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मई 13, 2026

अखिल भारतीय कूर्मी क्षत्रिय महासभा के नवनियुक्त युवा प्रदेश अध्यक्ष मिलिंद चंद्राकर जी द्वारा अपनी प्रदेश कार्यकारिणी की घोषणा की गई

मई 13, 2026


महासमुंद संस्कार न्यूज़ गौरव चंद्राकर/यह महासभा लगभग 132 वर्षों पुराना गौरवशाली इतिहास रखने वाला संगठन है, जो देश के सबसे पुराने एवं प्रतिष्ठित सामाजिक संगठनों में अपनी विशेष पहचान रखता है। समाज सेवा, संगठन शक्ति, शिक्षा, सामाजिक एकता एवं युवाओं को नेतृत्व प्रदान करने में महासभा की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।


इतने प्रतिष्ठित एवं ऐतिहासिक संगठन में पदाधिकारी के रूप में दायित्व प्राप्त होना किसी भी व्यक्ति के लिए गर्व एवं सौभाग्य की बात है। नवगठित प्रदेश कार्यकारिणी में युवाओं, समाज सेवकों एवं सक्रिय कार्यकर्ताओं को स्थान देकर संगठन को नई ऊर्जा देने का प्रयास किया गया है।




युवा प्रदेश अध्यक्ष मिलिंद चंद्राकर जी का कहना है कि वह स्वयं को गर्व से कूर्मी क्षत्रिय मानते हैं और कूर्मी क्षत्रिय समाज की परंपरा सदैव सभी समाज, सभी धर्म एवं सभी वर्गों का सम्मान करने की रही है। उनका कहना है कि संगठन का उद्देश्य केवल अपने समाज तक सीमित नहीं बल्कि सामाजिक समरसता, भाईचारा, आपसी सहयोग एवं सभी वर्गों को साथ लेकर आगे बढ़ना है।

उन्होंने कहा कि समाज की मजबूती शिक्षा, संगठन, युवा शक्ति एवं आपसी सम्मान से आती है। आने वाले समय में महासभा युवाओं को सामाजिक नेतृत्व,व्यापार, शिक्षा, रोजगार, सामाजिक जागरूकता एवं सेवा कार्यों से जोड़ने का कार्य करेगी।

मिलिंद चंद्राकर जी ने सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों से संगठन की गरिमा बनाए रखते हुए समाज हित में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया है। साथ ही उन्होंने समाज के वरिष्ठजनों, मातृशक्ति एवं युवाओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सभी के सहयोग से संगठन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जाएगा।



अक्टूबर 14, 2025

बेलसोंडा हायर सेकेंडरी स्कूल के विद्यार्थी विकसित भारत बिल्डथॉन के लिए बनाएंगे प्रोजेक्ट

अक्टूबर 14, 2025

 वीसी के माध्यम से संवाद में हुए शामिल


महासमुंद संस्कार न्यूज चंद्राकर
*/ नवाचार और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में छात्रों की सृजनशीलता को बढ़ावा देने हेतु केंद्र सरकार द्वारा आयोजित विकसित भारत बिल्डथॉन 2025 कार्यक्रम में महासमुंद जिले के शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल बेलसोंडा की दो छात्राओं का चयन जिले से संवाद के लिए हुआ। यह कार्यक्रम देशभर में युवाओं में नवाचार, तार्किक सोच और उद्यमिता की भावना को प्रोत्साहित करने हेतु आयोजित किया गया था।


इस अवसर पर सोमवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से केन्द्रीय शिक्षा विभाग द्वारा देशभर के विद्यार्थियों से वर्चुअल संवाद किया गया। इस संवाद में महासमुंद जिले की दो छात्राएं कक्षा 10वीं की कुमारी मेघना चंद्राकर तथा कक्षा 12वीं विज्ञान संकाय की कु. अहिल्या साहू ने सहभागिता की। वर्चुअल कार्यक्रम के दौरान समग्र शिक्षा राज्य कार्यालय से श्री कौशिक जी, उप संचालक श्रीमती मुक्ति बैस, रायपुर जिला शिक्षा अधिकारी श्री हिमांशु भारतीय, जिला शिक्षा अधिकारी श्री विजय लहरे, डीएमसी श्री रेखराज शर्मा, विद्यालय के शिक्षक गण एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।

इन छात्राओं द्वारा प्रस्तुत प्रोजेक्ट ऐ आई सेंसर कैमरा और लेबर स्मार्ट बैंड पर आधारित है, जो श्रमिकों के कार्यस्थलों पर सुरक्षा, निगरानी और सुविधा बढ़ाने में उपयोगी साबित होगा। यह प्रोजेक्ट आत्मनिर्भर भारत, स्वदेशी नवाचार, लोकल फॉर वोकल और समृद्ध भारत की थीम पर आधारित है।


