संकटमोचक बनीं डायल-112 और 108 इमरजेंसी सेवा - sanskar.live

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अगस्त 11, 2026

संकटमोचक बनीं डायल-112 और 108 इमरजेंसी सेवा

 पिथौरा थाना क्षेत्र बगारपाली में समय पर मदद से बची 18 वर्षीय देवेंद्र की जान




*महासमुंद संस्कार न्यूज़ गौरव चंद्राकर।* आपातकाल में त्वरित सहायता कितनी महत्वपूर्ण होती है, इसका एक और उदाहरण महासमुंद जिले के बगारपाली गांव में देखने को मिला। यहां यूरिया घोल पीकर जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे *18 वर्षीय देवेंद्र ठाकुर* की जान *डायल-112* और *इमरजेंसी सेवा 108* की सूझबूझ और तत्परता से बचाई गई।

क्या हुआ था पूरा मामला*

थाना पिथौरा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम *बगारपाली निवासी देवेंद्र ठाकुर, पिता फुलेश्वर ठाकुर, उम्र 18 वर्ष* ने सोमवार को अज्ञात कारणों से यूरिया घोल पी लिया। विषाक्त पदार्थ पीने के बाद उसकी हालत गंभीर हो गई और वह घर में तड़पने लगा।

इसी दौरान गांव के ही एक जागरूक युवक ने तुरंत *डायल-112* पर कॉल कर सूचना दी। सूचना मिलते ही डायल-112 की टीम ने कॉलर के लोकेशन को ट्रेस कर बिना देरी किए ग्राम बगारपाली स्थित पीड़ित के घर पहुंची। 

टीम के पहुंचने के कुछ ही मिनट बाद *108 इमरजेंसी एंबुलेंस सेवा* भी मौके पर पहुंच गई। दोनों टीमों के समन्वय से पीड़ित देवेंद्र को तुरंत एंबुलेंस में शिफ्ट कर *नजदीकी शासकीय अस्पताल* ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने तुरंत उपचार शुरू किया।

*समय पर इलाज से बची जान*  

समय पर अस्पताल पहुंचने और उचित चिकित्सा मिलने के कारण देवेंद्र की हालत अब खतरे से बाहर है। उपचार के बाद उसकी जान बच गई और परिवार में खुशी लौट आई।

पुलिस अधीक्षक महासमुंद ने डायल-112 और 108 की टीम की तत्परता की सराहना की है।

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