पेंटिंग से लेकर योग तक, 1337 विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास पर जोर
*महासमुंद संस्कार न्यूज़ गौरव चंद्राकर/* महासमुंद नगर के प्रचलित सीबीएसई स्कूल चंद्रोदय पब्लिक स्कूल में हर शनिवार की तरह इस शनिवार को भी बैगलेस डे मनाया गया। महाप्रभु जगन्नाथ जी की रथ यात्रा के उपलक्ष्य में स्कूल में कक्षावार विभिन्न रचनात्मक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया।
सीबीएसई मान्यता प्राप्त और अंग्रेजी माध्यम में संचालित इस स्कूल में नर्सरी से 12वीं तक कुल 1,337 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। स्कूल जिले में अपने नवाचार और रचनात्मक गतिविधियों के कारण काफी प्रचलित है।
*रथ यात्रा पर विशेष प्रतियोगिताएं*
इस शनिवार बैगलेस डे पर बच्चों के लिए पेंटिंग, आर्ट एंड क्राफ्ट, क्ले आर्ट मॉडलिंग और निबंध लेखन जैसी प्रतियोगिताएं कराई गईं। बच्चों ने जगन्नाथ जी की रथ यात्रा से जुड़े विषयों पर अपनी कला और विचार प्रस्तुत किए।
फिटनेस से शुरू होता है दिन*
स्कूल के प्राचार्य नवीन कुमार ने बताया कि बैगलेस डे पर बच्चों के स्वास्थ्य और होलिस्टिक डेवलपमेंट पर विशेष ध्यान दिया जाता है।
दिन की शुरुआत फिटनेस एक्सरसाइज, जुंबा, योग और पीटी से होती है। इसमें बच्चे बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं और खूब एंजॉय करते हैं। इसका संचालन शिक्षक भीष्म सर, घनेंद्र सर और झरना मैडम द्वारा किया जाता है।
इसके बाद म्यूजिक कॉयर द्वारा सामुदायिक गीत और स्पिरिचुअल सॉन्ग गाए जाते हैं। म्यूजिक शिक्षक अमान्नू सर के निर्देशन में होने वाला यह सत्र बच्चों को आध्यात्मिक रूप से जोड़ता है।
*सीए और स्पोर्ट्स में भी धूम*
सी.सी.ए कालखंड में इंटरहाउस प्रतियोगिता होती है जिसमें सिंग, डांस, ड्रामा, जर्नलिज्म, फाइनेंशियल अवेयरनेस, आंत्रप्रेन्योरशिप, पॉडकास्टिंग, फायरलेस कुकिंग, कैलीग्राफी, गार्डनिंग जैसी 20 से ज्यादा स्किल डेवलपमेंट एक्टिविटी कराई जाती हैं।
इसका संचालन को-करिकुलर कॉर्डिनेटर ज्योति मैडम, नेहा मैडम, जनिता मैडम और अमान्नू सर करते हैं।
खेल के क्षेत्र में क्रिकेट, फुटबॉल, वॉलीबॉल, बैडमिंटन, एथलेटिक्स जैसी प्रतियोगिताएं भी होती हैं। इन सभी गतिविधियों का संचालन स्कूल के खेल शिक्षक भीष्म सर, घनेंद्र सर एवं झरना मैडम के मार्गदर्शन में किया जाता है।
*क्लब और व्यक्तित्व विकास*
प्राचार्य नवीन कुमार ने कहा, "एकेडमिक के साथ इन गतिविधियों से बच्चों में आत्मविश्वास, रचनात्मकता, डिसीजन मेकिंग और पर्सनेलिटी डेवलपमेंट होता है। यह बदलते परिवेश में भावी पीढ़ी को तैयार करने के लिए अत्यंत जरूरी है।"
स्कूल में इको क्लब, एथिक्स क्लब, साइबर क्लब, साइंस क्लब, स्काउट-गाइड, रेड क्रॉस, इंग्लिश क्लब, हिंदी क्लब जैसे कई क्लब संचालित हैं, जहां बच्चे अपनी रुचि के अनुसार नए स्किल्स सीखते हैं और उन्हें प्रदर्शित करने का मौका भी पाते हैं।
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2026-07-19T08:07:34+05:30






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