डॉक्टर बनने का सपना, सफलता का श्रेय माता-पिता और शिक्षकों को दिया
ज्ञान रश्मि विद्यानिकेतन चारामा की छात्रा ने बढ़ाया क्षेत्र का मान, आदिवासी समाज ने दी बधाई
पिथौरा संस्कार न्यूज़ गौरव चंद्राकर की रिपोर्ट /प्रतिभा और लगन से हर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। पिथौरा विकासखंड के ग्राम दुरुगपाली की बेटी कु. यशस्वी ध्रुव ने इसे सच कर दिखाया है। यशस्वी का चयन प्रयास आवासीय विद्यालय बलरामपुर के लिए हुआ है।
यशस्वी, ग्राम दुरुगपाली निवासी डिगेश्वर सिंह ध्रुव प्रधान पाठक और श्रीमती लकेश्वरी ध्रुव व्याख्याता की पुत्री हैं। वह शुरू से ही मेधावी छात्रा रही है। वर्तमान में वह ज्ञान रश्मि विद्यानिकेतन स्कूल चारामा, जिला कांकेर में कक्षा 8वीं की पढ़ाई कर रही है। बचपन से ही यशस्वी का सपना डॉक्टर बनकर समाज की सेवा करना है।
*चाचा के मार्गदर्शन से मिली सफलता*
प्रयास आवासीय विद्यालय की प्रवेश परीक्षा की तैयारी यशस्वी ने अपने चाचा *लुकेश ध्रुव, शिक्षक* के मार्गदर्शन में की। कड़ी मेहनत और नियमित अभ्यास के बदौलत उसने इस प्रतिष्ठित विद्यालय में स्थान प्राप्त किया।
चयन की सूचना मिलने पर यशस्वी ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, विद्यालय के समस्त शिक्षकगण और चाचा को दिया। उसने कहा कि परिवार और गुरुओं के सहयोग से ही यह संभव हो पाया है।
*क्षेत्र में खुशी की लहर*
यशस्वी के चयन की खबर मिलते ही क्षेत्र में खुशी की लहर है। ज्ञान रश्मि विद्यानिकेतन स्कूल के प्राचार्य, शिक्षक-स्टाफ एवं आदिवासी समाज के गणमान्य जनों ने यशस्वी को बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं।
समाज के लोगों ने कहा कि यशस्वी की इस उपलब्धि से क्षेत्र की अन्य बेटियों को भी आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी।

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