कोटा में स्कूल टॉपर, लक्ष्य - रेडियोलॉजिस्ट बनकर गांव की सेवा करना
सरायपाली संस्कार न्यूज गौरव चंद्राकर /मेहनत, लगन और हौसले की मिसाल। सरायपाली विकासखंड के ग्राम माधोपाली के सहर्ष नायक* ने अपनी काबिलियत से पूरे क्षेत्र का नाम रोशन कर दिया है। *नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा आयोजित NEET UG 2025 परीक्षा में सहर्ष ने 720 में से 623 अंक प्राप्त कर ऑल इंडिया रैंक 4558 हासिल की* है। इसी शानदार प्रदर्शन के साथ उनका *MBBS में चयन* भी पक्का हो गया है।
सबसे खास बात यह है कि सहर्ष ने यह मुकाम *12वीं कक्षा के साथ ही* हासिल किया है। वे वर्तमान में *राजस्थान के कोटा स्थित अकलंक डे बोर्डिंग कम रेजिडेंशियल स्कूल* में अध्ययनरत थे।
*शुरू से मेधावी रहा सहर्ष*
सहर्ष की सफलता की कहानी बचपन से ही प्रेरणादायक है। उन्होंने *जवाहर नवोदय विद्यालय सरायपाली से कक्षा 10वीं में 94.2% अंक* प्राप्त कर स्कूल में प्रथम स्थान प्राप्त किया था। इसी कड़ी में उन्होंने हाल ही में *CBSE 12वीं विज्ञान संकाय में 93.4% अंक* लाकर कोटा के अपने स्कूल में भी टॉप किया।
"ये सफलता सबके आशीर्वाद का फल" - सहर्ष नायक*
अपनी सफलता पर सहर्ष ने कहा, _"NEET क्रैक करना आसान नहीं था। इसके लिए रोजाना 10-12 घंटे पढ़ाई, नियमित टेस्ट और लगातार आत्मविश्वास जरूरी था। मैं अपनी इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, परिवार, गुरुजनों और माधोपाली के सभी ग्रामीणों को देता हूं। मेरा सपना है कि मैं *रेडियोलॉजिस्ट* बनकर ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाऊं। मैं चाहता हूं कि मेरे गांव के बच्चे भी मुझसे प्रेरणा लेकर अपने लक्ष्य हासिल करें।"_
*"हमें अपने बेटे पर नाज है" - पिता डॉ. गजानंद नायक*
सहर्ष के पिता *डॉ. गजानंद नायक*, सहायक प्राध्यापक, डॉ. भीमराव अंबेडकर शासकीय महाविद्यालय बलौदा ने कहा, _"सहर्ष बचपन से ही पढ़ाई को लेकर गंभीर था। हमने उसे कभी पढ़ाई के लिए मजबूर नहीं किया, बस सही मार्गदर्शन दिया। आज उसका चयन पूरे परिवार के लिए गर्व का क्षण है। हमारी कामना है कि वह एक अच्छा डॉक्टर बनकर समाज की सेवा करे।"_
"मेहनत रंग लाई" - माता श्रीमती लक्ष्मी नायक*
सहर्ष की माता *श्रीमती लक्ष्मी नायक*, शिक्षिका, शासकीय उच्च प्राथमिक शाला खपरीडीह ने भावुक होते हुए कहा, _"एक मां और शिक्षिका होने के नाते मैंने हमेशा उसे अनुशासन और मेहनत का पाठ पढ़ाया। वह देर रात तक पढ़ता था। आज जब रिजल्ट आया तो लगा कि हमारी सारी मेहनत सफल हो गई।"_
गांव में जश्न, बच्चों के लिए प्रेरणा*
सहर्ष की सफलता की खबर मिलते ही *माधोपाली गांव में खुशी की लहर* दौड़ गई। ग्रामीणों ने उनके घर पहुंचकर मिठाई बांटी और बधाई दी।
ग्राम के वरिष्ठ नागरिक *श्री रामलाल साहू* ने कहा, _"छोटे से गांव का लड़का NEET जैसी राष्ट्रीय परीक्षा में इतना अच्छा रैंक लाए, ये हमारे लिए गर्व की बात है। सहर्ष ने साबित कर दिया कि सरकारी स्कूल के बच्चे भी कुछ भी कर सकते हैं।"_
भविष्य की राह*
सहर्ष का लक्ष्य MBBS के बाद *रेडियोलॉजी में विशेषज्ञता* हासिल करना है। वे ग्रामीण इलाकों में सस्ती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना चाहते हैं।



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