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जनवरी 29, 2024

बागबाहरा के कुलिया में नौ दिन चले महोत्सव का हिंदू राष्ट्र निर्माण संघर्ष के लिए संकल्प के साथ भव्यतम विराम

अब कांशी और मथुरा के मंदिरों को नवसृजित करने हो जाएं तैयार : अग्निशिखा जी


श्रीराम कृष्ण भक्ति महोत्सव : याज्ञिक सम्राट चैतन्य स्वामी श्री अग्निशिखा जी महाराज के कहा अब नहीं टूटेगा कोई मंदिर।



महासमुंद संस्कार न्यूज़ गौरव चंद्राकर/याज्ञिक सम्राट चैतन्य स्वामी श्री अग्निशिखा जी महाराज का कहना है कि अयोध्या में भगवान श्रीराम का मंदिर पांच सौ नहीं बल्कि साढ़े नौ सौ साल बाद फिर से तैयार हुआ है। उन्होंने सभी हिंदुओं को एकजुट रहने का आह्वान करते हुए कहा-अब सावधान रहने की आवश्यकता है क्योंकि अब कोई मंदिर टूटने नहीं देंगे, बल्कि टूटे हुए मंदिरों को नवसृजित करने की बारी आ गई है। उन्होंने कहा कि कुलिया गांव से यह संदेश सर्व हिंदू समाज को जा रहा है कि अयोध्या के बाद अब कांशी और मथुरा के मंदिरों को वापस लेकर उन्हें नवसृजित किया जाए, इसके लिए सभी तैयार रहें। 


कोमाखान के कुलिया गांव में आयोजित श्रीराम कृष्ण भक्ति महोत्सव के समापन समारोह को संबोधित करते हुए स्वामी जी ने कहा कि रामकृष्ण की कथा सुनने वालों से बड़ा भाग्यशाली इस पृथ्वी पर दूसरा कोई नहीं हो सकता, यह सौभाग्य कई जन्मों के पुण्य के बाद मिलता है। उन्होंने महोत्सव के आयोजक और मुख्य यजमान डा नीरज गजेंद्र के प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि यह आयोजन केवल पितरों की स्मृति को जीवंत बनाने के लिए नहीं है, बल्कि पितरों के बहाने सर्व हिंदू समाज को जगाने के लिए है कि सावधान हो जाएं अब और कोई आतताई अपनी जड़ें न जमाने पाए, उन्होंने राममंदिर के फैसले के दिन अदालत परिसर में बंदर की मौजूदगी को हनुमान जी की उपस्थिति बताते हुए कहा कि अब भी इस दुनिया में राम-कृष्ण के दूत हैं, जिनके माध्यम से धर्मध्वजा हिंदू राष्ट्र की दिशा में लहरा रहा है। उन्होंने कहा कि पिता के बहाने (डा नीरज व तरूण) गजेंद्र बंधुओं ने जन-जन के दिलों में राम और कृष्ण की भक्ति को जीवंत बनाने का काम किया है, यह अनुकरणीय है। महोत्सव में सांसद चुन्नीलाल साहू, विधायक द्वारिकाधीश यादव, पूर्व सांसद चंदूलाल साहू, पूर्व विधायक प्रीतम दीवान समेत सामाजिक, राजनीतिक और प्रशासनिक रूप से सार्वजनिक क्षेत्रों में सेवा दे रहे अनेक गणमान्य लोगों ने आयोजन को हिंदू राष्ट्र बनाने की दिशा में मिल का पत्थर साबित किया। आयोजक परिवार के तरुण गजेंद्र व सार्थक गजेंद्र ने महोत्सव को सफल बनाने में सहयोग करने वालों का आभार माना। संचालन प्रेमचंद डड़सेना और भूखनलाल सिन्हा कर रहे थे।


प्रेम मार्ग से राष्ट्र में लहराता रहेगा हिंदू धर्मध्वजा : शंकुस्वामी

नौ दिनों तक चले इस महोत्सव में श्रीमद्भागवत ज्ञान यह सप्ताह के तहत तिरुपति के वैदिक शिक्षण संस्थान से वेद और उपनिषद की शिक्षा प्राप्त किए नुआपाड़ा के पं शंकुस्वामी जी महाराज ने कृष्ण लीला का सार बताकर आह्वान किया कि सारी समस्याओं का समाधान श्रीमद्भावगत गीता में है। उन्होंने कहा कि जो धर्म के मार्ग पर चलता है उसके साथ स्वयं नारायण होते हैं, वे नर रूपी मुनष्यों के सारथी बनकर जीवन को कृतार्थ करते हैं। उन्होंने श्रीकृष्ण की जीवन शैली को अपनाकर दुनिया में प्रेम मार्ग को स्वीकार करने का आह्वान किया। 


राम की मर्यादा के अनुसरण से आदर्श बनेगा समाज

महोत्सव के दूसरे चरण में 26 और 27 जनवरी को छत्तीसगढ़ के सुप्रसिद्ध रामकथा मंडली श्री रामदास मानस परिवार बंदौरा (कवर्धा) के श्री फन्नू बैरागी ने संगीतमय कथा के माध्यम से बताया कि श्रीराम मर्यादा के आदर्श कैसे बने। महाेत्सव में धमतरी के गुदगुदा, कुरूद के काेटगांव, गरियाबंद के सोरिद, बागबाहरा के खल्लारी और झारा से पहुंची रामायण मंडलियों ने भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़ी घटनाओं को संगीतबद्ध कर लोगों तक पहुंचाया। 


प्रसिद्ध भागवताचार्य और मानस केसरियों का सम्मान

महाेत्सव में क्षेत्र के ख्यातिलब्ध भागवताचार्य पं उमाशंकर शर्मा, पं बसंत महाराज और पं संतोष शर्मा के साथ राम कथावाचक बुद्धेश्वर डड़सेना, आत्माराम गजेंद्र, भागवत साहू, गणपत साहू, घांसीराम डड़सेना, रामप्रवेश पारकर, कुंवरसिंह साहू, भोपाल सिन्हा समेत अनेक रामायणियों को मानस केसरी से सम्मानित किया गया।



कलश और शोभा यात्रा में हिंदू राष्ट्र बनाने का संकल्प

महोत्सव के पहले दिन कलश यात्रा और आखिरी दिन शोभायात्रा निकालकर आयोजन समिति के लताऋषि चंद्राकर, रोहित सिन्हा, सरपंच प्रेमशंकर सिन्हा, मीना चंद्राकर, उपसरपंच मुकेश सिन्हा, केशवराम साहू, मोरध्वज साहू, रमेश सिन्हा, हेमचंद अग्रवाल, अजय सिन्हा, महेश चंद्राकर, पुरुषोत्तम बघेल समेत सैंकड़ो श्रद्धालुओं ने रामकृष्ण भक्ति के माध्यम से हिंदू राष्ट्र निर्माण का संकल्प दोहराया। यात्राओं में नारे लगे कि अयोध्या तैयार हुआ है अब मथुरा की बारी है।