कांकेर के पूर्व छात्राध्यापकों - शिक्षकों का पुनर्मिलन एवं सम्मान कार्यक्रम आयोजित - sanskar.live

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जून 16, 2026

कांकेर के पूर्व छात्राध्यापकों - शिक्षकों का पुनर्मिलन एवं सम्मान कार्यक्रम आयोजित





 कांकेर संस्कार न्यूज़ गौरव चंद्राकर/जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) कांकेर के पूर्व छात्राध्यापकों एवं शिक्षकों का भव्य “मिलन समारोह” उत्साह, आत्मीयता एवं गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। वर्षों बाद एक ही मंच पर एकत्रित हुए पूर्व छात्राध्यापकों एवं शिक्षकों ने अपने छात्र जीवन की मधुर स्मृतियों को साझा करते हुए पुराने संबंधों को पुनः सशक्त बनाया।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। इस अवसर पर संस्थान के  प्राचार्य आनंद कुमार गुप्ता , विशेष अतिथि के रूप में श्री रोशन वर्मा , टी.आर. साहू ,शिवचरण सिंह यादव , हेमंत टांकसाले ,रविप्रकाश मिश्रा ,अनुपम जोफर ,बालाराम सिन्हा ,रामगोपाल जैन ,टी. आर. पिपरैया ,अमित सक्सेना ,एस.के. सूर्यवंशी ,कामिनी श्रीवास्तव , धनराज टांडीया, जनक  सिन्हा उपस्थित होकर अपने अनुभवी शब्दों से सभी बच्चों को उनके उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं प्रदान की 

अतिथियों  का शॉल, श्रीफल एवं स्मृति-चिन्ह भेंट कर सम्मान किया गया। उपस्थित पूर्वछात्राध्यापकों  ने डाइट में बिताए गए दिनों को याद करते हुए कहा कि यह संस्थान केवल शिक्षकों का प्रशिक्षण केंद्र नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण एवं जीवन मूल्यों की पाठशाला रहा है।

समारोह के दौरान पूर्व छात्राध्यापकों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि डाइट से प्राप्त शिक्षा, संस्कार एवं मार्गदर्शन ने उन्हें सफल शिक्षक बनने की दिशा प्रदान की। शिक्षकों एवं पूर्व विद्यार्थियों के बीच हुए संवाद ने कार्यक्रम को भावनात्मक एवं प्रेरणादायी बना दिया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, स्मृति-वाचन, परिचय सत्र एवं रोचक गतिविधियों ने समारोह में उत्साह का संचार किया। लंबे समय बाद मिले साथियों ने पुरानी यादों को ताज़ा करते हुए एक-दूसरे के साथ बिताए पलों को याद किया। पूर्व छात्राध्यापक एवं शिक्षक हेमन्त कुमार साहू ने इसे केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भावनाओं, सम्मान और आत्मीय रिश्तों के पुनर्मिलन का अवसर बताया।

कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने भविष्य में भी इस प्रकार के आयोजनों को नियमित रूप से आयोजित करने का संकल्प लिया, जिससे संस्थान एवं पूर्व विद्यार्थियों के बीच सतत संवाद एवं सहयोग की परंपरा बनी रहे।यह मिलन समारोह गुरु-शिष्य परंपरा, आपसी सम्मान, मित्रता एवं शिक्षा जगत की गौरवशाली विरासत का जीवंत उदाहरण बनकर सभी के हृदय में अविस्मरणीय स्मृतियाँ छोड़ गया।

इस आयोजन को सफल बनाने में पूर्व छात्राधायापक नोगेश्वर साहू ,गिरीश कुमार गौतम ,हेमन्त कुमार साहू ,कन्हैया बैरागी, भोजकुमार जैन, परमेश्वर सिन्हा, हलेश हिडकों, लोकेश साहू, नोमेश सिन्हा, तिजलाल निषाद, चंद्रशेखर नेताम, जयप्रकाश साहू, पीताम्बर साहू एवं अन्य छात्राध्यापकों ने अपना विशेष योगदान दिया|

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