पिथौरा संस्कार न्यूज़/ केन्द्रीय सरकार द्वारा अपने कर्मचारियों के लिए जनवरी 2022 से 3% मंहगाई भत्ता बढ़ाने की घोषणा के साथ ही प्रदेश के कर्मचारियों में भी आक्रोश पनप रहा है। छत्तीसगढ़ टीचर्स ऐसोसिएशन महासमंद के जिला प्रवक्ता लोरीश कुमार ने जारी विज्ञप्ति में कहा है कि छत्तीसगढ़ के कर्मचारियों का भत्ता लगातार पिछड़ता जा रहा है। अब हमारे प्रदेश में यह अंतर बढ़कर 17% हो गया है। प्रान्तीय संयोजक सुधीर प्रधान, जिलाध्यक्ष नारायण चौधरी,सचिव नंदकुमार साहू,विजय प्रधान, महेन्द्र चौधरी, कौशल साहू,सोमनाथ चौहान, गौरीशंकर पटेल, सुश्री तृप्ति अनुकारिणी, रश्मि साहू,अनुपम कलेत,रमेश नायक,मनोहर साहू,शिशुपाल प्रधान ने मांग की है कि छत्तीसगढ़ के कर्मचारियों को कोरोना काल से मंहगाई भत्ता नहीं मिल रहा है,जबकि मंहगाई बढती जा रही है। लोरीश गुरूजी ने आक्रोश प्रकट करते हुए कहा है कि जनवरी 2020 का लम्बित 4%भत्ता, जुलाई 2020 का 3% भत्ता,जनवरी 2021 का 4% भत्ता,जुलाई 2021 का 3%भत्ता,और अब जनवरी 2022 का 3% कुल मिलाकर 17% मंहगाई भत्ता लम्बित हो चुका है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के लिए मंहगाई भत्ता ही बढ़ती मंहगाई से राहत पाने का एकमात्र सहारा है। इधर पेट्रोल की बढ़ती कीमत ने मंहगाई को चौगुना बढ़ा दिया है, परन्तु विगत दो वर्षों से मंहगाई भत्ता लम्बित रखकर छत्तीसगढ़ के कर्मचारियों के साथ अन्याय किया जा रहा है। उन्होंने शासन से लम्बित 17% देय भत्तों का आदेश शीघ्र जारी करने की मांग की है।
