिन्दू धर्म क्यों खतरे में है। जीवन में अन्नदान का क्या महत्व है। आदि के बारे में स्वामी जी बताएंगे। बालोद के कार्यक्रम के लिए घरों घर से अन्नदान लिया जा रहा है। लोग बड़ी उत्सुकता के साथ जगदगुरु नरेंद्राचार्य जी के बारे में पूछ रहे है। 

       श्री नरेंद्राचार्य जी की सदगुरु के साथ जगदगुरु होना, जड़ मूढ़ों के उद्धार के लिए मार्ग दिखाना सबसे बड़ी विशेषता है। इतनी बड़ी शक्ति का आगमन बालोद जिले का परम सौभाग्य है। पलके बिछाए बालोद की जनता जगदगुरु श्री के स्वागत को तत्पर है। जगदगुरु नरेंद्राचार्य जी का आशीर्वाद और प्यार का नतीजा है कि वर्ष में पहला प्रवचन एवं समस्या मार्गदर्शन का कार्यक्रम सम्पन्न होने जा रहा है।




अप्रैल 17, 2022

जगदगुरु नरेंद्राचार्य जी महाराज के आगमन हेतु शिष्यों द्वारा किया जा रहा है जबरदस्त प्रचार

अप्रैल 17, 2022


जगदगुरु नरेंद्राचार्य जी महाराज के आगमन हेतु शिष्यों द्वारा किया जा रहा है जबरदस्त प्रचार




गौरव चंद्राकर संस्कार न्यूज़ की रिपोर्ट

बालोद संस्कार न्यूज़/ जगदगुरु रामानन्दाचार्य स्वामी श्री नरेंद्राचार्य जी महाराज दक्षिण पीठाधीश्वर के शनिवार 23 अप्रैल को आगमन को लेकर भरी गर्मी में पूरे प्रदेश से आए शिष्य जोर शोर से प्रचार में जुटे हैं। पूरे बालोद जिले में दुर्ग, रायपुर, धमतरी, राजनांदगांव, महासमुंद, बिलासपुर, कोरबा से बड़ी संख्या में शिष्य आकर टोलियाँ बनाकर प्रचार में हिस्सा ले रहे है।

प्रचार में जगदगुरु नरेंद्राचार्य जी के उपदेश जैसे तुम जिओ और दूसरे को जीने में सहायता करो दिन में कभी भी कम से कम 10 मिनिट एकाग्रता से भक्ति* करो को  बताया जा रहा है। 



बालोद के कार्यक्रम में जगदगुरु नरेंद्राचार्य जी लोगों की समस्याओं पर कैसे मार्गदर्शन देँगे इसकी भी जानकारी प्रदान की जा रही है। जगदगुरु श्री के स्वस्वरूप सम्प्रदाय के बालोद जिले के कमेटी के अध्यक्ष ज्ञानेश्वर साहू ने बताया कि बालोद शहर ही नही अपितु आसपास के गाँव झलमला, सिवनी , हीरापुर, पापुर भाट, देवर भाट, उमरागड, चरोटा, पारागांव, जमरवा, जगतरा, तालगांव, सेमरकोना, नार्रो, साकले टोला, में भी प्रदेश से आये तथा स्थानीय बालोद के शिष्यों के साथ मिलकर निरीक्षक श्री मंसाराम पान्द्रे के नेतृत्व में प्रचार किया जा रहा है।


बालोद में तथा आसपास के गाँव में पोस्टर, होर्डिंग, पम्फलेट आदि से प्रचार किया जा रहा है।





वीडियोो देखें-






अप्रैल 15, 2022

जगदगुरु रामानन्दाचार्यजी का 10 वर्षों बाद अपने भक्तो को आशीर्वाद देने हेतु छत्तीसगढ़ में पुनरागमन

अप्रैल 15, 2022

जगदगुरु रामानन्दाचार्यजी का 10 वर्षों बाद अपने भक्तो को आशीर्वाद  देने हेतु छत्तीसगढ़  में पुनरागमन


