बोले शिक्षक : सुप्रीम कोर्ट के फैसले और शासन के राजपत्र के अनुसार हो पदोन्नति, 14 हजार पद खाली होने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित
*रायपुर / नवा रायपुर संस्कार न्यूज़ - गौरव चंद्राकर)।* शिक्षक दिवस 5 सितम्बर के अवसर पर छत्तीसगढ़ के TET (शिक्षक पात्रता परीक्षा) उत्तीर्ण हजारों शिक्षकों ने नवा रायपुर के तूता मैदान में एकत्र होकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। *TET उत्तीर्ण शिक्षक कल्याण संघ छत्तीसगढ़* के नेतृत्व में शिक्षकों ने *'TET आधारित पदोन्नति न्याय सत्याग्रह'* किया और शिक्षा मंत्री निवास के घेराव के लिए रैली निकाली।
प्रदेश के सभी जिलों से आए पात्रता धारी शिक्षकों ने एक स्वर में मांग की कि उनकी पदोन्नति माननीय सर्वोच्च न्यायालय के ऐतिहासिक निर्णय, NCTE की गाइडलाइन और छत्तीसगढ़ शासन के राजपत्र में उल्लेखित नियमों के आधार पर तुरंत की जाए।
*बच्चों के भविष्य के लिए नियम सम्मत पदोन्नति जरूरी -*
संघ के अध्यक्ष ने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए प्राथमिक और माध्यमिक शालाओं में विषय विशेषज्ञ और पूर्णतः पात्रता प्राप्त शिक्षकों का होना अनिवार्य है। यदि राजपत्र के अनुसार TET अनिवार्य करते हुए पदोन्नति की जाती है तो स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों को विषय के अनुकूल योग्य, अनुभवी शिक्षक मिल सकेंगे। इससे शिक्षण व्यवस्था मजबूत होगी और प्रधान पाठकों के पद भरने से प्रशासनिक कसावट आएगी।
उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय और राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) ने अपने आदेशों में साफ किया है कि शिक्षकों की भर्ती और पदोन्नति दोनों में ही TET की योग्यता अनिवार्य है। छत्तीसगढ़ शासन के राजपत्र में भी इसके प्रावधान मौजूद हैं। इसके बावजूद विभाग द्वारा देरी से योग्यताधारी शिक्षकों में भारी असंतोष है। बिना TET योग्यता वाले शिक्षकों को पदोन्नत करना नियमों का सीधा उल्लंघन होगा।
*विभाग की लापरवाही से सूची तक जारी नहीं -*
शिक्षकों ने बताया कि शिक्षा विभाग द्वारा पदोन्नति हेतु 30 जून, 10 अगस्त एवं 30 अगस्त को समय-सीमा निर्धारित कर पत्र जारी किए गए थे, किंतु आज तक कहीं पर सिर्फ सूची का प्रकाशन हो पाया है तो कहीं धरातल पर कोई कार्रवाई ही नहीं हुई है।
*वर्तमान स्थिति अत्यंत चिंताजनक -*
1. प्रदेश के माध्यमिक विद्यालयों में विषय-विशेषज्ञ शिक्षकों के *14,000 पद* खाली पड़े हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है।
2. प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं में *4,000 के करीब प्रधान पाठक* के पद रिक्त होने से शैक्षणिक व प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
3. व्याख्याता के पदों पर भी पदोन्नतियां वर्षों से लंबित हैं।
4. कक्षा 6 से 12 तक के शालाओं में 50% पदों को केवल पदोन्नति से ही भरा जा सकता है, इसलिए पदोन्नति देने से शिक्षकों की कमी बहुत हद तक दूर होगी।
संघ ने कहा कि शिक्षा विभाग के अलावा अन्य सभी विभागों में प्रत्येक वर्ष पदोन्नति प्रक्रिया अपनाई जाती है, मगर अत्यंत खेद का विषय है कि शिक्षा विभाग में वर्षों से पदोन्नति नहीं हुई है। शालाओं में बच्चों और पालकों द्वारा लगातार शिक्षकों की कमी को लेकर मांग की जा रही है।
अंत में शिक्षकों ने माननीय मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री से अपील की कि वे इस संवेदनशील विषय पर तत्काल संज्ञान लें और छत्तीसगढ़ के नौनिहालों के भविष्य तथा योग्य शिक्षकों के सम्मान में नियम सम्मत त्वरित निर्णय लेते हुए वरिष्ठता सूची और पदोन्नति आदेश जारी करें।


