बसना संस्कार न्यूज़ गौरव चंद्राकर/ विगत दिनों भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय टीम ने छत्तीसगढ़ में नेतृत्व परिवर्तन कर विष्णुदेव साय की जगह बिलासपुर सांसद अरुण साव को भारतीय जनता पार्टी छत्तीसगढ़ का प्रदेश अध्यक्ष बनाया है,आदिवासी दिवस के दिन हुए इस परिवर्तन से छत्तीसगढ़ की राजनीति गरमा गई है।
सत्ताधारी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम ने ट्वीट कर भाजपा को आदिवासी विरोधी बतलाया है उन्होंने लिखा है कि आदिवासी दिवस के दिन ही एक आदिवासी को अध्यक्ष पद से हटा दिया गया तथा विक्रम उसेंडी को भी कार्यकाल पूरा किये बिना ही पद से हटा दिया गया।
इसी ट्वीट पर तंज कसते हुए भारतीय जनता युवा मोर्चा छत्तीसगढ़ के प्रदेश के नेता पीयूष मिश्रा ने विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस पार्टी सत्ते के नशे में इतनी चूर है कि ऊल जुलूल बयानबाजी कर रही है मरकाम जी शायद ये भूल रहे हैं कि इस बात को अभी महीना भर भी नही गुजरा है कि भारत के सर्वोच्च पद पर पहली बार कोई आदिवासी महिला आसीन हुई हैं। खुद को आदिवासियों का हितैषी बताने वाली कांग्रेस 60 साल तक सत्ते में रही पर आजतक किसी भी सम्मानजनक पद पर किसी आदिवासी नेता को आगे नही बढ़ाया और केवल वोट बैंक की ही राजनीति करते रहे।
ये भारतीय जनता पार्टी की ही देन है कि राष्ट्रपति जैसे महामहिम पद पर एक आदिवासी महिला श्रीमती द्रौपदी मुर्मू को नियुक्त किया गया है,कांग्रेस पार्टी भाजपा को न सिखाये की किस समुदाय का विरोध करना है और किसका सम्मान।
आगे श्री मिश्रा ने कहा कि जैसे कांग्रेस पार्टी के मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ के समसामयिक घटनाओं पर प्रधानमंत्री जी को पत्र लिखते हैं,प्रदेश अध्यक्ष मरकाम जी को भी उनसे सीख लेते हुए इस बार प्रधानमंत्री जी को पत्र लिखना चाहिए और उन्हें धन्यवाद ज्ञापित करना चाहिए कि उन्होंने आदिवासी समुदाय के सम्मान में इतना बड़ा कदम उठाया।