इस ‘बिल्डथॉन को एक तरह की इनोवेशन मैराथन कहा जा सकता है, जिसमें देशभर के विद्यार्थी और नवप्रवर्तक किसी सामाजिक या तकनीकी समस्या के समाधान हेतु अपने विचारों को प्रोटोटाइप के रूप में प्रस्तुत करते हैं। इस प्रतियोगिता की शुरुआत 23 सितंबर 2025 को हुई थी। 6 से 11 अक्टूबर तक पंजीयन की प्रक्रिया चली और 13 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक प्रोजेक्ट जमा किए जाएंगे। नवंबर माह में इन प्रोजेक्ट्स का मूल्यांकन किया जाएगा तथा दिसंबर में परिणाम घोषित होंगे। देशभर से चयनित 10 हजार प्रतिभागियों को कुल एक करोड़ रुपये के पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।

इस अवसर पर अधिकारियों ने छात्राओं को बधाई देते हुए कहा कि इस प्रकार के नवाचार कार्यक्रम विद्यार्थियों में अनुसंधान, तकनीकी ज्ञान और आत्मविश्वास को बढ़ाते हैं तथा उन्हें राष्ट्र निर्माण की दिशा में योगदान देने हेतु प्रेरित करते हैं। कार्यक्रम में एपीसी संपा बोस, श्रीमती शोभा सिंहदेव, प्राचार्य, जगदीश सिन्हा, नोडल अधिकारी, सुबोध तिवारी, मिथलेश सिंह सहित शाला विकास समिति के सदस्य उपस्थित थे।



अक्टूबर 28, 2023

चंद्रग्रहण खगोलीय घटना : अंधविश्वास में न पड़ें—डॉ. दिनेश मिश्र...खगोलीय घटना के साक्षी बनें

अक्टूबर 28, 2023



महासमुंद संस्कार न्यूज़ गौरव चंद्राकर
/अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के अध्यक्ष डॉ. दिनेश मिश्र ने कहा चंद्रग्रहण एक खगोलीय घटना है। डॉ. दिनेश मिश्र ने कहा प्रारंभ में यह माना जा रहा था कि चंद्रग्रहण राहू-केतू के चंद्रमा को निगलने से होता है, जिससे धीरे-धीरे विभिन्न अंधविश्वास व मान्यताएँ जुड़ती चली गईं, लेकिन बाद में विज्ञान ने यह सिद्ध किया कि चंद्रग्रहण पृथ्वी की छाया के कारण होता है। जब चंद्रमा पृथ्वी की छाया में प्रवेश करता है तब उसका एक किनारा जिस पर छाया पडऩे लगती है काला होना शुरू हो जाता है जिसे स्पर्श कहते हैं। जब पूरा चंद्रमा छाया में आ जाता है तब पूर्णग्रहण हो जाता है। जब चंद्रमा का पहला किनारा दूसरी ओर छाया से बाहर निकलना शुरू होता है तो ग्रहण छूटना शुरू हो जाता है। जब पूरा चंद्रमा पृथ्वी की छाया से बाहर आ जाता है तो ग्रहण समाप्त हो जाता है जिसे ग्रहण का मोक्ष कहते हैं। चंद्रग्रहण का कहीं कोई दुष्प्रभाव नहीं है, इसे लेकर तरह-तरह के भ्रम व अंधविश्वास हैं। लेकिन लोगों को इन अंधविश्वासों में नहीं पडऩा चाहिए तथा ग्रहण को देखा जा सकता है तथा वैज्ञानिक इसका अध्ययन भी करते हैं।

भारत के महान खगोलविद् आर्यभट्ट ने आज से करीब 1500 वर्ष पहले 499 ईस्वी में यह सिद्ध कर दिया था कि चन्द्रग्रहण सिर्फ एक खगोलीय घटना है जो कि चन्द्रमा पर पृथ्वी की छाया पडऩे से होती है। उन्होंने अपने ग्रंथ आर्यभट्टीय के गोलाध्याय में इस बात का वर्णन किया है। इसके बाद भी चन्द्रग्रहण की प्रक्रिया को लेकर विभिन्न भ्रम एवं अंधविश्वास कायम है।

डॉ. मिश्र ने कहा  यह एक खगोलीय घटना है। सभी नागरिकों को इसे बिना किसी डर या संशय के देखना चाहिए। चंद्रग्रहण देखना पूर्णत: सुरक्षित है।

