रमेश श्रीवास्तव संस्कार न्यूज़ की रिपोर्ट
पिथौरा/ पिथौरा में विभिन्न स्थानों पर होलिका दहन से पूर्व पूजा पाठ की जा रही है सबसे पहले प्रह्लाद की स्थापना करते हैं उसके पश्चात विभिन्न प्रकार के लकड़ियों को सजाते हैं और गोबर के कंडे को विशेष प्रकार के माला बनाकर उस पर चढ़ाई जाती है तत्पश्चात प्रहलाद की परिक्रमा करते हैं फिर रात को होलिका दहन करते हैं होलिका को ईश्वर द्वारा वरदान प्राप्त था कि वह आदमी नहीं जलेगी और अपने भतीजे पहलाद को लेकर आग में बैठ गई और परिणाम यह हुआ कि प्रहलाद बज गया और होलिका जल गई बुरे कर्म का पूरा ही नतीजा होता है या इससे सीख मिलती है इससे एक और मान्यता है कि होलिका दहन से वातावरण शुद्ध होता है क्योंकि विभिन्न प्रकार की लकड़ियां जलकर धुएं के रूप में वातावरण को शुद्ध करता है
होलिका दहन के पूर्व पूजा करते हुए जन समुदाय,