गौरव चंद्राकर संस्कार न्यूज़ रिपोर्ट

बालोद संस्कार न्यूज़/ जगदगुरु रामन्दाचार्य श्री स्वामी  नरेंद्राचार्य जी महाराज   नाणीज धाम रत्नागिरी  महाराष्ट्र से शनिवार 23 अप्रैल को   चूरगिया मांगलिक भवन ,धमतरी रोड ,देवार भाट ,जिला बालोद पधार रहे है।इस एक दिवसीय कार्यक्रम में  स्वामीजी का प्रवचन के पश्चात दर्शन  और दर्शन के अलावा भक्तो की समस्या  सुनकर उन्हें  मार्गदर्शन करेंगे। 

कार्यक्रम सुबह 9 बजे जगदगुरु श्री  के प्रवचन से प्रारम्भ होगा और श्याम 5 बजे तक  चलेगा।


जगतगुरु नरेंद्राचार्य जी महाराज  सबसे  प्रखर और सक्रिय जगदगुरु माने जाते है। इन्होंने एक लाख पैसट हजार से अधिक परिवारों की   विधि विधान से घर वापसी करवाई है जो समाज के मुख्य धारा से भटक गए थे।

नरेंद्र महाराज संस्थान द्वारा महाराष्ट्र के राष्ट्रीय राज मार्गो पर 27 एम्बुलेंस  द्वारा निःशुल्क  सेवा चल रही है । अभि तक लगभग 16000 लोगों की जान बचाई जा सकी है।इसके अलावा निःशुल्क पाठशाला ,वैदिक पाठशाला,  सामाजिक उपक्रम,अस्पताल, और ब्लड इन नीड जैसे परोपकारी कार्य संचालित किए जाते है।पिछले दिनों महाराष्ट्र के भयंकर बाढ़ पीड़ित क्षेत्र में जगदगुरु के आव्हान पर  हजारों भक्तों ने चिपलून मै बाढ़ग्रस्त लोगों को खुले दिल से मदत पहुचाई और  जीवन आवश्यक समान उपलब्ध कराया गया।

 जगदगुरु रामानंदाचार्य जी  हिंदू सनातन धर्म के सबसे बड़े धर्मगुरु और सदगुरु है। जिन्हे स्वस्वरुप  का ज्ञान है।  ऐसे  उच्च कोटि के संतात्मा और महान विभूति का  हमारे छत्तीसगढ़ के पावन धरा पर10 वर्षों  के लंबे अंतराल  बाद आगमन हो रहा है। जिनका दर्शन  मिलना भी परम सौभाग्यशाली माना जाता है।  सभी छत्तीसगढ़ के धर्मपरायण भक्तजनों  से नम्र निवेदन है,वे इस मंगल आयोजन मै पधारकर लाभान्वित हो। स्वस्वरूप संप्रदाय के आयोजकों द्वारा उस दिन विशाल भंडारा का आयोजन भी किया गया है।

देखें वीडियो :




अप्रैल 12, 2022

जगद्गुरु रामानंदाचार्य श्री स्वामी नरेंद्राचार्यजी महाराज नाणीजधाम जी का एक दिवसीय समस्या मार्गदर्शन शिविर 23 अप्रैल बालोद में

अप्रैल 12, 2022

जगद्गुरु रामानंदाचार्य श्री स्वामी नरेंद्राचार्यजी महाराज नाणीजधाम जी का एक दिवसीय समस्या मार्गदर्शन शिविर 23 अप्रैल बालोद में



गौरव चंद्राकर संस्कार न्यूज़ की रिपोर्ट


बालोद संस्कार न्यूज़ /जगद्गुरु रामानंदाचार्य श्री स्वामी नरेंद्रा चार्यजी महाराज नाणीजधाम दक्षिण भारत पिठ इनका। एक दिवसीय "समस्या मार्गदर्शन कार्यक्रम" चुरगिया मांगलिक प्रांगण,धमतरी रोड, देवरभाट जिला बालोद मैं २३ अप्रैल २०२२ को सुबह ९ बजे से आयोजित है,जिसमे आप  सभी आमंत्रित है


नोट - समस्या  मार्गदर्शन पर्ची उसी दिन सुबह ७ से ९ मै मिलेगी। पहले आए पहले पाए। पहले आजमाए फिर   माने