डॉ. मिश्र ने कहा जब चंद्रग्रहण होने वाला होता है तब विभिन्न भविष्यवाणियाँ सामने आने लगती हैं जिससे आम लोग संशय में पड़ जाते हैं जबकि चंद्रग्रहण में खाने-पीने, बाहर निकलने की बंदिशों का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है। ग्रहण से खाद्य वस्तुएँ अशुद्ध नहीं होती तथा उनका सेवन करना उतना ही सुरक्षित है जितना किसी सामान्य दिन या रात में भोजन करना। इस धारणा का भी कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है कि गर्भवती महिला के गर्भ में पल रहे शिशु के लिए चंद्रग्रहण हानिकारक होता है तथा ग्रहण की वजह से स्नान करना कोई जरूरी नहीं है अर्थात् इस प्रकार की आवश्यकता का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है तथा ग्रहण का अलग-अलग व्यक्तियों पर भिन्न प्रभाव पडऩे की मान्यता भी काल्पनिक है। यह सब बातें केन्द्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा जारी पुस्तिका में भी दर्शायी गयी है।



जून 09, 2023

राज्यपाल से छ.ग. में सतनामी समाज को संवैधानिक संरक्षण प्रदान करने की मांग

जून 09, 2023

सतनामी समाज के ऊपर हो रही अन्याय अत्याचार पर प्रशासन की ढुलमुल रवैया के खिलाफ सौंपा ज्ञापन



महासमुंद संस्कार न्यूज़ गौरव चंद्राकर/प्रगतिशील छत्तीसगढ़ सतनामी समाज के युवा प्रकोष्ठ के पदाधिकारियों ने समाज के साथ हों रही अन्याय अत्याचार पर पुलिस प्रशासन के ढुलमुल रवैया अपनाने व आरोपियों को सरंक्षण  देने के खिलाफ महामहिम राज्यपाल के नाम से कलेक्टर महासमुंद को ज्ञापन सौंपकर समाज को संवैधानिक सरंक्षण देने की मांग किया है।


ज्ञापन में उल्लेख करते हुए बताया गया है कि छत्तीसगढ़ में सतनामी समाज जो भारतीय संविधान के तहत अनुसूचित जाति के अंतर्गत आती है, जो वर्षों से जातिगत भेदभाव के शिकार होते रहा है । परन्तु वर्तमान में समाज के साथ जातिगत घटनाओं में बढ़ोत्तरी हो रही है। जिसके कारण समाज के लोगों को बार बार आंदोलन करना पड़ रहा है। जिसका प्रमुख उदाहरण रायपुर के तेलीबांधा के निवासी गंगाराम मारकंडेय द्वारा कांग्रेसी नेता के प्रताडऩा से आत्महत्या करना या विभिन्न स्थानों में जैतखाम को  तोडऩे का मामला  के साथ ही राज्य भर में  ऐसे बहुत से उदाहरण है। जिसमें त्वरित कार्यवाही नहीं की गई है।

अभी हाल में ही बिलासपुर के सिविल थाना अंतर्गत दिन-दहाड़े विश्वजीत अनंत पर प्राणघातक हमला किया गया । आरोपियों के खिलाफ समाज द्वारा थाना घेराव करने पर मेडिकल रिपोर्ट के बाद धारा 307 के तहत अपराध दर्ज किया गया है, लेकिन आरोपी की गिरफ्तारी नहीं की जा रही है। क्योंकि आरोपी एक राजनीतिक दल से जुड़े हैं।वहीं सक्ती जिला के अंतर्गत हसौद थाना में सतनामी समाज की एक फरियादी लडक़ी को पुलिस वाले उल्टा जातिगत गाली-गलौच व मारपीट कर पैसे की मांग की गई जिस पर समाज द्वारा आंदोलन करने पर आरोपी पुलिस वालों को दूसरे थाने में भेज दिया गया है, जबकि दोषी पुलिस वालों के ऊपर कानूनी कार्यवाही किया जाना था  । 

इसी प्रकार से महासमुंद जिला के बसना थाना अंतर्गत बड़े ढाबा के सरपंच द्वारा जातिगत गाली-गलौच कर सतनामी मोहल्ले के नल कनेक्शन का बिजली बंद कर दिया गया । जब समाज द्वारा थाना में आवेदन दिया गया तो आनन-फानन में बिजली और नल को चालू कर दिया गया, परंतु आरोपी सरपंच के ऊपर एफ.आई.आर. दर्ज नहीं किया गया है ।

