बीएमओ डॉ. तारा अग्रवाल ने बताया चिरायु दल द्वारा गंभीर बीमारियों का समय पर पहचान कर त्वरित इलाज किया जा रहा है
पिथौरा संस्कार न्यूज़ गौरव चंद्राकर/ राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम अंतर्गत चिरायु दल द्वारा पिथौरा विकासखंड के वनांचल ग्राम पंडरीपानी स्थित शासकीय प्राथमिक शाला में चिरायु स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किया गया। जांच के दौरान 9 वर्षीय बालिका आलिया बुडेक पिता – श्री रमेश बुडेक, माता – श्रीमती अंजली बुडेक के स्वास्थ्य परीक्षण में हृदय संबंधी गंभीर समस्या पाई गई।
चिरायु दल के प्रभारी आयुष चिकित्सा अधिकारी डॉ. वीरेन्द्र प्रजापति द्वारा प्राथमिक जांच में हृदय रोग की आशंका व्यक्त की गई, जिसके बाद बालिका को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पिथौरा भेजा गया। वहां शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रदीप बिशाल द्वारा परीक्षण उपरांत पुष्टि की गई कि बालिका गंभीर हृदय रोग से ग्रसित है तथा आवश्यक जांच (ईको) एवं शीघ्र शल्य चिकित्सा आवश्यक है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई. नागेश्वर राव के निर्देशन तथा आर बी एस के जिला सलाहकार श्री अनुपम शर्मा के समन्वय में तथा खंड चिकित्सा अधिकारी (बीएमओ) डॉ. तारा अग्रवाल के मार्गदर्शन में चिरायु दल ने तत्परता दिखाते हुए बालिका को रायपुर स्थित श्री नारायणा ह्रदयालय सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल (एमएमआई) रेफर किया।
उक्त अस्पताल में शिशु हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ किंजल बक्शी के द्वारा सफलतापूर्वक पीडीए (PDA) डिवाइस क्लोजर सर्जरी चिरायु योजना के अंतर्गत पूर्णतः निःशुल्क संपन्न की गई। शल्य चिकित्सा के पश्चात बालिका पूर्णतः स्वस्थ है।
इस कार्य में चिरायु दल के सदस्य — आयुष चिकित्सा अधिकारी डॉ. वीरेन्द्र प्रजापति, आयुष चिकित्सा अधिकारी डॉ. तनुजा चंद्राकर, फार्मासिस्ट लेखरंजन पटेल, एएनएम राजकुमारी बंजारे एवं लैब टेक्नीशियन बेनूराम सिन्हा — की सराहनीय भूमिका रही।
ऑपरेशन उपरांत चिरायु दल एवं विद्यालय पंडरीपानी की प्रधानाध्यापिका श्रीमती गीता पंडा तथा शिक्षक श्री ओमप्रकाश साहू एवं श्री मनोज कुमार साहू द्वारा बालिका के घर पहुंचकर उसके स्वास्थ्य की जानकारी ली गई।
खंड चिकित्सा अधिकारी (बीएमओ) डॉ. तारा अग्रवाल ने कहा कि “राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत चिरायु दल द्वारा गंभीर बीमारियों का समय पर पहचान एवं त्वरित रेफरल के कारण बालिका को जीवनरक्षक उपचार मिल सका। शासन की चिरायु योजना का उद्देश्य ही है कि दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों के बच्चों को गंभीर बीमारियों में भी निःशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराया जाए। भविष्य में भी इस प्रकार की सतत निगरानी व जांच जारी रहेगी।”
परिजनों ने जताया आभार
बालिका के माता-पिता श्री रमेश बुडेक एवं श्रीमती अंजली बुडेक ने शासन, स्वास्थ्य विभाग एवं चिरायु दल के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि “हमारी बेटी को नया जीवन मिला है। चिरायु योजना के माध्यम से निःशुल्क ऑपरेशन संभव हो सका। हम पूरी टीम के प्रति कृतज्ञ हैं।”
चिरायु दल की सक्रियता एवं समन्वित प्रयास से एक बालिका को नया जीवन प्राप्त हुआ, जो राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की सफलता का प्रेरणादायी उदाहरण है।
उक्त जानकारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पिथौरा के विकासखंड कार्यक्रम प्रबंधक श्री जयकांत विश्वकर्मा ने दी।

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