महासमुंद में पूर्व केंद्रीय मंत्री पुरुषोत्तम कौशिक की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा, शिक्षा और समाजवाद के क्षेत्र में योगदान को किया याद*
महासमुंद में पूर्व केंद्रीय मंत्री पुरुषोत्तम कौशिक की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा, शिक्षा और समाजवाद के क्षेत्र में योगदान को किया याद*
महासमुंद में पूर्व केंद्रीय मंत्री पुरुषोत्तम कौशिक की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा, शिक्षा और समाजवाद के क्षेत्र में योगदान को किया याद*
*महासमुंद संस्कार न्यूज़ गौरव चंद्राकर की रिपोर्ट।* छत्तीसगढ़ चंद्रनाहू शिक्षण समिति महासमुंद द्वारा पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं प्रखर समाजवादी नेता स्वर्गीय पुरुषोत्तम कौशिक जी की पुण्यतिथि पर भावभीनी श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के प्रारंभ में समिति के सचिव कमलेश चंद्राकर ने प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की और उनके पौत्र पुलकित कौशिक ने माल्यार्पण कर नमन किया। इसके बाद समिति के संचालक सदस्य, समाजवादी साथी, शांत्रीबाई महाविद्यालय एवं चंद्रोदय पब्लिक स्कूल के समस्त स्टाफ ने पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
सभा को संबोधित करते हुए समाजवादी साथी कमलेश घुव ने कहा कि स्वर्गीय कौशिक जी का जीवन अत्यंत संघर्षशील, प्रेरणादायी और समाज के प्रति समर्पित रहा। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन शिक्षा, खेल, किसान, गरीब एवं मजदूर वर्ग के हितों के लिए समर्पित किया। उन्हें किताबें पढ़ने के साथ खेल में भी विशेष रुचि थी।
समिति के सचिव कमलेश चंद्राकर ने कहा कि कौशिक जी ने शिक्षा के विस्तार और शिक्षण संस्थाओं के विकास के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए। आज उनके प्रयासों से स्थापित चंद्रनाहू शिक्षण समिति निरंतर शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ रही है और क्षेत्र के बच्चों को नर्सरी से 12वीं तक सीबीएसई आधारित गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ महाविद्यालयीन शिक्षा प्रदान कर रही है।
पूर्व सचिव द्वारिका प्रसाद चंद्राकर ने कहा कि कौशिक जी का मानना था कि समाज की वास्तविक प्रगति तभी संभव है जब शिक्षा का प्रकाश समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचे और किसान, मजदूर एवं गरीब वर्ग को सम्मान व अधिकार मिले। उनके बताए रास्ते पर चलकर सामाजिक कार्यों में सहभागिता देना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
इस अवसर पर ऋषि चंद्राकर ने कहा कि कौशिक जी ने जमीनी स्तर से केंद्रीय मंत्री बनने तक का सफर तय किया। वे जमीनी नेता थे, इसलिए जनता उन्हें पसंद करती थी। हमें भी उनके नक्शे कदम पर चलकर जमीनी स्तर पर कार्य करना चाहिए।
कार्यक्रम का संचालन समाजवादी साथी राजेश्वर खरे ने किया। आभार प्रदर्शन पुलकित कौशिक ने किया।
श्रद्धांजलि सभा में संचालक द्रोण चंद्राकर, सुरेखा चंद्राकर, निखिल चंद्राकर, दयालु चंद्राकर, प्रसून चंद्राकर, पूर्व सचिव द्वारिका प्रसाद चंद्राकर, चमन लाल चंद्राकर, सदस्य सेवन लाल चंद्राकर, दिलीप कौशिक, शंकर लाल चंद्राकर, नंदकुमार चंद्राकर, देवेन्द्र चंद्राकर, भीमसेन चंद्राकर, ऋषि चंद्राकर, भुपेन्द्र चंद्राकर, गिरजाशंकर चंद्राकर, नारायण नामदेव, मोहन सोनी, अरुण साव, आर.एस.माली, दुलरवा धीवर, जगदीश यादव, योगेश चंद्राकर, सुखी राम हिरवानी, शांत्रीबाई महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. सविता चंद्राकर, चंद्रोदय पब्लिक स्कूल महासमुंद के प्राचार्य नवीन चंद्राकर, चंद्रोदय पब्लिक स्कूल बागबाहरा के प्राचार्य कुंभज चंद्राकर सहित महाविद्यालय व विद्यालय के समस्त स्टाफ एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
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