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*महासमुन्द संस्कार न्यूज गौरव चंद्राकर*/ उच्च शिक्षा विभाग एवं पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर के निर्देशानुसार राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अंतर्गत शांत्रीबाई कला, वाणिज्य एवं विज्ञान महाविद्यालय महासमुन्द में नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए इंडक्शन प्रोग्राम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को महाविद्यालय, पाठ्यक्रम एवं नई शिक्षा नीति से अवगत कराना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ चन्द्रनाहूं शिक्षण समिति के संचालक सदस्य एवं महाविद्यालयीन उपसमिति सभापति तारिणी चंद्राकर, संचालक सदस्य निखिल चंद्राकर एवं महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. सविता चंद्राकर द्वारा मां सरस्वती एवं छत्तीसगढ़ महतारी के छायाचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर राष्ट्रगान व राज्यगीत के साथ किया गया। इस अवसर पर नवप्रवेशित विद्यार्थियों एवं उनके पालकों का मुख्य अतिथियों एवं प्राचार्य द्वारा तिलक लगाकर पुष्प भेंट कर स्वागत किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्राचार्य डॉ. सविता चंद्राकर ने कहा कि उच्च शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह ज्ञान, कौशल, संस्कार एवं व्यक्तित्व विकास का आधार है। उन्होंने नवप्रवेशित विद्यार्थियों को महाविद्यालय परिवार का अभिन्न सदस्य बताते हुए नियमित अध्ययन, अनुशासन, समयपालन तथा महाविद्यालय की समस्त शैक्षणिक एवं सह-शैक्षणिक गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता निभाने का आग्रह किया।
छत्तीसगढ़ चन्द्रनाहूं शिक्षण समिति के संचालक सदस्य एवं महाविद्यालयीन उपसमिति सभापति तारिणी चंद्राकर ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में सफलता के लिए परिश्रम, अनुशासन एवं सकारात्मक सोच आवश्यक है। उन्होंने छात्रों को लक्ष्य के प्रति समर्पित होकर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने की प्रेरणा दी। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों को नशामुक्त रहने की शपथ भी दिलाई।
संचालक सदस्य निखिल चंद्राकर ने कहा कि महाविद्यालय गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ नैतिक मूल्यों, व्यक्तित्व विकास एवं रोजगारोन्मुखी शिक्षा पर विशेष बल देता है, ताकि विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास हो सके। उन्होंने सभी विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम में एनईपी संयोजक नारायण चक्रधारी ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत 04 वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम, सेमेस्टर प्रणाली, डीएससी, एईसी, जीई-जेनेरिक इलेक्टिव, वीएसी-मूल्य वर्धित पाठ्यक्रम, एसईसी, ग्रेड सिस्टम एवं क्रेडिट सिस्टम की विस्तृत जानकारी दी। वहीं एनईपी संयोजक आकांक्षा सिंह ने मंच संचालन करते हुए सतत आंतरिक मूल्यांकन, टेस्ट, असाइनमेंट एवं परीक्षा परिणाम प्रक्रिया के बारे में बताया।
कार्यक्रम के अंत में सहायक प्राध्यापक गायत्री चंद्राकर ने मुख्य अतिथियों, पालकों, महाविद्यालय के समस्त स्टाफ एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर महाविद्यालय के स्टाफ हीना चंद्राकर, शत्रुघन पटेल, अर्शिन श्लोमन, नेहा साहू, दामिनी साहू, हंसराज चंद्राकर, विष्णु चंद्राकर, घनश्याम साहू, बलराम चंद्राकर, मानिक लाल तारक, प्रमिला चंद्राकर, मानिक पटेल सहित समस्त छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।



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