इस प्रकार प्रकार की घटनाओं से पुरे राज्य भर में समाज में भारी आक्रोश है। विभिन्न अवसरों पर शासन प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराया कराने के बाद भी सुधार नहीं हुआ है इसलिए महामहिम राज्यपाल से समाज के संवैधानिक अधिकारों की सरंक्षण करने की मांग प्रगतिशील छत्तीसगढ़ सतनामी समाज के प्रदेशाध्यक्ष दिनेश बंजारे युवा प्रकोष्ठ के प्रदेश प्रवक्ता रेखराम बघेल, महासमुंद ब्लॉक सचिव गनेश टंडन ने किया गया है।

मई 24, 2023

गौठान संबंधी खबरें वातविकता से दूर, छांव पानी की पूरी व्यवस्था

मई 24, 2023

भीष्ण गर्मी में जल स्तर कम होने वाले गौठान में पानी की वैकल्पिक व्यवस्था 



महासंमुद संस्कार न्यूज़ गौरव चंद्राकर/ महासंमुद विकासखंण्ड में स्थित बेमचा, लाभराखुर्द एवं चिंगरौद के गौठान में राजनैतिक दल के सदस्यों द्वारा गौठानों में जाकर  पूरी वास्तविकता संबंधी खबरे न देकर  भ्रमक खबरें समाचार पत्रों व सोशल मीडिया के जरिए आमजन को भ्रमित कर रहे है। जैसे पशुओं के लिए शेड, पशुओं के लिए चारा, छांव एवं पानी की व्यवस्था नहीं है। इस संबंध में  जनपद पंचायत महासंमुद द्वारा वस्तुस्थित की जानकारी देते हुए बताया कि उक्त  गौठाने तृतीय चरण में स्वीकृत हुई है। ग्रीष्म ऋतु में अधिकांश मवेशी पेड़ों की छांव में ही रहते है। लभर्राखुर्द गौठान में अधिक संख्या में पेड होने की वजह से पेडों की छावं मे ंमवेशी रहते है। ग्रीष्म काली ऋतु के चलते खेतों में फसल नहीं होने के कारण पशु खुले में चर रहे, गांव में छुटटा चराई प्रथा के काराण पशुओं द्वारा पानी पीने एवं चारा रखने हेतु गौठान में आकर वापस चले जाते है । वही चिंगरौद गौठान में पानी की व्यवस्था के लिए भी पन्द्रहवें वित्त आयोग मद से दो नलकूप बोर खनन कार्य कराया गया था । किन्तु एक बोर असफल होने  एवं एक बोर में इस ग्रीष्म ़ऋतु में जल स्तर कम हो गया है। इस कारण गौठान में पानी की व्यवस्था  अन्य जगह राजीवगांधी सेवा केन्द्र से वैकल्पिक व्यवस्था प्रस्तावित कर गौठान का कार्य सुचारू रूप से संचालित है। 

कलेक्टर श्री नीलेश कुमार क्षीरसागर ने भीष्ण गर्मी को देखते हुए पहले भी जिले के सभी जनपद सीईओ को निर्देशित किया था कि जिन गौठानों या ग्रामीण क्षेत्रों में जहां गर्मी में नलकूप,हैडपम्प का जल स्तर काफी नीचे या कम हो जाता है। ऐसे गौठानों और ग्रामीण इलाकों में पानी की वैकल्प व्यवस्था समय रहते पूरी कर ली जाये । इसमें लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, क्रेडा के साथ ही जिला पंचायत द्वारा 15 वें वित्त आयोग से पानी की  व्यवस्था के लिए राशि मुहैया करा कर गौठानों में पानी की वैकल्पिक व्यवस्था की गयी है। 

मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत ने बताया कि उक्त तीनों गौठानों में प्रतिदिन गोबर खरीदी का कार्य किया जा रहा है। गौठान बेचमा में 22 मई तक 1068 क्विंटल गोबर की खरीदी की गई है। वही लभराखुद में 675 क्विंटल और चिंगरौद में 302 क्विलट गोबर खरीदा जा चुका है। क्रय किये गये गोबर से वर्मि कम्पोस्ट खाद भी तैयार कर विक्रय भी किया गया है। उक्त तीनों गौठानें तृतीय चरण में स्वीकृम हुई है। गौठानों में वर्मी टैक, बोर खनन, कोटना निर्माण सीपीटी व तार फैसिंग का निर्माण कराया गया है। ग्रीष्म ऋतु के कारण जल स्तर नीचे होने के कारण पानी की वैकल्पिक व्यवस्था भी की गयी है ।