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सितंबर 11, 2026

जिला स्तरीय जूनियर रेडक्रॉस काउंसलर्स प्रशिक्षण शिविर सम्पन्न, 79 काउंसलर्स हुए प्रशिक्षित





*महासमुंद संस्कार न्यूज़ गौरव चंद्राकर की रिपोर्ट।* भारतीय रेडक्रॉस सोसाइटी जिला शाखा महासमुंद एवं जूनियर रेडक्रॉस उपसमिति महासमुंद के तत्वावधान में बागबाहरा, पिथौरा एवं महासमुंद विकासखंड के विद्यालयों के जूनियर रेडक्रॉस काउंसलर्स हेतु तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन 7 से 9 सितम्बर 2026 तक सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, महासमुंद में किया गया। प्रशिक्षण शिविर में विभिन्न विद्यालयों से कुल 79 काउंसलर्स ने प्रशिक्षण प्राप्त किया।

प्रशिक्षण शिविर के समापन समारोह में मुख्य अतिथि येतराम साहू, जिलाध्यक्ष भाजपा एवं जिलाध्यक्ष भारत स्काउट्स एवं गाइड्स महासमुंद एवं कार्यक्रम की अध्यक्षता बी.एल. देवांगन, जिला शिक्षा अधिकारी महासमुंद एवं पदेन अध्यक्ष, जूनियर रेडक्रॉस जिला महासमुंद ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में संदीप दीवान, सभापति भारतीय रेडक्रॉस सोसाइटी जिला शाखा महासमुंद एवं अध्यक्ष, बाल संरक्षण कल्याण समिति महासमुंद, डॉ. अनिता रावटे पूर्व उपसभापति, दाऊलाल चंद्राकर पूर्व उपसभापति, प्रबंध समिति सदस्य एच.आर. बघेल, माधवराव टाकसाल, राजेश्वर खरे, आनंद साहू उपाध्यक्ष स्काउट्स एवं गाइड्स महासमुंद, अंजली बरमाल सहायक क्रीड़ा अधिकारी तथा बालमुकुंद दुबे राष्ट्रीय रेडक्रॉस प्रशिक्षक, दिनेश साहू जू.रे.क्रॉ. सचिव पिथौरा, पारस सिन्हा जू.रे.क्रॉ. सचिव बागबाहरा, किरण पटेल जू.रे.क्रॉ. सचिव महासमुंद उपस्थित रहे।

तृतीय सत्र में राष्ट्रीय रेडक्रॉस प्रशिक्षक रायपुर बालमुकुंद दुबे द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया गया। उन्होंने प्राथमिक सहायता, मानवता की सेवा, सामाजिक जीवन में सहयोग तथा आपदा एवं दुर्घटना की परिस्थितियों में सहायता प्रदान करने की क्षमता विकसित करने पर विस्तार से जानकारी दी।

मुख्य अतिथि येतराम साहू ने अपने उद्बोधन में सेवा, संस्कार, बुद्धि, मर्यादा एवं मानवता के महत्व को प्रभावी ढंग से स्पष्ट करते हुए कहा कि *“कब बोलना है, यह बुद्धि तय करती है; कैसे बोलना है, यह संस्कार तय करता है; कितना बोलना है, यह मर्यादा तय करती है; किसके लिए बोलना है, यह मानवता तय करती है और सेवा इन सभी मूल्यों को सार्थक बनाती है।”* उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों में सेवा भावना, अनुशासन, संवेदनशीलता एवं सामाजिक उत्तरदायित्व का विकास करने में जूनियर रेडक्रॉस की महत्वपूर्ण भूमिका है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे जिला शिक्षा अधिकारी एवं पदेन अध्यक्ष, जूनियर रेडक्रॉस जिला महासमुंद बी.एल. देवांगन ने कहा कि विद्यार्थियों में मानवीय मूल्यों एवं संवेदनाओं का विकास प्रशिक्षण का प्रमुख उद्देश्य है। उन्होंने विद्यालयों में प्रशिक्षण के प्रभावी क्रियान्वयन तथा विद्यार्थियों को रेडक्रॉस की सेवा गतिविधियों से जोड़ने पर जोर दिया।

विशिष्ट अतिथि संदीप दीवान ने कहा कि प्रशिक्षण को सार्थक बनाना शिक्षकों एवं काउंसलर्स का महत्वपूर्ण दायित्व है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यालय में जूनियर रेडक्रॉस का गठन एवं उसकी गतिविधियों का नियमित संचालन किया जाना चाहिए, ताकि विद्यार्थियों में सेवा, सहयोग एवं मानवता की भावना विकसित हो सके।

