विद्यार्थियों ने कारगिल युद्ध और तिरंगे पर बनाए प्रेरणादायी चित्र, दो मिनट का मौन रखकर दी श्रद्धांजलि
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महासमुंद संस्कार न्यूज़ गौरव चंद्राकर*/शांत्रीबाई कला, वाणिज्य एवं विज्ञान महाविद्यालय, महासमुंद में कारगिल विजय दिवस देश के वीर सैनिकों के अदम्य साहस, शौर्य एवं सर्वोच्च बलिदान को नमन करते हुए श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि महाविद्यालय की सभापति श्रीमती तारणी चंद्राकर एवं प्राचार्य डॉ. सविता चंद्राकर द्वारा मां भारती के छायाचित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इसके पश्चात महाविद्यालय परिवार द्वारा कारगिल युद्ध में अपने प्राणों की आहुति देने वाले अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
*चित्रकला प्रतियोगिता में दिखी देशभक्ति*
इस अवसर पर महाविद्यालय द्वारा विद्यार्थियों के लिए चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों ने कारगिल युद्ध, भारतीय सेना के शौर्य, तिरंगा, राष्ट्रभक्ति एवं वीर सैनिकों के बलिदान पर आधारित आकर्षक एवं प्रेरणादायी चित्र बनाए। प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों ने अपने रचनात्मक कौशल के साथ-साथ देश के प्रति सम्मान एवं गौरव की भावना को भी अभिव्यक्त किया।
*प्राचार्य एवं सभापति ने दिए राष्ट्रभक्ति के संदेश*
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्राचार्य डॉ. सविता चंद्राकर ने कहा कि कारगिल विजय दिवस हमें भारतीय सेना के अदम्य साहस, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा देता है। हमारे वीर सैनिकों के बलिदान के कारण ही आज हम सुरक्षित एवं स्वतंत्र वातावरण में जीवन व्यतीत कर रहे हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से निर्वहन करने का आह्वान किया।
महाविद्यालय की सभापति श्रीमती तारणी चंद्राकर ने कहा कि कारगिल विजय दिवस केवल एक ऐतिहासिक विजय का प्रतीक नहीं, बल्कि यह प्रत्येक भारतीय के लिए राष्ट्रभक्ति, त्याग और समर्पण की प्रेरणा का दिवस है। युवाओं को देश के गौरवशाली इतिहास से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
एनएस अधिकारी ने दिया राष्ट्र सेवा का संदेश*
राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम अधिकारी गायत्री चंद्राकर ने स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि एनएस का उद्देश्य केवल समाज सेवा ही नहीं, बल्कि राष्ट्र सेवा की भावना को भी सशक्त बनाना है। कारगिल के वीर सैनिकों का त्याग प्रत्येक युवा के लिए प्रेरणास्रोत है।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों एवं प्राध्यापकों द्वारा शहीदों को दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई तथा देशभक्ति एवं राष्ट्रीय एकता का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।
कार्यक्रम में स्टाफ सदस्य मेनका चंद्राकर, नारायण चक्रधारी, आकांक्षा सिंह, शत्रुघन पटेल, अर्शिन सोलोमन, नेहा साहू, दामिनी साहू, गुलाब चंद्राकर, विष्णु चंद्राकर, घनश्याम साहू, बलराम चंद्राकर, मानिक लाल तारक, प्रमिला चंद्राकर, मानिक पटेल एवं महाविद्यालय के समस्त छात्र/छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।उक्त विज्ञप्ति घनश्याम साहू द्वारा जारी किया गया।



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