*पिथौरा संस्कार न्यूज़ गौरव चंद्राकर की रिपोर्ट* /पिथौरा विकासखंड कोल्दा उप स्वास्थ्य केंद्र में पिछले करीब 10 वर्षों से डॉक्टर की सुविधा नहीं होने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
जानकारी के अनुसार 24 जून 2025 को भुरकोनी से *आरएचओ चतुर्वेदी* का स्थानांतरण कोल्दा उप स्वास्थ्य केंद्र के लिए किया गया था, लेकिन आदेश जारी होने के 3 महीने बाद भी उन्हें कोल्दा में पदस्थ नहीं किया गया। इसके बजाय उन्हें महासमुंद ब्लॉक के *भवंकेरा* में अटैच किए जाने की बात सामने आई है।
*10 साल से डॉक्टर विहीन है कोल्दा*
कोल्दा क्षेत्र के ग्रामीणों का कहना है कि उप स्वास्थ्य केंद्र में लंबे समय से डॉक्टर की आवश्यकता बनी हुई है। करीब एक दशक से यहां नियमित डॉक्टर नहीं होने से ग्रामीणों को इलाज के लिए पिथौरा और महासमुंद तक जाना पड़ता है। ऐसे में ट्रांसफर आदेश के बाद भी डॉक्टर को कोल्दा न भेजकर अन्य जगह अटैच करने से ग्रामीणों में भारी नाराजगी है।
ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि जब कोल्दा में 10 साल से डॉक्टर नहीं है और विभाग ने आदेश भी कोल्दा के लिए जारी किया, तो फिर डॉ. चतुर्वेदी को भवंकेरा में क्यों अटैच किया गया?
सीएमएचओ बोले - संज्ञान में आया है, कार्रवाई करेंगे*
इस संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी महासमुंद *डॉ. रामकेश्वर सिंह कुशवाहा* ने कहा कि, "यह मामला अभी मेरे संज्ञान में आया है। मामले की जानकारी लेकर जल्द ही नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।"
वहीं क्षेत्रवासियों ने स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों से मामले की जांच कर ट्रांसफर आदेश के अनुसार डॉ. चतुर्वेदी को कोल्दा में ही पदस्थ करने की मांग की है।
