भारतीय ऊर्जा परिदृश्य 2047 विषय पर रखा विचार, तीन विजेता जाएंगे जिला स्तर पर
*बसना संस्कार न्यूज़ गौरव चंद्राकर की रिपोर्ट।* राष्ट्रीय विज्ञान संगोष्ठी (एनएसएस) 2026 के अंतर्गत विकासखंड स्तरीय विज्ञान संगोष्ठी का आयोजन शुक्रवार को पीएमश्री स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय बसना में गरिमामय वातावरण में किया गया।
संगोष्ठी का मुख्य विषय "भारतीय ऊर्जा परिदृश्य 2047 : संभावनाएँ एवं चुनौतियाँ" रहा। इसका उद्देश्य कक्षा 8वीं से 10वीं तक के विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, तार्किक एवं विश्लेषणात्मक चिंतन विकसित करना था। विकासखंड के विभिन्न विद्यालयों से चयनित विद्यार्थियों ने ऊर्जा के वर्तमान परिदृश्य, भविष्य की आवश्यकताओं, वैकल्पिक एवं नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों पर अपने विचार प्रभावी ढंग से रखे।
*ये रहे विजेता -*
निर्णायक मंडल में शास. पूर्व माध्यमिक अरेकेल के शिक्षक प्रेमचंद साव, सेजेस बसना के व्याख्याता योगेश प्रधान एवं रोहित साहू शामिल रहे। निष्पक्ष मूल्यांकन के बाद परिणाम घोषित किए गए। जिसमें प्रथम स्थान कु. पलक पटेल सेजेस भंवरपुर, द्वितीय स्थान एकांत साहू शास. हायर सेकेंडरी दुलारपाली और तृतीय स्थान डिमेश देवांगन शास. पूर्व माध्यमिक अरेकेल ने प्राप्त किया। तीनों विद्यार्थी अब जिला स्तरीय प्रतियोगिता में विकासखंड का प्रतिनिधित्व करेंगे।
*वक्ताओं ने बढ़ाया उत्साह -*
कार्यक्रम को प्राचार्य सुश्री गिरिजा साहू, व्याख्याता संजय कुमार कर, नोडल अधिकारी अजय कुमार भोई, योगेश प्रधान एवं प्रेमचंद साव ने संबोधित किया। प्राचार्य गिरिजा साहू ने कहा कि 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में ऊर्जा की अहम भूमिका होगी। विद्यार्थियों में ऊर्जा संरक्षण और नवीकरणीय ऊर्जा के प्रति जागरूकता जरूरी है।
विकासखंड शिक्षा अधिकारी बद्री विशाल जोल्हे एवं एबीईओ लोकेश्वर सिंह कंवर ने विजेताओं सहित सभी प्रतिभागियों को बधाई दी और कहा कि यह उपलब्धि पूरे ब्लॉक के लिए गौरव की बात है।
समापन अवसर पर सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान स्वल्पाहार की व्यवस्था भी रखी गई थी।


