प्राथमिक स्कूल के विद्यार्थी ना ही पढ़ना ना ही लिखना जानते है।
साक्षरता अभियान की भी खुली पोल
संतोष गुप्ता संस्कार न्यूज़ की रिपोर्ट
पिथौरा संस्कार न्यूज़/ विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत छिदौली के आश्रित ग्राम टिकरापारा में बंद स्कूल को खुलवाने आज ग्रामीणों ने विद्यार्थियों सहित विकासखंड शिक्षा कार्यालय का घेराव कर दिया करीब घंटों भर अपनी मांग को लेकर विद्यार्थी अपने माता , पिता, भाई ,बहनों के साथ भूखे प्यासे संतुष्टिपूर्ण जवाब के लिये कार्यालय में डटे रहे ।

आज दोपहर में विकासखंड के ग्राम पंचायत छिंदौली के ग्रामीण विकासखंड शिक्षा कार्यालय पहुंचे कर लगभग 7 वर्षों से बंद पड़े स्कूल को खुलवाने की मांग रखी जिससे बच्चों का भविष्य उज्ज्वल हो सके । अपने स्कूल खुलवाने की मांग को लेकर प्राथमिक शाला के नन्हे मुन्हे विद्यार्थी भूमिका विश्वकर्मा , माहेश्वरी बरिहा , जया पटेल आदि ने बताया कि वे पढना चाहते है जिससे उनका भविष्य सुधर सके पर लगातार 7 वर्षों से बंद पड़े प्राथमिक स्कूल से उनकी पढ़ाई प्रभावित है हमारे प्रतिनिधि संतोष गुप्ता ने जब उनसे नाम लिखने और लिखे शब्दों को पढ़ने कहा तो ना तो वे पढ़ सके ना ही नाम लिख सके इससे वर्षों से लागू साक्षरता मिशन पर भी सवाल खड़ा है कि वे अध्ययनरत विद्यार्थियों को लिखने पढने लायक नहीं बना पाये । स्थिति से अंदाजा लगाया जा सकता है कि शिक्षा का स्तर कितना गिर चुका है और ये नौकर शाही अधिकारी , कर्मचारी , शिक्षक ,पढ़ाई होने करवाने का डंका बजाते दिखते है । समय रहते शिक्षा विभाग और उच्च अधिकारी इस पर ध्यान नहीं देगी तो विद्यार्थियों के स्वर्णिम भविष्य की कल्पना भी नहीं कर सकते । बहरहाल इन मासूम विद्यार्थियों और अपने बच्चों की उज्ज्वल भविष्य के लिये चिंतित पालकों की शासन सुध लेती है या नहीं समय के गर्त में है । इस संबंध में विकासखंड शिक्षा अधिकारी केके ठाकुर से जानकारी जानना चाहे तो कार्यालय में नहीं थे ।सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी लछमी डड़सेना से पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जायेगा ।