खैर लकड़ी तस्करी के अंतरराज्यीय सिंडिकेट का भंडाफोड़: 120 करोड़ की तस्करी, 8 फर्जी कंपनियां और 10 म्यूल अकाउंट का खेल, महासमुंद पुलिस ने 2 को ओडिशा से दबोचा - sanskar.live

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सितंबर 15, 2026

खैर लकड़ी तस्करी के अंतरराज्यीय सिंडिकेट का भंडाफोड़: 120 करोड़ की तस्करी, 8 फर्जी कंपनियां और 10 म्यूल अकाउंट का खेल, महासमुंद पुलिस ने 2 को ओडिशा से दबोचा

खैर लकड़ी तस्करी के अंतरराज्यीय सिंडिकेट का भंडाफोड़: 120 करोड़ की तस्करी, 8 फर्जी कंपनियां और 10 म्यूल अकाउंट का खेल, महासमुंद पुलिस ने 2 को ओडिशा से दबोचा



*महासमुंद संस्कार न्यूज़।* जिले में खैर लकड़ी की अवैध तस्करी के खिलाफ चल रही कार्रवाई में महासमुंद पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस की तकनीकी और गहन विवेचना ने एक छोटे से मामले को 120 करोड़ रुपये से अधिक के विशाल अंतरराज्यीय संगठित तस्कर गिरोह के रूप में उजागर कर दिया है।

मामले का खुलासा पिथौरा वन परिक्षेत्र की शिकायत से हुआ था। वन परिक्षेत्र अधिकारी पिथौरा ने आवेदन देकर बताया था कि 23,350 किलोग्राम खैर लकड़ी के अवैध परिवहन के लिए NTPS NOC में शातिर तरीके से कूटरचना कर उसका दुरुपयोग किया गया है, जिससे शासन को राजस्व की भारी क्षति हुई है। इस पर थाना पिथौरा में अपराध क्र. 172/2026 धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2), 61(2), 3(5), 111 BNS, आर्म्स एक्ट 25 और भारतीय वन अधिनियम की धाराओं में अपराध दर्ज किया गया।

*तकनीकी जांच में खुली परतें -*

जांच के दौरान पुलिस ने 7 सितंबर को मुख्य सरगना मनीष अग्रवाल के ठिकाने पर छापेमारी कर 81 लाख रुपये नगद जब्त किए थे। जब्त दस्तावेजों, बैंक ट्रांजेक्शन और तकनीकी साक्ष्यों को जोड़ने पर पुलिस के सामने एक संगठित सिंडिकेट की तस्वीर साफ हुई।

पुलिस अधीक्षक कार्यालय से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार आरोपी मनीष अग्रवाल ने अपने साथियों के साथ मिलकर पिछले दो वर्षों में ओडिशा से लेकर हिमाचल प्रदेश तक 120 करोड़ से अधिक मूल्य की खैर लकड़ी की तस्करी की है।

कैसे चलता था गोरखधंधा -*

तस्करी को वैध दिखाने के लिए गिरोह ने 8 शेल कंपनियां बना रखी थीं। इन्हीं कंपनियों के नाम से फर्जी बिल और फेक इनवॉयस तैयार कर अवैध लकड़ी को वैध कागजों पर ट्रांसपोर्ट किया जाता था। वहीं अवैध कारोबार से आई करोड़ों की रकम को ठिकाने लगाने और उसकी लेयरिंग के लिए 10 से ज्यादा म्यूल बैंक अकाउंट का उपयोग किया जा रहा था।

ओडिशा से दो फर्जी फर्म संचालक गिरफ्तार -*

पुख्ता तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर महासमुंद पुलिस ने ओडिशा में दबिश देकर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है जो इस नेटवर्क के लिए फेक इनवॉयस उपलब्ध कराते थे।

1. पारितोष मिश्रा (47) पिता सुरेंद्र मिश्रा, संचालक पीयूष इंटरप्राइजेज, सालेभाटा, बोलांगीर

2. अखिलेश सिंघल (52) पिता स्व. चंद्रप्रकाश सिंघल, संचालक सिंघल इंटरप्राइजेज, संबलपुर

दोनों को 14 सितंबर 2026 को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है।

पुलिस ने बताया कि प्रकरण में अन्य सह-आरोपियों की तलाश, वित्तीय ट्रेल की जांच जारी है। साथ ही वन विभाग और वित्त एजेंसियों के समन्वय से गिरोह द्वारा अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों की कुर्की और राजसात की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।


via Blogger https://www.sanskar.live/2026/09/120-8-10-2.html
September 15, 2026 at 06:32PM