महासमुंद में पूर्व केन्द्रीय मंत्री स्व. पुरुषोत्तम कौशिक जी की जयंती पर भव्य संगोष्ठी, चन्द्रनाहूं शिक्षण समिति ने किया ऐतिहासिक आयोजन* - sanskar.live

LIVE KHABAR UPDATE

🔴 LIVE KHABAR
00:00:00
● ताजा खबरें — पल-पल का लाइव अपडेट● Sanskar News — आपके क्षेत्र की हर महत्वपूर्ण खबर● ब्रेकिंग न्यूज और स्थानीय समाचार लगातार अपडेट
Advertisement 1
Advertisement 2
Advertisement 3

सितंबर 24, 2026

महासमुंद में पूर्व केन्द्रीय मंत्री स्व. पुरुषोत्तम कौशिक जी की जयंती पर भव्य संगोष्ठी, चन्द्रनाहूं शिक्षण समिति ने किया ऐतिहासिक आयोजन*




महासमुंद संस्कार न्यूज़ गौरव चद्राकर /छत्तीसगढ़ चन्द्रनाहूं शिक्षण समिति महासमुंद के तत्वावधान में समाजवाद के पुरोधा, किसान-मजदूर और शिक्षा के मसीहा, पूर्व केन्द्रीय मंत्री स्व. पुरुषोत्तम कौशिक जी की जयंती के अवसर पर भव्य एवं प्रेरणादायी संगोष्ठी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ कौशिक जी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि एवं माल्यार्पण कर उन्हें नमन करते हुए किया गया।

आयोजन समिति के अध्यक्ष राहुल चन्द्राकर एवं सचिव कमलेश चन्द्राकर के नेतृत्व में शिक्षण समिति के पूर्व अध्यक्ष व छ.ग. राज्य बीज निगम अध्यक्ष चन्द्रहास चन्द्राकर, संचालक मंडल के सदस्य तारणी चन्द्राकर, वीरेन्द्र चन्द्राकर, निखिल चन्द्राकर, निधी चन्द्राकर, सुरेखा चन्द्राकर, दयालु चन्द्राकर, देवेन्द्र चन्द्राकर, गौरव चन्द्राकर, रोमनाथ चन्द्राकर, धरम चन्द्राकर तथा वरिष्ठ सदस्य द्वारिका प्रसाद चन्द्राकर, सेवनलाल चन्द्राकर, चमन चन्द्राकर, नुकेश चन्द्राकर सहित समिति के सभी पदाधिकारियों ने आयोजन को ऐतिहासिक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस अवसर पर कौशिक जी के सहयोगी व समाजवादी नेता दाऊलाल चन्द्राकर, प्रमोद तिवारी, मदन देवांगन, राजेश्वर खरे, कमलेश ध्रुव, आर.एस. माली, मोहन सोनी, सुखीराम केशरवानी सहित कौशिक परिवार से दिलीप कौशिक, गिरजाशंकर चन्द्राकर, अरुण चन्द्राकर, पुलकित कौशिक, दुष्यंत कौशिक, रामानंद चन्द्राकर, श्रीधर चन्द्राकर, भीमसेन चन्द्राकर, राजू कौशिक, हुलसी चन्द्राकर, अन्नु चन्द्राकर, शांत्रीबाई महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. सविता चन्द्राकर, चन्द्रोदय पब्लिक स्कूल महासमुंद के प्राचार्य नवीन चन्द्राकर व बागबाहरा के प्राचार्य कुम्भज चन्द्राकर, विद्यालय एवं महाविद्यालय के स्टाफ व छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

संगोष्ठी को संबोधित करते हुए दाऊलाल चन्द्राकर ने कहा कि कौशिक जी जमीनी स्तर के महान समाजवादी राजनेता थे, उनकी नजरों में हर कार्यकर्ता एक समान था। उन्होंने शिक्षा, किसान और मजदूरों के हितों के लिए अनेक आंदोलन किए और कई बार जेल भी गए। अध्यक्ष राहुल चन्द्राकर ने कहा कि कौशिक जी का जीवन अत्यंत संघर्षशील व प्रेरणादायी रहा है, उन्होंने स्वयं से ज्यादा समाज के बारे में सोचा, आज की युवा पीढ़ी को उनसे सीखने की आवश्यकता है। चन्द्रहास चन्द्राकर ने कहा कि अंचल के वंचित बच्चों की शिक्षा को ध्यान में रखकर कौशिक जी ने इस शिक्षण समिति और विद्यालय-महाविद्यालय की स्थापना की जो आज वटवृक्ष बनकर उन्नति कर रहा है। समाजवादी साथी प्रमोद तिवारी ने कहा कि जमींदार परिवार से होने के बाद भी कौशिक जी ने संघर्ष का जीवन स्वीकार किया, केन्द्रीय मंत्री के साथ-साथ केन्द्रीय समिति, यूनियन और मंत्रालय समितियों में अध्यक्ष, सलाहकार एवं सदस्य के रूप में देशहित में जनहित के कार्य किए और अपना पूरा जीवन समाज व देश को समर्पित किया। द्वारिका प्रसाद चन्द्राकर ने कहा कि कौशिक जी का व्यक्तित्व ही उन्हें महान बनाता है और उनके आदर्शों को अपनाना ही सच्ची श्रद्धांजलि होगी। चमन चन्द्राकर ने कहा कि कौशिक जी तात्कालिक समय के कांग्रेस नेताओं के समकक्ष थे और उनका लोहा कांग्रेस नेता भी मानते थे। कमलेश ध्रुव ने कहा कि वे सच्चे किसान हितैषी थे और हमेशा समाज के हितों के लिए लड़ते रहे। अंत में सचिव कमलेश चन्द्राकर ने सभी संचालकों, पूर्व संचालकों, वरिष्ठ सदस्यों, समाजवादी साथियों एवं महाविद्यालय परिवार का आभार व्यक्त किया।