मोंगरापाली की बेटी ने गरीबी को हराकर किया जिले का नाम रोशन
*बागबाहरा संस्कार न्यूज़ गौरव चंद्राकर/* कठिन से कठिन परिस्थितियां भी यदि मजबूत इरादों और अटूट मेहनत का सामना करें, तो सफलता अपना रास्ता खुद बना लेती है। ऐसा ही कर दिखाया है आदिवासी बहुल क्षेत्र की बेटी और शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला मोंगरापाली की 2022 बैच की मेधावी छात्रा कुमारी डिंपल दीवान ने। गरीबी और विषम परिस्थितियों के बीच पल-बढ़कर डिंपल ने NEET (UG) की राष्ट्रीय परीक्षा में सफलता हासिल कर पूरे महासमुंद जिले का नाम रोशन कर दिया है।
स्वतंत्रता दिवस पर हुआ विशेष सम्मान*
स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर इस प्रतिभावान छात्रा की अद्भुत सफलता को देखते हुए मुख्य अतिथियों के कर-कमलों द्वारा उन्हें विशेष रूप से सम्मानित किया गया। यह सम्मान न सिर्फ डिंपल की मेहनत का प्रमाण था, बल्कि हर उस सपने देखने वाली आंख के लिए उम्मीद है जो अभावों में भी आगे बढ़ने का जज्बा रखती है।
शुरुआत से ही रही हैं बहुमुखी प्रतिभा की धनी*
शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला मोंगरापाली के प्रारंभिक दिनों से ही डिंपल बेहद प्रतिभाशाली रही हैं। अपनी लगन और बौद्धिक क्षमता के बल पर उन्होंने साल 2022 में 'प्रयास विद्यालय, रायपुर' की प्रवेश परीक्षा में सफलता प्राप्त कर अपने उज्जवल भविष्य की नींव रखी थी। आज उसी निरंतरता और कड़े संघर्ष के दम पर उन्होंने NEET परीक्षा उत्तीर्ण कर मेडिकल की दुनिया में कदम रखने की दहलीज पार कर ली है। इस उपलब्धि का श्रेय डिंपल ने अपने गुरुजनों एवं माता-पिता के मार्गदर्शन और सहयोग को दिया है।
*क्षेत्र में खुशी की लहर, मिलीं शुभकामनाएं*
डिंपल की इस ऐतिहासिक सफलता पर क्षेत्र में खुशी की लहर है। मुख्य अतिथि श्रीमती स्मिता हितेश चंद्राकर, जनपद सदस्या गीता देवी दीवान, सरपंच एवं एसएमसी अध्यक्ष खेमराज सिंहा, प्राचार्य विकास कुमार साहू, संकुल समन्वयक ठाकुर राम साहू सहित शिक्षक-शिक्षिकाओं और क्षेत्रवासियों ने उनके सुनहरे भविष्य की कामना की।
इसी के साथ इस सत्र प्रयास विद्यालय रायपुर के लिए चयनित प्रतिभावान विद्यार्थियों कु. चाँद चौहान, कु. पूर्वी दीवान एवं हर्षमादित्य सिंहा को भी सम्मानित किया गया।
राह संघर्ष की जो चलता है, वही संसार को बदलता है,
जिसने रातों से जंग जीती, सूर्य बनकर वही निकलता है।"
शाला परिवार का कहना है कि डिंपल की यह उड़ान अभी शुरुआत है। उनकी सफलता आने वाली पीढ़ियों के लिए मिसाल बनेगी और सिखाएगी कि साधन भले ही कम हों, पर इरादे बुलंद हों तो हर मंजिल पाई जा सकती है।


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