पिथौरा संस्कार न्यूज़/ निकटतम ग्राम जम्हर में नवरात्रि पूर्व प्रख्यात कथावाचिका राधिका किशोरी की रामकथा की धूम चल रही है। संगीतमय कथा को सुनने बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित हो रहे है। रामचरित मानस केंद्रित कथा प्रसंगों खासतौर पर रामजन्म, शिव पार्वती विवाह, सीता स्वयंवर, राम जानकी विवाह जैसे प्रसंगों साध्वी जी ने अपनी छाप छोड़ी और श्रोताओं को थिरकने के लिए विवश कर दिया।
ग्राम जम्हर में कथा कहते हुए साध्वी राधिका जी ने कहा कि मारीच और सुबाहु क्रमशः दोष और दुख के प्रतीक है। विश्वमित्र के साथ गए भगवान ने दुख रूपी सुबाहु का अंत कर दिया लेकिन दोष रूपी मारीच को मारा नहीं बल्कि समुद्र के पार पहुँचा दिया। संकेत हैं कि दुख तो खत्म होता ही है किंतु दोष जल्दी जाने वाला नहीं है। इसलिए मारीच कालान्तरण में सीताहरण का कारण बना। जनकपुर की विशेषताओं का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि जनकपुरी के नर-नारी धर्म के पथ पर चलने वाले हैं, शीलवान है, ज्ञानी और गुणवान है,संतत्व की प्रतिमूर्ति है। जनकपुरी में भक्ति स्वरूपा सीता जी का प्रादुर्भाव हुआ है। मानस में उल्लेखित तीन प्रमुख नगरों अयोध्या, लंका और जनकपुर में जनकपुरी ही ऐसा नगर है जहाँ शतप्रतिशत नर नारी राम के प्रति समर्पित है। और स्वयंवर में भगवान के पहुंचने पर सफुची नगरी राममय हो गयी है
कथा में भजन गायकी और संगीत भी लोगो को आकर्षित कर रहे हैं। संगीत पक्ष के वीरेंद्र तिवारी, नंदलाल तिवारी, मुकेश मिश्रा, अरविंद दुबे और जयसिंग यादव अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे है। कथा का आयोजन ग्राम जम्हर के चौधरी परिवार एवं ग्रामवासियों के द्वारा किया गया है। प्रतिदिन आम भण्डारा का आयोजन किया जा रहा है। 27 मार्च से प्रारम्भ कथा 2 अप्रैल तक चलेगी।

