छत्तीसगढ़ में सतनामी समाज के ऊपर हो रहें पुलिसिया भेदभाव को रोकने की मांग
महासमुंद संस्कार न्यूज़/ प्रगतिशील छत्तीसगढ़ सतनामी समाज युवा प्रकोष्ठ के प्रदेशाध्यक्ष दिनेश बंजारे के नेतृत्व में गृहमंत्री छत्तीसगढ़ शासन के नाम डिप्टी कलेक्टर महासमुंद को छत्तीसगढ़ में विभिन्न थानों में सतनामी समाज के साथ की जा रही पुलिसिया भेदभाव को रोकने की मांग किया गया है।
ज्ञापन में बताया गया है कि सतनामी समाज के पीड़ित आवेदक होने पर एफआईआर दर्ज नहीं किया जा रहा है। और यदि एफआईआर दर्ज कर लिया जाता है तो आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं की जाती है। एकट्रोसिटी एक्ट में दर्ज अपराध में भी गिरफ्तारी नहीं किया जा रहा है।
पुलिसिया भेदभाव का सबसे बड़ा उदाहरण तेलीबांधा रायपुर के गंगा प्रसाद मारकंडेय सुसाइड केस है जिसके नीज मकान को जगबीर सिंह गरचा व आकाशदीप गिल एवं अन्य लोगों द्वारा पहले जोर जबरदस्ती बेचने के लिए दबाव बनाया।जब बेचने से इंकार किया गया तो गंगाप्रसाद के रास्ता को बंद कर दिया गया।इन सबके बाद भी नहीं झुके तब उल्टा मानहानि का नोटिस देकर डराने धमकाने के साथ नौकरी से निकालने का दबाव बनाया गया। गंगा प्रसाद द्वारा तेलीबांधा थाना,अजाक थाना व एसपी रायपुर के पास आवेदन देते रहा। परंतु आवेदक के सतनामी होने के कारण कोई कार्यवाही नहीं किया गया। बल्कि उल्टा मानहानि केस में नोटिस देकर थाना बुलाया गया।इस प्रकार पुलिसिया भेदभाव के कारण गंगाप्रसाद ने आत्महत्या कर जान दे दिया।
दुसरी घटना कोरबा के नापतौल निरिक्षक पालसिह डहरिया के साथ पार्वती राइस मिल उरगा के संचालक गोपाल मोदी व अन्य द्वारा शासकीय निरिक्षण के दौरान मारपीट किया गया परंतु आज तक आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
तीसरी घटना महासमुंद जिला के खल्लारी थाना क्षेत्र के कोकड़ी गांव का है जहां नाबालिग लड़कीयों के साथ कुछ युवकों के द्वारा छेड़छाड़ किया गया। जिसके अहंम गवाह व विरोध करने वाले संतोष भारती को जातिगत गाली गलौज देते हुए आरोपियों द्वारा जान से मारने व सबुत मिटाने के उद्देश्य से लाठी डंडे से मारपीट किया गया। बीच बचाव में पहुंचे संतोष की पत्नी को भी अधमरा कर दिया गया। जिसकी रिपोर्ट 24 बाद खल्लारी पुलिस द्वारा हिलाहवाला के बाद गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज किया। परंतु 20 दिन के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं किया जा रहा है। बल्कि उल्टा पीड़ित आवेदकों के ऊपर ही 15 दिन बाद मारपीट का झुठी रिपोर्ट दर्ज कर गंभीर अपराध को समझौता कराने के लिए पुरा पुलिस अमला दबाव बना रही है।


