प्रदेश स्तर पर समाज को संगठित करने के लिए ही प्रगतिशील सतनामी समाज की स्थापना की गई है - एल.एल. कोशले
महासमुंद संस्कार न्यूज़ गौरव चंद्राकरकी रिपोर्ट।* प्रगतिशील छत्तीसगढ़ सतनामी समाज का 14वां स्थापना दिवस 27 अगस्त को संस्थापक एवं प्रदेशाध्यक्ष एल.एल. कोशले की अध्यक्षता में बारिश की संभावना के कारण वर्चुअल बैठक के माध्यम से मनाया गया। बैठक में प्रदेश, जिला, ब्लॉक व अठगंवा परिक्षेत्र के पदाधिकारियों ने जुड़कर अपने विचार एवं सुझाव रखे।
बैठक को संबोधित करते हुए प्रदेशाध्यक्ष एल.एल. कोशले ने कहा कि छोटे-छोटे समिति और क्षेत्रीय संगठनों में बंटे सतनामी समाज को प्रदेश स्तर पर एक मंच पर संगठित करने तथा शिक्षा, रोजगार और सांस्कृतिक जागरूकता लाने के मूल उद्देश्य से ही छत्तीसगढ़ सतनामी समाज का गठन किया गया था। शुरू में रजिस्ट्रार फर्म एवं सोसायटी द्वारा नाम परिवर्तन के सुझाव पर प्रगतिशील शब्द जोड़ा गया, जिसके कारण 27 अगस्त 2012 को प्रगतिशील छत्तीसगढ़ सतनामी समाज के नाम से संगठन का विधिवत निर्माण हुआ। आज उद्देश्य के अनुरूप समाज संगठित हो रहा है तथा संगठन शिक्षा, रोजगार जैसे रचनात्मक कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि महासमुंद जिले में पे बैक सोसायटी के माध्यम से जरूरतमंद छात्रों को सहयोग किया जा रहा है, जो सराहनीय पहल है। इस प्रकार हर जिले में अधिकारी-कर्मचारियों के सहयोग से पे बैक सोसायटी बनाने की उन्होंने अपील की।
प्रदेश महासचिव मोहन बंजारे ने संगठन द्वारा समाज हित में किए गए कार्यों का ब्यौरा देते हुए प्रदेश स्तर पर सामाजिक सुधार हेतु 15 बिंदुओं पर लिए गए निर्णय को सभी जिलों में लागू करने के लिए पदाधिकारियों से सुझाव लिया। जिस पर बिलासपुर से राजमहंत बसंत अंचल, जांजगीर से श्यामलाल सितारे व महासमुंद से विजय बंजारे सहित अन्य पदाधिकारियों ने संगठन के माध्यम से विद्यालय व महाविद्यालय संचालित करने का महत्वपूर्ण सुझाव दिया। रेखराम बघेल ने प्रदेश स्तर पर शिक्षा प्रकोष्ठ का गठन करने का निवेदन किया। सहदेव जोशी ने संगठन को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए 100 आजीवन सदस्य बनाकर एक लाख की राशि उपलब्ध कराने का संकल्प लिया।
प्रदेश सहसचिव दिनेश बंजारे ने सभी पदाधिकारियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संगठन समाज के साथ ही अनुसूचित जाति के संवैधानिक अधिकारों के लिए भी समय-समय पर आवाज उठाता रहा है, चाहे आरक्षण में बढ़ोतरी की बात हो या फिर पदोन्नति में आरक्षण की मांग हो। संगठन के नेतृत्व में विशुद्ध रूप से बिना सरकारी सहयोग के केवल सामाजिक सहयोग से दो करोड़ की लागत से गिरौदपुरी के सरहद मड़वा में सतनाम धर्मशाला बनाना बड़ी उपलब्धि है।
वर्चुअल बैठक में प्रमुख रूप से द्रोपदी जोशी, विलोक खरे, बिलासपुर से बसंत अंचल, डी.एल. डहरिया, वेंकट रमन पाटले, दिनेश लहरे, बेमेतरा से राजा लाल बंजारे, अमर सिंह जांगड़े, रामनारायण भारद्वाज, राकेश नारायण बंजारे, खरसिया से राकेश घृतलहरे, बलौदाबाजार से लता सोनवानी, माखन महिलांगे, तनूजा, हिराऊ, सहदेव जोशी, सुखनंदन बघेल, महेंद्र टंडन, चरामा से चंद्रशेखर केसरी, महासमुंद से विजय बंजारे, रेखराम बघेल, खोशिल गेंड्रे, विजय चतुर्वेदी, बेदराम गिलहरे, महेंद्र बंजारे, मेघराज चंद्रसेन, हर्षप्रताप मन्नाडे, अजय मालवीय सहित प्रदेश के युवा प्रकोष्ठ, महिला प्रकोष्ठ एवं आजीवन सदस्यगण वर्चुअल मीटिंग में जुड़कर एक-दूसरे को शुभकामनाएं प्रेषित कीं।



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