पदोन्नति में दिव्यांग आरक्षण की अनदेखी शासन के स्पष्ट आदेशों के बावजूद विभागीय उदासीनता, छ ग शालेय शिक्षक संघ ने जताया कड़ा विरोध
दंतेवाड़ा संस्कार न्यूज़ गौरव चद्राकर /शिक्षा विभाग द्वारा हाल ही में जारी प्राचार्य पदोन्नति सूची में दिव्यांग शिक्षकों को आरक्षण का लाभ नहीं दिए जाने पर छत्तीसगढ़ शालेय शिक्षक संघ, के जिला अध्यक्ष संतोष मिश्रा ने गहरी आपत्ति दर्ज कराई है। संघ ने इसे दिव्यांग कर्मचारियों के संवैधानिक एवं विधिक अधिकारों का उल्लंघन बताया है और शासन से तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की है।संघ का कहना है कि सामान्य प्रशासन विभाग एवं स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा वर्ष 2014 से लेकर 2025 तक कई बार यह स्पष्ट किया गया है कि राज्य शासन के अंतर्गत सभी विभागों में पदोन्नति प्रक्रिया के दौरान दिव्यांग कर्मचारियों को 3 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का लाभ अनिवार्य रूप से दिया जाए। इसके बावजूद, वर्तमान प्राचार्य , व्याख्याता एवं अन्य पदोन्नति प्रक्रिया में दिव्यांग वर्ग की अनदेखी कर दी गई, जो कि शासनादेशों का खुला उल्लंघन है। इसके संबंध में संघ ने बार-बार उच्च कार्यालय को इस संबंध में पत्राचार भी किया लेकिन उसके बाद भी जिम्मेदारो के उदासीनता और अड़ियल रवैया के चलते के चलते कई दिव्यांगों को अपने अधिकारों से वंचित होना पड़ा। शासन के क्रमवार आदेश जिनमें दिव्यांग आरक्षण का स्पष्ट प्रावधान है: शासन आदेश क्रमांक एफ 4-1/2013/1-3, दिनांक 26 फरवरी 2014, सामान्य प्रशासन विभाग, नया रायपुर के इस आदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि “छत्तीसगढ़ राज्य में पदोन्नति में दिव्यांग व्यक्तियों के लिए 3 प्रतिशत पद क्षैतिज आरक्षित रहेंगे।”आदेश के अनुसार, प्रत्येक विभाग अपने संवर्ग में 100 बिंदु क्षैतिज आरक्षण रोस्टर तैयार करेगा।इसी संदर्भ में भारत सरकार, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग का ज्ञापन दिनांक 17 जनवरी 2018 में केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को निर्देश दिया कि “दिव्यांग” को नियुक्ति के साथ-साथ पदोन्नति में भी 3 प्रतिशत आरक्षण दिया जाए और यह सभी संवर्गों पर समान रूप से लागू होगा।छत्तीसगढ़ शासन आदेश क्रमांक एफ 13-2/2018/वी.ई./1/3, दिनांक 29 अगस्त 2018, स्कूल शिक्षा विभाग, छत्तीसगढ़ शासनआदेश प्रसारितकिया इसमें पुनः यह उल्लेख किया गया कि “दिव्यांग शिक्षकों को पदोन्नति में आरक्षण का लाभ प्रदान किया जाए तथा सभी अधीनस्थ कार्यालय सुनिश्चित करें कि संबंधित आदेशों का पालन हो।” दिव्यांगता अधिकार अधिनियम, 2016 की धारा 34 पर्सनल डिसेबिलिटी एक्ट , 2016) अधिनियम की धारा 34 में यह स्पष्ट प्रावधान है कि “प्रत्येक सरकारी संस्था में नियुक्तियों और पदोन्नतियों में कम-से-कम 4% स्थान विभिन्न प्रकार की दिव्यांगता वाले व्यक्तियों के लिए आरक्षित रहेंगे।” चुकी विभागों के द्वारा उच्च कार्यालय द्वारा जारी करो के निर्देशों का कड़ाई से