ग्राम कौहाकुड़ा में श्रीमद् भागवत कथा महायज्ञ को सुनने काफी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं
पिथौरा संस्कार न्यूज़ गौरव चंद्राकर/ कृष्ण की गोपियां वस्तुतः वेदों की रिचाएं हैं। त्रेता युग के समस्त साधु संत साधक सन्यासी द्वापर युग में गोपियों के भेष में भगवान की लीला का रसपान करने आए हैं।
उपरोक्त बातें ग्राम कौहाकुड़ा में श्रीमद् भागवत कथा महायज्ञ के पांचवे दिवस में भगवान कृष्ण की बाल लीला एवं माखन चोरी के विविध प्रसंगों पर बोलते हुए अयोध्या धाम से पधारी कथा वाचिका साध्वी राधिका किशोरी ने कही। उन्होंने भाग्य और कर्म के खेल को अध्यात्म से जोड़ते हुए कहा कि कठिन तपस्या के बाद जिन देवकी माता के गर्भ से भगवान का जन्म हुआ उन्हें भगवान को स्तनपान कराने तक का सुअवसर प्राप्त नहीं हुआ। अवसर प्राप्त हुआ माता यशोदा को वह भी इसलिए कि उन्हें संतों का आशीर्वाद प्राप्त था।कथा को आगे बढ़ाते हुए साध्वी ने कहा कि सृष्टि की प्रत्येक रचना से व्यक्ति को प्रेम करना चाहिए क्योंकि जब राग अनुराग में परिवर्तित हो जाता है तो सहज भाव से ही परमात्मा की प्राप्ति हो जाती है।
ग्राम कौहाकुड़ा में पितृमोक्ष के प्रयोजन से प्रेम शंकर पटेल परिवार के द्वारा आयोजित साध्वी राधिका किशोरी के संगीतमय कथा प्रवचन को सुनने काफी संख्या में लोग कथा स्थल पर पहुंच रहे हैं। सांसद चुन्नीलाल साहू पूर्व सांसद चंदूलाल साहू जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती उषा पटेल पूर्व विधायक रूप कुमारी चौधरी एवं प्रीतम दीवान जनपद उपाध्यक्ष भेखराम साहू सहित गणमान्य नागरिकों के अलावा आसपास के सुधी श्रोता कथा का रसपान कर रहे हैं।