जिला सहकारिता एवं उद्योग विकास समिति की बैठक समिति की सभापति रामदुलारी सिन्हा की अध्यक्षता में आयोजित की गई - sanskar.live

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मई 14, 2026

जिला सहकारिता एवं उद्योग विकास समिति की बैठक समिति की सभापति रामदुलारी सिन्हा की अध्यक्षता में आयोजित की गई

 उपार्जित धान के निराकरण, खाद-बीज भण्डारण एवं वितरण की हुई समीक्षा




*महासमुंद संस्कार न्यूज़ गौरव चंद्राकर*/ जिला सहकारिता एवं उद्योग विकास समिति की बैठक समिति की सभापति श्रीमती रामदुलारी सिन्हा की अध्यक्षता में आज जिला पंचायत के सभाकक्ष में आयोजित की गई। बैठक में जिले में सहकारिता एवं कृषि से जुड़े विभिन्न विषयों की विस्तृत समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह, उपायुक्त सहकारिता, महाप्रबंधक उद्योग विकास निगम महासमुंद, सहायक खनिज अधिकारी, जिला विपणन अधिकारी, नोडल अधिकारी, सहकारिता विस्तार अधिकारी जिला महासमुंद, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित रायपुर, जिला महासमुंद के समस्त शाखा प्रबंधक तथा जिले की प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के प्रबंधक उपस्थित रहे। बैठक के दौरान उपार्जित धान के निराकरण एवं अंतिम लेखा मिलान की प्रगति की समीक्षा की गई। सभापति श्रीमती रामदुलारी सिन्हा ने संबंधित अधिकारियों एवं समिति प्रबंधकों को धान खरीदी से संबंधित समस्त प्रक्रियाओं को समय-सीमा में पूर्ण करने तथा लेखा मिलान कार्य में पारदर्शिता एवं सटीकता बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों से जुड़े मामलों में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए और लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित किया जाए।

कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने सभी विभागों के अधिकारियों को समन्वय के साथ कार्य करते हुए खरीफ सीजन की तैयारियां समय रहते पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने समिति प्रबंधकों से कहा कि किसानों की समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जाए तथा शासन की योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों को दिलाएं।

बैठक में आगामी खरीफ सीजन को ध्यान में रखते हुए खाद एवं बीज के भण्डारण तथा वितरण व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। कृषि विभाग द्वारा फसल अनुरूप खाद के प्रकार एवं निर्धारित मात्रा के संबंध में जानकारी देते हुए समिति प्रबंधकों को निर्देशित किया गया कि किसानों को शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप ही खाद एवं बीज का वितरण किया जाए। अधिकारियों ने कहा कि किसानों को आवश्यक कृषि आदान समय पर उपलब्ध कराना प्राथमिकता है, ताकि खेती-किसानी कार्य प्रभावित न हो। इस अवसर पर सहकारी समितियों की कार्यप्रणाली, कृषि आदान उपलब्धता तथा किसानों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने के संबंध में भी चर्चा की गई।


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