तेंदुकोना में 121 गुरुजनों का अभिनंदन, गुरु पूर्णिमा पर ज्ञान-संस्कार की परंपरा को मजबूत करने का आह्वान - sanskar.live

Hot




जुलाई 31, 2026

तेंदुकोना में 121 गुरुजनों का अभिनंदन, गुरु पूर्णिमा पर ज्ञान-संस्कार की परंपरा को मजबूत करने का आह्वान

 गुरु ही राष्ट्र निर्माण की नींव: तेंदुकोना में मनाया गया भव्य गुरु पूर्णिमा महोत्सव




बागबाहरा संस्कार न्यूज गौरव चंद्राकर* । गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर अग्रवाल धर्मशाला तेंदुकोना में पं. भागीरथी दुबे एवं शिष्य परिवार के सौजन्य से वृहद व्यास गुरु पूर्णिमा महोत्सव का आयोजन किया गया। समारोह ज्ञान, संस्कृति और गुरु-शिष्य परंपरा के प्रति श्रद्धा का अनुपम उत्सव बन गया। इस दौरान महासमुंद जिले के 121 विद्वान शिक्षकों का श्रीफल एवं सम्मान-पत्र प्रदान कर अभिनंदन एवं वंदन किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व सांसद चुन्नीलाल साहू थे। अध्यक्षता सर्व ब्राह्मण समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललित मिश्रा ने की। विशेष अतिथि के रूप में पर्यावरण प्रेमी डॉ. विश्वनाथ पाणिग्रही, साहित्यकार रूपेश तिवारी, इतिहासकार डॉ. विजय शर्मा, कन्या गुरुकुल आश्रम की आचार्या हेमलता साहू, गुरुकुल आश्रम कोसरंगी के आचार्य मुकेश जी, कार्मल स्कूल की प्राचार्या सिस्टर अर्पिता एवं ग्राम विकास प्रमुख दिनेश अग्रवाल उपस्थित रहे।

शिष्यों एवं अग्रवाल समाज की मातृशक्तियों द्वारा पं. भागीरथी दुबे का एवं गुरुमाता श्रीमती मंदाकिनी दुबे का पद प्रक्षालन एवं पूजन किया गया। संपूर्ण गुरु पूजन व हवन आचार्य अनिल शास्त्री द्वारा संपन्न कराया गया।

पं. भागीरथी दुबे ने कहा कि गुरु केवल ज्ञानदाता नहीं, बल्कि संस्कारों के संवाहक और समाज के पथप्रदर्शक हैं। उन्होंने वर्तमान समय में गुरु-शिष्य परंपरा को सशक्त बनाने तथा नैतिक मूल्यों के संरक्षण का आह्वान किया।

मुख्य अतिथि चुन्नीलाल साहू ने कहा कि राष्ट्र निर्माण में गुरु की भूमिका सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी गुरुजनों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए समाज को राष्ट्रीय हित और सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति जागरूक करने का संदेश दिया।

कार्यक्रम अध्यक्ष ललित मिश्रा ने कहा कि भारतीय सनातन संस्कृति की गुरु परंपरा ने भारत को विश्वगुरु बनाया है। उन्होंने तक्षशिला और नालंदा जैसी परंपरा का उल्लेख करते हुए संस्कारों के संरक्षण पर बल दिया।

डॉ. विश्वनाथ पाणिग्रही ने सम्मानित शिक्षकों को शुभकामनाएं दीं तथा पं. भागीरथी दुबे एवं श्रीमती मंदाकिनी दुबे को शमी पौधा भेंट किया। साहित्यकार रूपेश तिवारी ने काव्य पाठ किया। सिस्टर अर्पिता ने संस्कृत श्लोकों के साथ विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास पर जोर दिया।

कार्यक्रम का संचालन पं. राजेश्वर शुक्ल ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में हरद्वारी लाल अग्रवाल, ओमप्रकाश अग्रवाल, गणेश अग्रवाल, रामनारायण साहू, यशवंत साहू सहित अग्रवाल समाज का विशेष सहयोग रहा।

Post Top Ad

ad inner footer ad inner footer ad inner footer ad inner footer ad inner footer ad inner footer ad inner footer ad inner footer