विज्ञान आश्रम कसेकेरा में मनाई पंच महापुरुषों की जयंती - sanskar.live

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अप्रैल 13, 2026

विज्ञान आश्रम कसेकेरा में मनाई पंच महापुरुषों की जयंती

 यूपीएससी में चयनित संजय डहरिया को किया गया सम्मानित

 कमिश्नर, पूर्व कमिश्नर,महानिदेशक प्रोफेसर सहित अध्येताओं ने की शिरकत





सम्राट अशोक, राहुल सांकृतयायन, जोतिबा फुले, नकुल देव ढीढी और डॉ बी आर अंबेडकर जयंती के साथ शिक्षा जागरूकता संगोष्ठी संपन्न


बागबाहरा संस्कार न्यूज़ गौरव चंद्राकर/क्षेत्र में वैज्ञानिक चेतना और अनौपचारिक शिक्षा के लिए कार्यरत विज्ञान आश्रम कसेकेरा में देश के पांच महापुरुषों- सम्राट अशोक,  राहुल सांकृतयायन, जोतिबा फुले, नकुल देव ढीढी और डॉ बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर - की जयंती के अवसर पर एक गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर रायपुर संभाग के कमिश्नर एम. डी. कावरे, पूर्व कमिश्नर दिलीप वासनिक, महासमुंद जिले से यूपीएससी सिविल सर्विस परीक्षा में चयनित संजय डहरिया, भिलाई स्टील प्लांट के  पूर्व सीजीएम एल उमाकांत, जीएम प्रभाकर खोबरागड़े, जीएम  एस पी निगम, रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर के बायो टेक्नोलॉजी विभाग के वरिष्ट प्रोफेसर, डॉ शैलेश जाधव, आर्किटेक्ट अशोक ढवले, उच्च शिक्षा विभाग छत्तीसगढ़ शासन के अपर संचालक डॉ दयाशंकर जगत, जिला शिक्षा अधिकारी महासमुंद डॉ विजय लहरे, सोशल जस्टिस एंड लीगल फाउंडेशन के कोफाउंडर  अनिल बनज, छत्तीसगढ़ विज्ञान सभा के राज्य सचिव डॉ वाय के सोना, शासकीय महिला महाविद्यालय महासमुंद के प्रो. जगदीश खटकर, कृषि वैज्ञानिक आर के आर्या, पूर्व बी ई ओ फ्रैंक अगस्टिन नंद, शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल देवरी के प्रिंसीपल डी एस टंडन, मिडिल स्कूल कुलिया की हेड मास्टर श्रीमती मीना चंद्राकर, मिडिल स्कूल हाथी बाहरा के हेड मास्टर खेमचंद चक्रधारी, कसेकेरा मिडिल स्कूल के हेड मास्टर एवं इतिहासविद डॉ विजय शर्मा, भाषा वैज्ञानिक डॉ राजकुमार टंडन, प्रमोद चंद्राकर दरबेकेरा, अमृता जितेंद्र तावरकर खल्लारी, प्राचार्य तुलेंद्र सागर, महासमुंद, दीनबंधु निराला महासमुंद, विज्ञान शिक्षक एवं एस्ट्रोनॉमी क्लब के सदस्य विजय जगत, डॉ विजय कुमार हाथीगढ़ , व्यसनारायण बंजारे सुखरी डबरी सहित अनेक गणमान्य अतिथियों, शिक्षाविदों एवं अध्येताओं ने सहभागिता की।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि कमिश्नर  एम डी कावरे ने महापुरुषों के योगदानों को स्मरण करते हुए समाज में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने और शिक्षा को सर्वसुलभ बनाने पर बल दिया। उन्होंने कहा, “जहां पुस्तकें होंगी, वहां ज्ञान होगा” और प्रत्येक विद्यालय में सशक्त पुस्तकालय निर्माण का आह्वान किया।कमिश्नर डिपार्टमेंटल इंक्वायरी दिलीप वासनिकर ने विपरीत परिस्थितियों में महापुरुषों द्वारा किए गए शैक्षिक कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि शिक्षा के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए पहले शिक्षकों का भविष्य सुरक्षित करना आवश्यक है। उन्होंने आत्मनिर्भर सोच विकसित करने पर जोर दिया।