कोषाध्यक्ष पारस चोपड़ा ने कहा कि प्रशिक्षण में सीखी गई प्राथमिक सहायता एवं सेवा की मूल बातों को विद्यार्थियों तक पहुंचाना आवश्यक है। उन्होंने काउंसलर्स से प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान का विद्यालय स्तर पर प्रभावी उपयोग करने का आह्वान किया।

जिला रेडक्रॉस अधिकारी एवं राज्य प्रतिनिधि डॉ. अशोक गिरि गोस्वामी ने रेडक्रॉस का प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए जूनियर रेडक्रॉस के गठन, संचालन एवं नियमावली की जानकारी दी। उन्होंने विद्यालयों में नियमानुसार रेडक्रॉस गतिविधियों के संचालन तथा काउंसलर्स प्रशिक्षण को प्रभावी रूप से आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

पूर्व सभापति डॉ. अनिता रावटे ने कहा कि शिक्षक एवं काउंसलर्स की भूमिका विद्यालय को समाज से जोड़ने में महत्वपूर्ण है। उन्होंने पर्यावरण जागरूकता, सहयोग की भावना, नशामुक्ति एवं खेल गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर जोर दिया।

पूर्व उपसभापति दाऊलाल चंद्राकर ने महासमुंद में रेडक्रॉस के गौरवशाली इतिहास को याद करते हुए बताया कि पूर्व में दुर्घटना संभावित स्थलों का चिन्हांकन एवं फर्स्ट एड किट वितरण जैसे सेवा कार्य किए गए हैं। उन्होंने कहा कि समाज सेवा के कार्यों से आत्मिक संतुष्टि प्राप्त होती है तथा रेडक्रॉस मानव सेवा का महत्वपूर्ण माध्यम है।

प्रबंध समिति सदस्य एच.आर. बघेल ने प्रशिक्षण के महत्व को रेखांकित करते हुए आपदा प्रबंधन एवं दुर्घटना प्रबंधन से संबंधित जानकारी को आवश्यक बताया।

प्रबंध समिति सदस्य माधवराव टाकसाले ने जल संरक्षण एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति विद्यार्थियों को जागरूक करने की आवश्यकता पर बल दिया।

राष्ट्रीय रेडक्रॉस प्रशिक्षक बालमुकुंद दुबे ने कहा कि प्राथमिक सहायता प्रशिक्षण का उद्देश्य केवल उपचार की जानकारी देना नहीं है, बल्कि मानवता की सेवा, सामाजिक जीवन में सहयोग तथा घायलों को समय पर प्राथमिक सहायता प्रदान करने की क्षमता विकसित करना है। उन्होंने काउंसलर्स से प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान को अधिक से अधिक विद्यार्थियों तक पहुंचाने का आह्वान किया।

द्वितीय सत्र में डॉ. यशवंत चंद्राकर द्वारा प्राथमिक सहायता से संबंधित महत्वपूर्ण प्रशिक्षण दिया गया। उन्होंने आकस्मिक परिस्थितियों में घायलों को तत्काल एवं उचित प्राथमिक सहायता उपलब्ध कराने की जानकारी दी।

प्रशिक्षण के प्रथम सत्र में संदीप दीवान सभापति भारतीय रेडक्रॉस सोसाइटी जिला शाखा महासमुंद, बी.एल. देवांगन जिला शिक्षा अधिकारी एवं पदेन अध्यक्ष जूनियर रेडक्रॉस महासमुंद, नंद किशोर सिन्हा, सहायक संचालक शिक्षा महासमुंद, प्रबंध समिति सदस्य अभिषेक पाण्डेय एवं आकाश पाण्डेय सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे। इस अवसर पर दिनेश साहू विकासखंड सचिव द्वारा जूनियर रेडक्रॉस के गठन, उद्देश्य, कार्यप्रणाली एवं प्राथमिक सहायता प्रशिक्षण प्रदान किया गया।

तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में कुल 79 काउंसलर्स को जूनियर रेडक्रॉस की गतिविधियों, प्राथमिक सहायता, सेवा एवं मानवता, आपदा एवं दुर्घटना प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण, तथा नशामुक्ति विषयों पर प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षणार्थियों ने प्रशिक्षण को उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक बताते हुए इसे विद्यालयों में प्रभावी रूप से लागू करने का संकल्प लिया।

उक्त कार्यक्रम में तेजलाल देवांगन कंप्यूटर ऑपरेटर, द्वारिका प्रसाद सिन्हा कार्यालय सहायक उपस्थित रहें।