सरपंच-उपसरपंच ने कहा- पेड़ कटाई की हमें कोई जानकारी नहीं, पंचायत में कोई प्रस्ताव नहीं, पिथौरा रेंजर अंतरंग पांडे ने शुरू की जांच
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पिथौरा संस्कार न्यूज़ गौरव चंद्राकर की रिपोर्ट। पिथौरा विकासखंड के ग्राम पंचायत गोडबहाल के आश्रित ग्राम राजाडेरा में स्कूल के पास मैदान निर्माण के नाम पर 100 से अधिक सैकड़ों हरे-भरे पेड़ों की अवैध कटाई का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि बिना पंचायत प्रस्ताव और बिना राजस्व विभाग की अनुमति के कीमती पेड़ों को काटकर ठूंठ में बदल दिया गया।
सरपंच-उपसरपंच ने झाड़ा पल्ला*
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब ग्राम पंचायत के सरपंच-उपसरपंच ने खुद कहा कि पेड़ कटाई के संबंध में हमें कोई जानकारी नहीं है और न ही पंचायत में इस तरह का कोई प्रस्ताव रखा गया है। उनके इस बयान के बाद सवाल और गहरा गया है कि आखिर बिना पंचायत की सहमति के इतने बड़े पैमाने पर पेड़ काटने का आदेश किसने दिया और इसकी लकड़ियां कहां गईं।
ग्रामीणों ने कहा है कि यह सामान्य भूल नहीं बल्कि पर्यावरणीय अपराध है। छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता के अनुसार राजस्व भूमि पर भी बिना एसडीएम की लिखित अनुमति के पेड़ काटना अवैध है। इतनी बड़ी संख्या में पेड़ काटने पर वन संरक्षण अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की धारा 324 के तहत लोक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का अपराध बनता है।
*रेंजर बोले- जांच में गई टीम*
मामले में पिथौरा रेंजर अंतरंग पांडे ने बताया कि पेड़ कटाई की सूचना मिलते ही वन अमले को मौके पर भेजा गया है। प्रथम दृष्टया जमीन राजस्व भूमि है, फिर भी कटे पेड़ों की गिनती, प्रजाति और अनुमति की जांच की जा रही है। रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीणों ने एसडीएम पिथौरा से लिखित शिकायत कर पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच, लकड़ियों के परिवहन की जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की कार्यवाही करने की योजना बनाई है
