_निजी तालाब में जहर डालकर हजारों मछलियां मारने का आरोप, ग्रामीणों में था भारी आक्रोश_
*पिथौरा संस्कार न्यूज़ गौरव चंद्राकर।* ग्राम पंचायत नवागांव अंतर्गत *ग्राम केसरीपुर* में करीब डेढ़ माह पहले हुए चर्चित *मछली कांड* मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी *वीरेन नायक* ने अंततः सांकरा थाना पहुंचकर सरेंडर कर दिया। सरेंडर के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।
*क्या है पूरा मामला*
प्राप्त जानकारी के अनुसार केसरीपुर गांव के एक निजी तालाब में अज्ञात लोगों द्वारा कथित रूप से जहर डाल दिया गया था। इसके चलते तालाब में मौजूद *हजारों मछलियों के साथ अन्य जलीय जीवों की भी मौत* हो गई थी। सुबह जब ग्रामीण तालाब पहुंचे तो पानी में मरी हुई मछलियां तैरती देखकर उनके होश उड़ गए।
घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीणों ने पुलिस को खबर दी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों का आरोप था कि तालाब को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से साजिश के तहत यह कृत्य किया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सांकरा पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की थी।
*डेढ़ माह तक चलती रही तलाश*
पुलिस विवेचना के दौरान सामने आया कि इस घटना में ग्राम केसरीपुर निवासी *वीरेन नायक* मुख्य आरोपी है। इसके बाद से पुलिस लगातार आरोपी की तलाश कर रही थी। लेकिन आरोपी वीरेन नायक पुलिस की पकड़ से बाहर रहा और डेढ़ माह तक फरार रहा।
थाने पहुंचकर किया सरेंडर*
लंबे समय तक फरार रहने के बाद आखिरकार आरोपी वीरेन नायक ने *सांकरा थाना* पहुंचकर स्वयं सरेंडर कर दिया। थाना प्रभारी ने बताया कि सरेंडर के बाद आरोपी से पूछताछ की गई और आवश्यक वैधानिक कार्रवाई पूर्ण की गई। बुधवार को आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे *न्यायिक रिमांड पर जेल* भेज दिया गया है।
जांच जारी, अन्य की भूमिका खंगाल रही पुलिस*
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी के सरेंडर के बाद मामले की आगे की जांच की जा रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस घटना में *किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता* तो नहीं है। तालाब में जहर कैसे डाला गया और इसके पीछे क्या मंशा थी, इन सभी बिंदुओं पर बारीकी से जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
घटना के बाद से गांव में मछली पालकों और ग्रामीणों में काफी आक्रोश था। अब आरोपी की गिरफ्तारी से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है और पुलिस से मांग की है कि मामले में शामिल अन्य लोगों को भी जल्द गिरफ्तार किया जाए।
पर्यावरण को हुआ नुकसान*
केसरीपुर तालाब में जहर डालने से न सिर्फ हजारों मछलियां मरीं, बल्कि तालाब का पूरा इको सिस्टम प्रभावित हुआ। मछली पालन पर निर्भर परिवारों को आर्थिक नुकसान भी हुआ है। वन विभाग और मत्स्य विभाग की टीम ने भी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया था।

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