विवादित प्रश्न तैयार करने वाले जिला अधिकारी व प्रकाशक को बचाकर अनुसूचित जाति के निर्दोष अधिकारी को फंसाने का लगाया आरोप- अजाक्स - sanskar.live

Hot




अप्रैल 29, 2026

विवादित प्रश्न तैयार करने वाले जिला अधिकारी व प्रकाशक को बचाकर अनुसूचित जाति के निर्दोष अधिकारी को फंसाने का लगाया आरोप- अजाक्स

जिला में शिक्षा गुणवत्ता सुधारने वाले अधिकारी विजय लहरे को मिला निलंबन का पुरस्कार



महासमुंद संस्कार न्यूज़ गौरव चंद्राकर/विजय कुमार लहरे तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी महासमुंद के पांच महिने पहले के प्रश्न पत्र व पूर्व के प्रकरणों के लिए दोषी ठहराते हुए स्कूल शिक्षा विभाग ने अनुसूचित जाति के अधिकारी को एक तरफा निलंबन की कार्यवाही से अनुसूचित जाति जनजाति अधिकारी कर्मचारी संघ (अजाक्स) क्षुब्ध व आहत होकर राज्यपाल, मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव व राज्य अनुसूचित जाति आयोग के नाम अपर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा और निलंबन की कार्यवाही को निरस्त करने की मांग किया है।

ज्ञापन में संघ ने बिंदुवार बताया कि अर्धवार्षिक परीक्षा 2025 कक्षा चौथी के अंग्रेजी विषय के विवादित प्रश्र पत्र रायपुर संभाग के पांच जिला व बिलासपुर संभाग के दो जिलों में परीक्षा लिया गया। जिसमें महासमुंद जिला शिक्षा अधिकारी के खिलाफ ही सबसे पहले जांच कराकर कार्यवाही करते हुए नोटिस जारी किया गया। जबकि यह विवादित प्रश्न रायपुर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के द्वारा भेजी पांडुलिपि से लिया गया था। जांच पश्चात य प्रश्न पत्र निर्माण करने वाली शिक्षिका को निलंबित व दुसरे संविदा शिक्षिका की सेवा समाप्ति एवं तिल्दा विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी को केवल चेतावनी पत्र जारी कर विवादित मामले का समाधान हो गया था। किन्तु घटना के तीन महिने बाद बोर्ड परीक्षा के प्रारम्भिक समय में ही विजय कुमार लहरे को महासमुंद जिला शिक्षा अधिकारी के पद से डाइट महासमुन्द प्रभारी प्राचार्य स्थानांतरित किया गया। उक्त आदेश को माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर चैलेंज कर स्थगन आदेश पश्चात यथास्थिति बना रहा। पुनः एक महिने बाद अर्धवार्षिक परीक्षा के उसी विवादित प्रश्न पत्र के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए निलंबित कर दिया गया। जबकि उक्त मामले की वास्तविक जिम्मेदार रायपुर जिला शिक्षा अधिकारी है जहां से विवादित प्रश्र पत्र तैयार हुई। दूसरा दोषी प्रकाशक है जिनके द्वारा अलग अलग जिला के पांडुलिपि के अनुसार पेपर तैयार करना था किंतु केवल रायपुर जिला के विवादित पांडुलिपि प्रश्न पत्र को ही रायपुर संभाग के पांच जिले व अन्य जिले में प्रकाशित कर आपूर्ति की गई। इस प्रकार रायपुर जिला शिक्षा अधिकारी व प्रकाशक के ऊपर कार्यवाही न करते हुए केवल महासमुंद जिला के शिक्षा अधिकारी जो एक अनुसूचित जाति से है उनके ऊपर ही एकतरफा कार्रवाही करना अनुसूचित जाति जनजाति के अधिकारी कर्मचारियों के साथ भेद-भाव को इंगित करता है। यदि विवादित प्रश्न पत्र के लिए महासमुंद जिला शिक्षा अधिकारी विजय कुमार लहरे जिम्मेदार है तो जहां जहां इस विवादित प्रश्न पत्र से परीक्षा ली गई है वो सभी जिला शिक्षा अधिकारी के ऊपर कार्यवाही होनी चाहिए।

निलंबन आदेश का दुसरा बिंदु अधिकारी कर्मचारीयों के द्वारा की गई याचिका के खिलाफ अपील करने का तो शासन व विधि विभाग से अनुमति लेने में प्रकिया का पालन करना पड़ता है। जिसमें उच्च न्यायालय के डबल बेंच में अपील भी की गई जहां से खारिज होने के बाद सुप्रीम कोर्ट में अपील हेतु प्रक्रियाधीन होने के बाद भी निलंबन की कार्यवाही की गयी । जबकि विजय कुमार लहरे के जिला शिक्षा अधिकारी महासमुन्द में पदभार ग्रहण करने के समय माननीय उच्च न्यायालय में 119 प्रकरण लंबित था जिसे प्रत्येक प्रकरण में स्वत: 39 दिन उपस्थित होकर 11 माह के कार्यकाल में 69 प्रकरण का निपटारा करवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाया।

बिंदु क्रमांक 3 के अनुसार आडिट में आर्थिक अनियमितताएं की उल्लेख किया है वो विजय कुमार लहरे की कार्यकाल के पूर्व की घटना है।

जबकि विजय कुमार लहरें के महासमुंद जिला शिक्षा अधिकारी के पदभार ग्रहण के बाद से शैक्षणिक गुणवत्ता में तेजी से सुधार के साथ शिक्षा विभाग ने विभिन्न उपलब्धियां भी हासिल किया है तथा पेंडिंग कार्यालयीन कार्य के निपटारे में भी सुधार हुआ है। आज बोर्ड की वार्षिक परीक्षा परिणाम बेहतर रहा जिनके दिशानिर्देश में कक्षा 12 वीं में जिला से 4 परीक्षार्थियों एवं कक्षा 10 वीं में 8 परीक्षार्थियों ने राज्य के टॉप टेन में स्थान प्राप्त किया है फिर भी बार बार विजय लहरे जैसे अधिकारी को स्थानांतरित करना फिर निलंबन की कार्यवाही कर स्कूल शिक्षा विभग ने पुरस्कृत किया है। इस तरह के कृत्य से हमारे अधिकारी-कर्मचारीयो को आघात लगा है । इस प्रकार की एक तरफा कार्यवाही किया जाना अनुसूचित जाति जनजाति के अधिकारी कर्मचारियों की कार्य कुशलता पर अनावश्यक उच्च अधिकारियों के द्वारा जानबूझकर प्रश्न चिन्ह लगाया जाता रहा है। अतः अजाक्स संगठन विजय कुमार लहरे का निलंबन निरस्त कर पुनः जिला शिक्षा अधिकारी के पद पर बहाल करने की मांग करता है।

ज्ञापन सौंपने वालों में प्रमुख रूप से रेख राम बघेल सम्भागीय उपाध्यक्ष, एस पी ध्रुव प्रांतीय सचिव, अनिल ढ़ीढ़ी जिला उपाध्यक्ष, तुलेन्द्र कुमार सागर जिला सचिव, बी पी मेश्राम जिला मीडिया प्रभारी, रविन्द्र टण्डन संयुक्त सचिव, एम एल ध्रुव संगठन सचिव, संतोष डहरिया, गणेश राम टण्डन, राजेश रात्रे, नंद कुमार कोसरे, फनेन्द्र बंजारे, पीयूष साहनी, खोशील जेन्ड्रे, बाबू लाल ध्रुव एवं सदस्य उपस्थित रहे।

Post Top Ad

ad inner footer ad inner footer ad inner footer