*महासमुंद संस्कार न्यूज़ गौरव चंद्राकर।* शिक्षक दिवस के उपलक्ष्य में रिवरडेल वर्ल्ड स्कूल, महासमुंद द्वारा शिक्षकों के सम्मान एवं उनके व्यावसायिक विकास को समर्पित विशेष "शिक्षक सम्मान एवं संवादात्मक सत्र" का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों के समर्पण, परिश्रम एवं शिक्षा के क्षेत्र में उनके अमूल्य योगदान का सम्मान करना तथा उन्हें नवीन शैक्षणिक दृष्टिकोणों से परिचित कराना था।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में सुप्रसिद्ध शिक्षाविद्, प्राध्यापक एवं प्रेरक वक्ता प्रो. (डॉ.) संजीव करमाकर 'वशिष्ठ' उपस्थित रहे।
शिक्षा को जीवन मूल्यों से जोड़ें : प्रो. वशिष्ठ -* अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में प्रो. करमाकर ने शिक्षकों को बदलते समय के साथ स्वयं को निरंतर अद्यतन रखने, विद्यार्थियों में जिज्ञासा एवं नवाचार की भावना विकसित करने तथा शिक्षा को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रखकर जीवन मूल्यों से जोड़ने पर बल दिया।
सत्र के दौरान प्रो. करमाकर ने शिक्षकों के साथ संवाद स्थापित करते हुए शिक्षा की वर्तमान चुनौतियों, नई शिक्षण पद्धतियों, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 तथा विद्यार्थियों के समग्र विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की। शिक्षकों ने भी अपने अनुभव साझा किए और जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया।
इस अवसर पर विद्यालय प्रबंधन, प्राचार्या पूजा शर्मा, समस्त शिक्षकगण एवं शिक्षण सहयोगी स्टाफ उपस्थित रहे। शिक्षकों के उत्कृष्ट योगदान की सराहना करते हुए उन्हें सम्मानित किया गया। विद्यालय परिसर में उत्साह एवं प्रेरणा का वातावरण रहा।
अंत में प्राचार्या पूजा शर्मा ने मुख्य अतिथि का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे संवादात्मक कार्यक्रम शिक्षकों के ज्ञानवर्धन के साथ-साथ उन्हें नई ऊर्जा एवं प्रेरणा प्रदान करते हैं।