भिलाई स्टील प्लांट के पूर्व सीजीएम एल उमाकांत द्वारा विज्ञान आश्रम कसेकेरा के एक नॉलेज शेयरिंग सेंटर के रूप में विकसित होने पर प्रकाश डाला और विद्यार्थियों को  यहां स्थित कबीर फुले बिरसा लाइब्रेरी में उपलब्ध विज्ञान, साहित्य, प्रतियोगी परीक्षाओं की किताबों और सामाजिक विज्ञान की पुस्तकों का अध्ययन कर लाभ उठाने का आह्वान किया। बीएसपी भिलाई के जीएम प्रभाकर खोबरागड़े ने कहा कि पूर्वजों से मिली विरासत को आगे बढ़ाना हमारा दायित्व है और विद्यार्थियों को पुस्तकों के माध्यम से ज्ञान अर्जित करने के लिए प्रेरित किया।आईएएस संजय डहरिया ने अपने संघर्षपूर्ण जीवन यात्रा का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन, पुस्तकालय उपयोग और लक्ष्य के प्रति एकाग्रता का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि वे प्रतिदिन 10-15 लोगों को सकारात्मक दिशा देने का संकल्प लेकर कार्य कर रहे हैं।

रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर के बायोटेक्नोलॉजी विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रोफेसर शैलेश जाधव ने संजय डहरिया जी के अथक परिश्रम एवं कुछ कर दिखाने की लगन की भूरी भूरी प्रशंसा की। कैंसर से प्रभावित होने के बाद उनकी रिकवरी और उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति को उन्होंने एक मिसाल माना। प्रोफेसर जाधव साहब ने एनईपी के विभिन्न प्रावधानों को बताते हुए किताबों से दोस्ती करने और अपने पढ़े हुए पाठों के हस्तलिखित नोट्स बनाने के लिए के लिए स्टूडेंट्स को प्रेरित किया। उन्होंने विद्यार्थियों के जाति प्रमाण पत्र बनने में आ रही दिक्कतों पर भी बातचीत की और कबीर फुले बिरसा लाइब्रेरी में आकर पढ़ने वाले स्टूडेंट्स के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मैगजींस उपलब्ध कराने के लिए स्वीकृति दी। जिला शिक्षा अधिकारी डॉ विजय लहरे ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के संदर्भ में शिक्षा को सशक्त माध्यम बताते हुए एफएलएन (Foundational Literacy and Numeracy) पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता जताई। उन्होंने विद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार के साथ-साथ सॉफ्ट स्किल्स के विकास पर भी जोर दिया। अन्य वक्ताओं में पूर्व विकासखंड अधिकारी फ्रैंक अगस्टिन नंद, प्राचार्य डी. एस. टंडन, प्रधान पाठिका मीना चंद्राकर, डॉ. दयाशंकर जगत, हेमंत खूंटे एवं छत्तीसगढ़ विज्ञान सभा के सचिव वाय. के. सोना ने भी अपने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने समावेशी शिक्षा, स्थानीय भाषा, संप्रेषण क्षमता, सामाजिक जागरूकता और सोशल मीडिया के दुष्प्रभावों से सतर्क रहने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रकाश डाला।

भिलाई स्टील प्लांट के जीएम एस पी निगम ने श्रमिक बच्चों के लिए निःशुल्क गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं क्राउड फंडिंग के माध्यम से किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी।

इस अवसर पर आईएएस संजय डहरिया, डॉ. राजकुमार टंडन, डोमन सिंह टंडन एवं डॉ. विजय शर्मा को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन छत्तीसगढ़ विज्ञान सभा के अध्यक्ष एवं विज्ञान आश्रम के संचालक विश्वास मेश्राम ने किया। उन्होंने गांवों में रिटायर्ड लोगों, शिक्षकों और वालंटियर्स से पहली से कालेज तक अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए समयदान करने का आह्वान किया।  आभार प्रदर्शन  विज्ञान आश्रम की संचालिका श्रीमति उषा मेश्राम द्वारा किया।

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