पिथौरा संस्कार न्यूज़ गौरव चंद्राकर /बरसात के मौसम की शुरुआत के साथ ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पिथौरा में मौसमी बीमारियों के मरीजों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। अस्पताल के ओपीडी और वार्ड में बुखार, उल्टी-दस्त, सर्दी-जुकाम, डायरिया, मलेरिया और त्वचा रोग से पीड़ित मरीज रोजाना बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं।अस्पताल की स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने अतिरिक्त बेड, दवाइयां और स्वास्थ्य कर्मियों की ड्यूटी बढ़ा दी है। वार्ड में मरीजों के साथ उनके परिजन भी मौजूद हैं।इस संबंध में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पिथौरा की बीएमओ डॉ. तारा अग्रवाल ने आम जनता से अपील की है कि बरसात के मौसम में थोड़ी सी लापरवाही गंभीर बीमारी का कारण बन सकती है। डॉ. अग्रवाल ने बताया कि गंदा पानी पीने और मच्छरों के काटने से डेंगू, मलेरिया, टाइफाइड और डायरिया जैसी बीमारियां तेजी से फैलती हैं।
बीएमओ डॉ. तारा अग्रवाल ने दीं ये 10 जरूरी सलाह:
1. साफ पानी:* हमेशा उबालकर या फिल्टर किया हुआ साफ पानी ही पिएं। बाहर बिकने वाला खुला शरबत, जूस और बर्फ न पिएं।
2. *साफ भोजन:* बासी, कटा हुआ फल और खुले में रखा खाना खाने से बचें। हमेशा ताजा और अच्छी तरह पका हुआ भोजन ही खाएं।
3. *हाथों की सफाई:* खाना खाने से पहले और शौचालय जाने के बाद साबुन से 20 सेकंड तक हाथ जरूर धोएं।
4. *मच्छर से बचाव:* घर के आसपास पानी जमा न होने दें। कूलर, टंकी, गमलों का पानी हर 3 दिन में बदलें। रात में सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें।
5. *व्यक्तिगत स्वच्छता:* बारिश में भीगने के बाद तुरंत गीले कपड़े बदलें। पैरों को सूखा रखें ताकि फंगल इंफेक्शन न हो।
6. *बुखार पर सतर्कता:* बुखार आने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर जांच कराएं। बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक या पेनकिलर न लें।
7. *उल्टी-दस्त में ORS:* उल्टी-दस्त होने पर ORS का घोल और साफ पानी ज्यादा से ज्यादा पिएं ताकि शरीर में पानी की कमी न हो।
8. *बच्चे-बुजुर्गों का ध्यान:* बच्चों और बुजुर्गों को भीड़-भाड़ वाली जगह ले जाने से बचें। उन्हें पौष्टिक और ताजा भोजन दें।
9. *त्वचा का ख्याल:* नमी के कारण खुजली और फोड़े-फुंसी हो सकते हैं। ऐसे में तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।
10. *पर्यावरण की सफाई:* घर और मोहल्ले में कचरा जमा न होने दें। नालियों की सफाई कराएं।
डॉ. अग्रवाल ने कहा कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पिथौरा में मलेरिया, टाइफाइड वह अन्य की जांच की सुविधा उपलब्ध है। साथ ही सभी आवश्यक दवाइयां भी स्टॉक में हैं। गंभीर मरीजों को जिला अस्पताल रेफर करने की व्यवस्था भी की गई है। स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक भी कर रही है।
उन्होंने अंत में कहा कि "सावधानी ही बचाव है। छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखकर हम मौसमी बीमारियों को हरा सकते हैं।"



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