गीदम संस्कार न्यूज़ गौरव चंद्राकर/ शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने के लिए नगर के शिक्षक राकेश मिश्रा का चयन राज्यपाल पुरस्कार के लिए किया गया है। इन्होंने सरकारी स्कूल में बेहतर तरीके से अध्यापन करा कर अपना नाम राज्य शिक्षक सम्मान की सूची में शामिल कराया है। इनका 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के अवसर पर सम्मान किया जाएगा। गौरतलब है कि राज्य सरकार द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले शिक्षकों को राज्य शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया जाता है। जिसके लिए दंतेवाड़ा जिले से 2 शिक्षकों का चयन किया गया है। उनमें से एक शिक्षक शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गीदम के राकेश मिश्रा है इन्होंने न केवल विद्यार्थियों को सफल बनाया बल्कि सरकारी स्कूल का कायाकल्प भी करके दिखाया है। वे वर्ष 2007 से शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गीदम में व्याख्याता के पद पर पदस्थ है।
दिव्यांगता भी नहीं बन सकी राकेश की बाधा
कोरोना काल के दौरान गाइडलाइन का पालन करते हुए बच्चों को बेहतर तरीके से शिक्षा दी। साथ ही मोहल्ला क्लास व घर घर जाकर बच्चों को पढ़ाई के प्रति जागरूक किया व बच्चों को पढ़ाई से जोड़े रखा। इन्होंने कोरोना काल के दौरान विद्यार्थियों में पठन-पाठन के प्रति रुचि जागृत करने के लिए नवाचार का मार्ग चुना। खास बात यह है कि राकेश मिश्रा पैर से दिव्यांग है फिर भी इनके पैर की दिव्यांगता इनके कार्य में बाधा नहीं बनी। वे लगातार बच्चों को किताबी ज्ञान के अलावा गतिविधि आधारित शिक्षा दे रहे हैं। बच्चों को प्रोत्साहित करते हुए नर्सिंग, मेडिकल आदि फील्ड में एडमिशन के लिए जागरूक किया। साथ ही स्कूल में बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करवाई। स्कूल में पढ़ाई के लायक बेहतर वातावरण निर्माण किया जिससे विद्यालय की दर्ज संख्या 1200 तक पहुँच गई। जिला स्तर पर कलेक्टर महोदय के मार्गदर्शन में छू लो आसमान के अतिरिक्त जिले के मेधावी बच्चों को नीट व जेईई की प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए विशेष कोचिंग करवाई जाएगी इस कोचिंग का आईडिया जिला प्रशासन को गीदम ब्लॉक की तरफ से राकेश मिश्रा ने ही प्रस्तुत किया था।
इस उपलब्धि के लिए राकेश मिश्रा जी को जिला शिक्षा अधिकारी जिला परियोजना अधिकारी खण्ड शिक्षा अधिकारी सहायक खण्ड शिक्षा अधिकारी BRC सभी जिले के भी संकुल समन्वयकों ने बधाई दी है
