महासमुंद संस्कार न्यूज़ गौरव चंद्राकर/जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, महासमुंद द्वारा संविधान दिवस के अवसर पर जिला प्रशासन द्वारा संचालित नवकिरण अकादमी में अध्ययनरत अभ्यर्थियों को विधिक जागरूकता शिविर अनिल पाण्डेय द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, महासमुंद के मुख्य आतिथ्य में आयोजित हुआ।
इस विधिक जागरूकता शिविर में अनिल पाण्डेय द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने उपस्थिति अभ्यर्थियों को दैनिक जीवन पर आधारित कानून की जानकारी साझा करते हुए बताया कि विधि के पढ़ाई से ही कानून की समग्र जानकारी प्राप्त होती है। वो किसी भी विषय के स्नातक और स्नातकोत्तर के अध्यापन से प्राप्त नहीं होता है इसलिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण महासमुंद आप सभी तक कानून संबंधित जानकारी को आप सभी तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
आगे श्री पाण्डेय ने अभ्यर्थियों से प्रश्नोत्तरी के दौरान चर्चा में बताया कि भारतीय संविधान में संशोधन की प्राप्ति संभावना है इसलिए इसे लचीला संविधान मानते है पर बात रखते हुए संविधान का आधार क्या है पर विस्तार पूर्वक जानकारी प्रदान किए। इसके अलावा मौलिक अधिकार पर भी सभी को मूल तथ्यों पर बात रखते हुए दैनिक जीवन में घटित घटनाओं का उदाहरण देते हुए कानून किस प्रकार सहायक है पर अभ्यर्थियों को जानकारी साझा किए। साथ ही अभ्यर्थियों द्वारा पूछे गए प्रश्न पर छत्तीसगढ़ टोनही प्रताड़ना निवारण अधिनियम, सती प्रथा सहित विभिन्न अधिनियमों पर बात रखते हुए विधिक जानकारी से अवगत कराया। उपस्थित अभ्यर्थियों ने बहुत ही रोचकता के साथ शिविर में भाग लेकर प्रश्न पूछकर कानून संबंधी प्रमुख जानकारी प्राप्त किए। पश्चात ईश्वर चंद्राकर जिला समन्वयक नवकिरण अकादमी महासमुंद विधिक जागरूकता शिविर के आयोजन के लिए नवकिरण अकादमी की ओर से जिला सत्र न्यायधीश और शिविर में उपस्थित अनिल पाण्डेय द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायधीश महासमुंद का धन्यवाद ज्ञापित किए। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से न्यायालयीन स्टाफ, नवकिरण के स्टाफ सहित अधिक संख्या में नवकिरण के अभयर्थी उपस्थित थे।


