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सितंबर 29, 2026

गड़बेड़ा तालाब में मगरमच्छ या मछली? सरपंच की सूझबूझ, वन विभाग की तत्परता और ड्रोन जांच ने खोला राज




पिथौरा संस्कार न्यूज़ गौरव चंद्राकर की रिपोर्ट।* पिथौरा विकासखंड के ग्राम गड़बेड़ा स्थित मझआ तालाब में मगरमच्छ देखे जाने की खबर से मंगलवार सुबह गांव में हड़कंप मच गया। सुबह तालाब में बड़ी हलचल देख ग्रामीणों ने मगरमच्छ होने की आशंका जताई। देखते ही देखते यह खबर पूरे गांव में फैल गई, जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल बन गया और लोग तालाब के आसपास जाने से बचने लगे।

ग्रामीणों ने मामले की जानकारी तत्काल ग्राम सरपंच श्रीमती बूंदाबाई नायक को दी। लोगों की सुरक्षा को देखते हुए सरपंच ने सूझबूझ दिखाते हुए गांव में मुनादी कराई कि कोई भी ग्रामीण तालाब के पास न जाए और तालाब में नहाने के लिए बिल्कुल न उतरे। साथ ही मामले की सूचना वन विभाग को दी गई।

सूचना मिलते ही वन परिक्षेत्र अधिकारी अतरंग पांडेय के नेतृत्व में वन अमला तत्परता दिखाते हुए मौके पर पहुंचा और तालाब का बारीकी से निरीक्षण किया।

*ड्रोन कैमरे से की गई निगरानी*


स्थिति को स्पष्ट करने और ग्रामीणों के भय को दूर करने के लिए सरपंच श्रीमती बूंदाबाई की पहल पर ड्रोन कैमरे से पूरे तालाब के ऊपर निगरानी कराई गई। ड्रोन को तालाब के चारों कोनों और बीच में घुमाकर जांच की गई। ड्रोन फुटेज में कहीं भी मगरमच्छ जैसा कुछ नजर नहीं आया, बल्कि पानी में मछलियों का बड़ा झुंड ही हलचल करता दिखाई दिया। ड्रोन जांच के बाद पुष्टि होते ही ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।

ड्रोन कैमरे से ली गई वीडियो तस्वीर

जांच के बाद रेंजर अतरंग पांडेय ने बताया कि तालाब में मगरमच्छ होने की पुष्टि नहीं हुई है। पानी में दिखाई देने वाली हलचल मछलियों के झुंड की वजह से थी। उन्होंने बताया कि मझआ तालाब में हाल ही में मछली के नए बीज डाले गए हैं, ऐसे में बड़ी संख्या में मछलियां मौजूद हैं और उनका झुंड पानी में दिखाई देने से मगरमच्छ होने का भ्रम हुआ। रेंजर ने आशंका जताई कि मछली पकड़ने से रोकने के लिए भय पैदा करने के उद्देश्य से यह अफवाह फैलाई गई हो सकती है। फिलहाल वन विभाग ने एहतियात के तौर पर निगरानी बनाए रखी है और ग्रामीणों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।