छत्तीसगढ़ विज्ञान सभा बसना इकाई द्वारा यह कार्यक्रम आयोजित हुआ
किसानों को मिला फसल विविधीकरण का मंत्र, आय बढ़ाने पर हुआ जोर
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बसना संस्कार न्यूज़ गौरव चंद्राकर /विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर ग्राम पुरुषोत्तमपुर में छत्तीसगढ़ विज्ञान सभा,बसना इकाई द्वारा "फसल विविधीकरण एवं जल संरक्षण हेतु कार्यशाला" का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला में क्षेत्र के किसानों,ग्रामीणों एवं युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा कृषि एवं जल संरक्षण से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त किए।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ.वाय.के. सोना,प्रसिद्ध पर्यावरणविद् एवं सचिव,छत्तीसगढ़ विज्ञान सभा ने अपने उद्बोधन में कहा कि-वर्तमान समय में जल संरक्षण और फसल विविधीकरण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने किसानों को धान के साथ-साथ कम पानी में उगाई जाने वाली वैकल्पिक फसलों को अपनाने की सलाह देते हुए बताया कि इससे जल की बचत,भूमि की उर्वरता में वृद्धि तथा किसानों की आय में सुधार संभव है।आगे उन्होंने पर्यावरण संरक्षण,वायुमंडल का गर्म होना,जलवायु परिवर्तन के विभिन्न कारणों,वृक्षारोपण के लाभ व वृक्षों के अंधाधुंध कटाई के दुष्परिणामों के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी दिया गया। कार्यशाला में किसान दलहन तिलहन उत्पादन के बारे में भी जान पाए।
छत्तीसगढ़ विज्ञान सभा के सदस्य व्याख्याता अजय कुमार भोई ने कहा कि-"वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों को अपनाकर किसान कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने फसल चक्र,आधुनिक कृषि तकनीकों एवं प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण पर विस्तार से जानकारी दी।"
छत्तीसगढ़ विज्ञान सभा के सदस्य प्रेमचन्द साव,शिक्षक,शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला अरेकेल ने अपने संबोधन में कहा कि पर्यावरण संरक्षण एवं जल बचत के प्रति जनजागरण समय की आवश्यकता है। उन्होंने विद्यार्थियों एवं ग्रामीणों को जल संरक्षण के छोटे-छोटे उपायों को दैनिक जीवन में अपनाने का संदेश दिया तथा खेती में नवाचार को बढ़ावा देने पर बल दिया।
संकुल समन्वयक डिजेन्द्र कुमार कुर्रे ने कहा कि कृषि,पर्यावरण और जल संरक्षण एक-दूसरे से जुड़े हुए विषय हैं। यदि किसान जल संरक्षण आधारित खेती को अपनाते हैं तो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्राकृतिक संसाधनों को सुरक्षित रखा जा सकता है। उन्होंने किसानों से प्राप्त जानकारी को व्यवहार में लागू करने का आग्रह किया।
विज्ञान सभा के सक्रिय सदस्य सचिन प्रधान ने कहा कि-
"आज विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर हम सभी को यह संकल्प लेना चाहिए कि प्रकृति की रक्षा केवल एक दिवस का कार्यक्रम नहीं, बल्कि हमारी दैनिक जीवनशैली का हिस्सा बने।"
कार्यक्रम के दौरान किसानों ने विशेषज्ञों से विभिन्न कृषि संबंधी प्रश्न पूछे,जिनका समाधान वैज्ञानिक दृष्टिकोण से किया गया। उपस्थित किसानों ने कार्यशाला को उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक बताते हुए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने की मांग की।अंत में सभी प्रतिभागियों ने जल संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा एवं टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाने का संकल्प लिया।आभार प्रदर्शन शिक्षक प्रेमचन्द साव द्वारा किया गया।
इस अवसर पर ग्राम पंचायत पुरूषोत्तमपुर के सरपंच काजल भोई,सरपंच प्रतिनिधि मनोज भोई, कोटवार आनंद चौहान, त्रिभुवननाथ चौहान,तरुण साहू,आत्माराम सिदार,सचिव धनुर्जय पटेल,वेदव्यास साहू,हीरामन साहू,दिल प्रसाद पटेल सहित पंचगण,किसान एवं काफी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।


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