पालन नहीं किए जाने को संज्ञान में लेते हुए पुनः सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय महानदी भवन,छत्तीसगढ़ रायपुर के आदेश क्रमांक RULE/339/2025-GAD-3, दिनांक 10 अक्टूबर 2025, के नवीन आदेश जारी कर सभी विभागों को पुनः स्मरण कराया है कि “पदोन्नति की प्रक्रिया के दौरान दिव्यांग कर्मचारियों को 3 प्रतिशत आरक्षण का लाभ देना अनिवार्य है। यदि किसी स्तर पर इसका पालन नहीं हुआ है, तो संबंधित विभाग सुधारात्मक कार्रवाई कर दिव्यांग कर्मचारियों को आरक्षण का लाभ प्रदान करें।”शालेय शिक्षक संघ जिला अध्यक्ष श्री संतोष मिश्रा जी ने कहा है कि सामान्य प्रशासन विभाग के 26 फरवरी 2014 से लेकर 10 अक्टूबर 2025 तक के सभी आदेशों में दिव्यांग आरक्षण स्पष्ट रूप से अनिवार्य बताया गया है। इसके बावजूद भी प्राचार्य , व्याख्याता एवं अन्य पदोन्नति सूची में दिव्यांग वर्ग को शामिल नहीं किया गया, जो कि प्रशासनिक लापरवाही का परिचायक है। संघ शासन से मांग करता है कि इस अन्याय को तुरंत सुधारा जाए। प्रांतीय पदाधिकारी श्री शैलेश सिंह ,श्री कुलदीप सिंह चौहान 2014 से लेकर 2025 तक शासन ने बार-बार दिव्यांग कर्मचारियों के लिए पदोन्नति आरक्षण को अनिवार्य किया है। फिर भी शिक्षा विभाग के स्तर पर इसका पालन नहीं होना गंभीर असंवेदनशीलता है। यह न केवल नियमों की अवहेलना है, बल्कि दिव्यांग शिक्षकों के आत्मसम्मान पर भी आघात है। उच्च कार्यालय द्वारा आदेशों की अवहेलना यह दर्शाती है कि विभागीय जवाबदेही का अभाव है। शासन को चाहिए कि दिव्यांग वर्ग को उनका हक तत्काल प्रदान करे। संघ की प्रमुख मांगें यह है कि शासन के आदेश क्रमांक एफ 4-1/2013/1-3 (26.02.2014),तथा एफ 13-2/2018/वी.ई./1/3 (29.08.2018) तथा RULE/339/2025-GAD-3 (10.10.2025) का पालन कर पूर्व में जारी की गई प्राचार्य पदोन्नति प्रक्रिया में पदों की गणना करते हुए 3% दिव्यांग आरक्षण प्रदान कर वर्तमान में जारी 306 प्राचार्य एवं व्याख्याता के 1100 पदों सहित दिव्यांग कर्मचारी को पदोन्नति प्रदान करने की कार्रवाई किया जाए तथा वर्तमान में परिभ्रमण से जारी प्राचार्य की पदोन्नति की रिवाइज्ड डीपीसी की सूची में दिव्यांग शिक्षकों के आरक्षण अंतर्गत समायोजित कर पदोन्नति प्रदान की जाए।छत्तीसगढ़ शालेय शिक्षक संघ, दंतेवाड़ा ने शासन से यह अपील की है कि दिव्यांग शिक्षकों के प्रति संवेदनशीलता और न्यायपूर्ण व्यवहार शासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।2014 से लेकर 2025 तक के शासनादेश स्वयं यह सिद्ध करते हैं कि दिव्यांग कर्मचारियों को पदोन्नति में आरक्षण का अधिकार न केवल वैधानिक है बल्कि संवैधानिक रूप से संरक्षित भी है। संघ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि शासन ने शीघ्र निर्णय नहीं लिया, तो यह मुद्दा प्रदेशव्यापी आंदोलन के रूप में उठाया जाएगा।
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November 06, 2025 at 07:45PM
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November 06, 2025 at 07:51PM
