700 छात्रों की जेब पर डाका! प्राचार्य ने बिना रसीद उगाहे लाखों, "फीस के नाम पर हो रही खुली लूट" - sanskar.live

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अगस्त 05, 2026

700 छात्रों की जेब पर डाका! प्राचार्य ने बिना रसीद उगाहे लाखों, "फीस के नाम पर हो रही खुली लूट"

मामला फुलझर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भगतदेवरी का




*पिथौरा संस्कार न्यूज़ /पिथौरा विकासखंड के फुलझर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भगतदेवरी में शिक्षा के नाम पर खुलेआम लूट मची है। *लगभग 700 से अधिक विद्यार्थियों* वाले इस स्कूल के प्राचार्य *तारेन्द साहू* पर पालकों ने फीस के नाम पर अवैध वसूली का गंभीर आरोप लगाया है। आरोप है कि प्राचार्य मनमानी कर कक्षा 9वीं से 12वीं तक के छात्रों से अपनी मर्जी से फीस वसूल रहे हैं और बदले में एक पैसे की रसीद तक नहीं दे रहे।

पालकों का सबसे बड़ा आरोप है कि *कक्षा ग्यारहवीं में प्रवेश के लिए 3500 रुपये जबरन वसूले गए, लेकिन उसकी कोई रसीद नहीं दी गई*। पालकों ने कहा कि पिछले कई वर्षों से यही खेल चल रहा है। न प्रबंध समिति का कोई प्रस्ताव है, न कोई हिसाब-किताब। 700 से अधिक छात्रों से वसूली का अंदाजा लगाया जाए तो मामला लाखों का हो सकता है।

"बैठक  में निर्धारित फीस की बात ही नहीं हुई थी"*  

इस घोटाले से प्रबंध समिति के सदस्य भी खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।

कमल अग्रवाल, समिति सदस्य एवं उपसरपंच भगतदेवरी* ने भड़कते हुए कहा, _"हमारी बैठक में फीस बढ़ाने पर कोई चर्चा ही नहीं हुई। फिर ये प्राचार्य किसके आदेश पर 3500-3500 रुपये वसूल रहे हैं? ये पूरी तरह मनमानी है। 700 बच्चों के साथ धोखा हो रहा है।"_

हेमंत कौशिक, फुलहर समिति उपाध्यक्ष* ने कहा, _"बैठक हुई थी लेकिन उसमें फीस बढ़ाने का एक निश्चित राशि का कोई प्रस्ताव पास नहीं हुआ था। प्राचार्य नियमों को ताक पर रखकर अभिभावकों को लूट रहे हैं।"_

BEO का सख्त बयान, कार्रवाई के संकेत*  


मामला सामने आते ही *विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्रीमती लक्ष्मी डडसेना* ने प्राचार्य को घेरते हुए कहा, _"बिना प्रस्ताव के फीस बढ़ाना सीधे-सीधे नियमों का उल्लंघन है। 700 छात्रों से जुड़ा ये गंभीर मामला है। लिखित शिकायत मिलते ही प्राचार्य के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।"_

पालकों में आक्रोश, उच्च स्तरीय जांच की मांग*  

घटना के बाद पालकों में भारी आक्रोश है। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी से मांग की है कि पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और दोषी प्राचार्य को तत्काल निलंबित किया जाए। पालकों का कहना है कि गरीब बच्चों की शिक्षा के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

अब देखना होगा कि शिक्षा विभाग इस "700 छात्रों वाले फीस घोटाले" पर क्या कार्रवाई करता है।

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