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मार्च 17, 2023

राष्ट्रीय फाईलेरिया नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत उप स्वास्थ्य केन्द्र गड़बेड़ा मे हाथीपांव से बचाव हेतु लिये गए सैंपल

 

पिथौरा संस्कार न्यूज़ गौरव चंद्राकर /राष्ट्रीय फाईलेरिया नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत उप स्वास्थ्य केन्द्र गड़बेड़ा के ग्राम गड़बेड़ा में फाइलेरिया रोगी के अग्रिम पहचान के लिए रक्तपट्टी संग्रहण किया गया।खण्ड चिकित्सा अधिकारी डॉ टी अग्रवाल के आदेशानुसार एम आई श्री सी एल साहू के मार्गदर्शन में सेक्टर गड़बेड़ा के सर्वे टीम के प्रभारी एवं सेक्टर सुपरवाइजर श्री एन एस नेताम  ने बताया कि फाइलेरिया मच्छर के काटने से होने वाला एक संक्रामक रोग है, जिसे सामान्यतः हाथीपांव के नाम से जाना जाता है। फाइलेरिया रोग से संक्रमित होने पर लसिका वाहिनियों में रुकावट होने से अंगों में सूजन आने लगती है और ये अंग बेडौल हो जाते हैं। फाइलेरिया से बचाव की जानकारी देते हुए आरएचओ श्री अमित अवस्थी ने बताया कि हाथी पाव से बचाव के लिए सबसे पहले अपने आस पास को साफ सुथरा रखे और पानी इकट्ठा ना होने दे समय समय पर कीटनाशक दवा का छिड़काव करे  और सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें। मच्छरों से बचाव के लिए पूरी बाँह के कपड़े पहनें। फाइलेरिया की अग्रिम पहचान के लिए रक्तपट्टी बनाना बहुत सहायक है, जिससे अगर रक्तपट्टी धनात्मक आता है तो समय रहते मरीज का इलाज किया जा सके और गंभीर रोग से बचाया जा सके सर्वे कार्य रात के समय किया जाता है क्योंकि फाइलेरिया के रोगाणु रात के समय हो सक्रिय रहते है। रात्रिकालीन सर्वे टीम में आरएचओ हीरा मरकाम, सी के सोना, प्रीतम उइके,लोकनाथ पटेल, मनोज सोनवानी,उमेश दीवान, अमित ध्रुव,सीएचओ आरती सोना,आशीष जोसफ,नूतन बंजारे, धनेश्वरी बघेल एवं ग्राम की मितानिन उपस्थित रहे।