सुर संगम संगीत समिति ने पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजलि, 25 हजार गीतों से आज भी जिंदा हैं रफी
देखें विडियो
*पिथौरा संस्कार न्यूज़ संतोष गुप्ता की रिपोर्ट।* सुरों के बेताज बादशाह और अमर गायक मोहम्मद रफी की पुण्यतिथि पर शनिवार को पिथौरा में "एक शाम रफी के नाम" कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सुर संगम संगीत समिति द्वारा आयोजित इस संगीतमय श्रद्धांजलि सभा में समिति के गायकों ने रफी साहब के सदाबहार गीतों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ सुर संगम संगीत समिति के सदस्यों द्वारा स्व. मोहम्मद रफी के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन कर किया गया।
*25 हजार से अधिक गीत देकर अमर हुए रफी : संतोष गुप्ता*
इस अवसर पर सुर संगम संगीत समिति के गायक, साहित्यकार एवं पत्रकार संतोष गुप्ता ने स्व. मोहम्मद रफी की संगीत यात्रा पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मोहम्मद रफी ने फिल्मी दुनिया को 25 हजार से भी अधिक सुमधुर गीत दिए, जिन्हें आज भी लोग उतने ही चाव से सुनते हैं।
श्री संतोष गुप्ता ने बताया कि अपनी मधुर आवाज और बेजोड़ गायकी के लिए भारत सरकार ने रफी साहब को पद्मश्री सम्मान से नवाजा था। साथ ही उन्हें 6 बार फिल्मफेयर पुरस्कार और राष्ट्रीय पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया। उन्होंने कहा कि रफी साहब सिर्फ गायक नहीं, बल्कि एक युग थे। उनकी आवाज हर पीढ़ी के दिलों में बसती है।
*रफी के गीतों से सजी संगीतमय संध्या*
एक शाम रफी के नाम" कार्यक्रम में समिति के गायकों ने एक से बढ़कर एक गीत प्रस्तुत कर माहौल को रफीमय बना दिया।
कार्यक्रम में हरिहर मिश्रा ने "कौन है जो सपनों में आया", मुन्ना ताज ने "वादियां मेरा दामन", संतोष गुप्ता ने "क्या हुआ तेरा वादा", सुरेश ठाकुर ने "मैंने पूछा चांद से", डीपी साहू ने "तू इस तरह से मेरी जिंदगी में", अविनाश सेठ ने "चाहूंगा मैं तुझे", रमेश ठाकुर ने "पुकारता चला हूं मैं", विजय सेन ने "मोहम्मद रफी तू बहुत याद आया" और गायिका प्रीति सेन ने "पत्ता पत्ता बूटा बूटा" जैसे सदाबहार गीतों की शानदार प्रस्तुति दी।
प्रत्येक गीत पर श्रोताओं ने तालियों से कलाकारों का उत्साह बढ़ाया। सभी गायकों ने अपनी आवाज से रफी साहब को सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम का सफल संचालन संतोष गुप्ता ने किया, जबकि आभार व्यक्त मुन्ना ताज ने किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में संगीत प्रेमी, साहित्यकार और शहर के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।


.jpeg)