रामदर्शन पब्लिक स्कूल जंघोरा में कारगिल विजय दिवस पर श्रद्धांजलि सभा, सेना के योद्धा विनोद सोई रहे मुख्य अतिथि - sanskar.live

Hot




जुलाई 27, 2026

रामदर्शन पब्लिक स्कूल जंघोरा में कारगिल विजय दिवस पर श्रद्धांजलि सभा, सेना के योद्धा विनोद सोई रहे मुख्य अतिथि

 शौर्य की अमर गाथा से गुंजायमान हुआ रामदर्शन पब्लिक स्कूल: 'कारगिल विजय दिवस' पर विशेष सभा का आयोजन



पिथौरा संस्कार न्यूज़ गौरव चंद्राकर* /कारगिल की बर्फ़ीली चोटियों पर भारत माता के वीर बांकुरों द्वारा लिखी गई शौर्य, समर्पण और आत्मबलिदान की अमर गाथा केवल एक ऐतिहासिक घटना नहीं, बल्कि प्रत्येक भारतीय के हृदय में धधकती राष्ट्रप्रेमी चेतना का शाश्वत प्रतीक है। सन् 1999 का वह दुर्गम युद्ध हमें यह स्मरण कराता है कि हमारी स्वतंत्रता और शांति सीमाओं पर तैनात प्रहरियों के अदम्य साहस और सर्वस्व समर्पण की नींव पर टिकी है। इसी अमर शौर्य गाथा को नमन करने तथा नई पीढ़ी के अंतर्मन में राष्ट्र-रक्षा का पावन संकल्प प्रज्वलित करने के उद्देश्य से स्थानीय रामदर्शन पब्लिक स्कूल जंघोरा पिथौरा के प्रांगण में कारगिल विजय दिवस के अवसर पर एक विशेष और भावपूर्ण सभा का आयोजन किया गया।



यह आयोजन न केवल मातृभूमि के रक्षकों के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने का माध्यम बना, बल्कि विद्यार्थियों के अंतर्मन में राष्ट्रप्रेम, समर्पण और राष्ट्र-रक्षा की अमर चेतना को प्रज्वलित करने वाला एक ऐतिहासिक क्षण सिद्ध हुआ।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सेना के अनुभवी एवं समर्पित योद्धा विनोद कुमार सोई उपस्थित रहे। ज्ञात हो कि जनवरी 2002 में भारतीय सेना में सम्मिलित होकर आर्मर्ड कॉर्प्स सेंटर अहमदनगर, महाराष्ट्र से अपना कठोर प्रशिक्षण पूर्ण करने वाले सोई का सैन्य जीवन भावी पीढ़ी के लिए अनुकरणीय है। अपनी पहली नियुक्ति 43 आर्मर्ड रेजिमेंट बीकानेर, राजस्थान से प्रारंभ करने के उपरांत उन्होंने जम्मू-कश्मीर के संवेदनशील क्षेत्रों में राष्ट्रीय राइफल्स बटालियन 2004 व 2016 के माध्यम से राष्ट्र की सीमाओं की अग्रिम पंक्ति में सुरक्षा की। इसके अतिरिक्त वर्ष 2012 में अर्जुन टैंक इंस्ट्रक्टर के रूप में अपनी सेवाएं देने वाले श्री सोई ने महाराष्ट्र, राजस्थान, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, तमिलनाडु और पंजाब जैसे विविध एवं चुनौतीपूर्ण भौगोलिक क्षेत्रों में माँ भारती की निष्ठापूर्वक सेवा की है।

सभा के दौरान विद्यार्थियों ने अपनी बहुमुखी प्रतिभा का परिचय देते हुए कारगिल युद्ध के ऐतिहासिक प्रसंगों पर आधारित एक मर्मस्पर्शी और प्रभावशाली नाट्य रूपांतरण प्रस्तुत किया। बाल-कलाकारों के जीवंत अभिनय, राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत संवादों और शौर्यपूर्ण मुद्राओं ने दर्शकों की आंखों को नम करने के साथ-साथ उनके हृदयों में गर्व की अनुभूति करा दी। इस सांस्कृतिक प्रस्तुति के माध्यम से विद्यार्थियों ने यह संदेश दिया कि देश की सीमा पर तैनात प्रहरी केवल भू-भाग की रक्षा नहीं करते, बल्कि 135 करोड़ देशवासियों के विश्वास और स्वाभिमान की ढाल बनते हैं।

मुख्य अतिथि के रूप में अपने ओजस्वी और विचारोत्तेजक उद्बोधन में विनोद कुमार सोई ने विद्यार्थियों को सेना के अनुशासन, जीवटता और राष्ट्र-प्रथम की भावना से अवगत कराया। उन्होंने अपने सैन्य जीवन के जीवंत अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि सच्चा नागरिक वही है जो अपने क्षेत्र में निष्ठा और ईमानदारी से कार्य करते हुए राष्ट्र निर्माण में योगदान दे। उनके व्यावहारिक और प्रेरणादायी वक्तव्य ने विद्यार्थियों को जीवन में आने वाली हर चुनौती का सामना करने और नैतिक मूल्यों को सर्वोपरि रखने की सीख दी।




आयोजन के अंत में विद्यार्थियों ने देश की संप्रभुता के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले अमर शहीदों की स्मृति में मौन धारण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस गरिमामयी और प्रेरणादायी आयोजन ने विद्यालय के संपूर्ण शैक्षणिक वातावरण को देशभक्ति और सांस्कृतिक चेतना के अनूठे शिखर पर पहुँचा दिया।

Post Top Ad

ad inner footer ad inner footer ad inner footer ad inner footer ad inner footer ad inner footer ad inner footer ad inner footer