सरकार ने अधिग्रहण कर धनाढ्य संचालकों को तो कर्ज से उबार दिया/किंतु कर्मचारियों को निकालकर गरीबों के पेट में लात मार अपना असली चेहरा दिखा दिया...भाजपा
दुर्ग संस्कार न्यूज़ सतीश पारख/ अस्पताल कर्मचारियों की विरोध प्रदर्शन की बड़ी खबर सामने आ रही है। जहां चंदूलाल चंद्राकर मेडिकल कॉलेज से नौकरी से निकाले जाने पर कर्मचारी विरोध करते हुए भीषण गर्मी में तपती सड़क में लेट गए।
मिली जानकारी अनुसार पूरा मामला चंदूलाल चंद्राकर मेडिकल कॉलेज का है। जहां चंदूलाल चंद्राकर मेडिकल कॉलेज का अधिग्रहण राज्य सरकार ने 2 फरवरी 2020 को किया था। इसके बाद 3 सितंबर 2020 को राजपत्र में इसका प्रकाशन भी हो गया। जिसके बाद अस्पताल में काम कर रहे 101 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया गया। इसमें स्वास्थ्य कर्मचारी सहित अलग-अलग पदों पर काम करने वाले लोग शामिल थे।
अस्पताल कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर आज सुबह बाइक रैली निकालने वाले थे। जिसके लिए उन्होंने थाने से सूचना भी ली थी। लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। जिसके बाद कर्मचारी विरोध प्रदर्शन करते हुए तपती धूप में सड़क पर लेट गए। और नारेबाजी करते हुए जमकर प्रदर्शन भी किया।
भाजपा नेताओं ने अधिग्रहण के बाद वर्षों से कार्यक्रम कर्मचारियों को काल से निकाल देने के सरकार के फैसले की कड़ी निंदा की है उन्होंने कहा की सरकार ने कालेज का अधिग्रहण कर अमीर संचालकों को तो कर्ज से उबारने के साथ साथ करोड़पति बना दिया?? किंतु गरीब कर्मचारियों को काम से निकालकर सरकार ने गरीबों की विरोधी होने का अपना असली चेहरा उजागर कर दिया है??
कर्मचारियों का कहना है कि वो 2013 से यहां काम कर रहे थे। लेकिन उन्हें निकाल दिया गया। जिसके बाद मांग पूरी नहीं होने पर कर्मचारियों ने हाईकोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया। जहां कुछ दिन बाद इसकी सुनवाई की जाएगी।
फ़िलहाल अस्पताल कर्मचारी मेडिकल कॉलेज के सामने पंडाल लगाकर प्रतिदिन विरोध प्रदर्शन कर रहे है।
