नवोदय, प्रयास, एकलव्य में चयन के लिए गांव के बच्चों को मिलेगा स्कूल में ही विशेष कोचिंग - sanskar.live

Hot




जुलाई 21, 2026

नवोदय, प्रयास, एकलव्य में चयन के लिए गांव के बच्चों को मिलेगा स्कूल में ही विशेष कोचिंग

 जोन गढ़फुलझर में ‘लक्ष्य महासमुंद’ प्रशिक्षण सह कार्यशाला संपन्न




बसना गढ़फुलझर संस्कार न्यूज़ गौरव चंद्राकर*/  जिला प्रशासन महासमुंद, शिक्षा विभाग एवं समग्र शिक्षा के संयुक्त तत्वावधान में संचालित महत्वाकांक्षी लक्ष्य महासमुंद’ अभियान के अंतर्गत गुरुवार को जोन गढ़फुलझर में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गढ़फुलझर में एक दिवसीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन किया गया।

इस अभियान का उद्देश्य शासकीय विद्यालयों में अध्ययनरत कक्षा 5वीं एवं 8वीं* के विद्यार्थियों को विद्यालय समय में ही जवाहर नवोदय विद्यालय, प्रयास आवासीय विद्यालय, एकलव्य विद्यालय एवं सैनिक विद्यालय जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं की प्रवेश परीक्षाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन एवं तैयारी उपलब्ध कराना है।

प्राचार्य सुरेश कुमार पटेल कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए विद्यालय के प्राचार्य सुरेश कुमार पटेल ने कहा,  

_"‘लक्ष्य महासमुंद’ अभियान विद्यार्थियों की प्रतिभा को सही दिशा देने वाला अभिनव प्रयास है। अब तक आर्थिक कारणों से ग्रामीण व शहरी अंचल के बच्चों कोचिंग नहीं मिल पाती थी। इस अभियान से उन्हें भी प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में सफलता के समान अवसर प्राप्त होंगे। हमारा प्रयास है कि इस वर्ष गढ़फुलझर जोन से अधिक से अधिक बच्चों का चयन हो।"_

संकुल समन्वयक आरिफ बेग

 अंकोरी के संकुल समन्वयक आरिफ बेग ने अभियान की रूपरेखा, प्रशिक्षण की कार्ययोजना एवं प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तार से जानकारी देते हुए कहा,  

_"इस अभियान को सफल बनाने के लिए शिक्षकों को नियमित अभ्यास कराना होगा, सतत मूल्यांकन करना होगा और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण सुनिश्चित करना होगा। हर माह टेस्ट लेकर परिणाम का विश्लेषण करें और कमजोर बच्चों पर विशेष मेहनत करें। तभी हम लक्ष्य हासिल कर पाएंगे।"_

संकुल समन्वयक अरुण कुमार प्रधान 

गढ़फुलझर के संकुल समन्वयक अरुण कुमार प्रधान ने विद्यार्थियों की अधिगम आवश्यकताओं के अनुरूप शिक्षण पर जोर देते हुए कहा,  

_"हमें बच्चों को रटाने के बजाय समझाकर पढ़ाना है। मासिक मूल्यांकन के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षा आधारित तैयारी की रणनीतियां अपनानी होंगी। प्रश्न-पत्र का पैटर्न समझाकर, समय प्रबंधन सिखाकर हम बच्चों को परीक्षा के लिए तैयार कर सकते हैं।"_

डीआरजी प्रेमचंद साव*  

 ने गणित एवं विज्ञान विषय के प्रभावी अध्यापन पर मार्गदर्शन देते हुए कहा,  

_"गणित और विज्ञान में गतिविधि आधारित शिक्षण, तार्किक चिंतन और समस्या समाधान कौशल सबसे जरूरी है। नवाचार आधारित शिक्षण पद्धतियों से पढ़ाने पर बच्चों की समझ बेहतर होगी। यदि हम विद्यालय समय में ही प्रतियोगी परीक्षाओं की व्यवस्थित तैयारी कराएंगे तो विद्यार्थियों का आत्मविश्वास बढ़ेगा और चयन की संभावनाएँ मजबूत होंगी।"_

बीआरजी मुकेश कुमार साहू   

ने कहा, शिक्षक ही इस अभियान के असली योद्धा हैं। आपको कक्षा में सीखने-सिखाने की नई पद्धतियां अपनानी होंगी। बच्चों में प्रतिस्पर्धात्मक भावना विकसित करें ताकि वे खुद आगे बढ़कर तैयारी करें।"_

बीआरजी सूरत हाथी*  

 ने कहा, नियमित अभ्यास और मासिक परीक्षा के बिना सफलता संभव नहीं है। हर शिक्षक अपने विषय की जिम्मेदारी ले और बच्चों को टारगेट देकर तैयारी कराए।"_

बीआरजी जौशिक सामल  

 ने कहा,प्रश्न-पत्र विश्लेषण बहुत जरूरी है। पिछले वर्षों के पेपर देखकर बच्चों को पैटर्न समझाएं। स्टडी मटेरियल का सही उपयोग करें और हर बच्चे पर व्यक्तिगत ध्यान दें।"_

एफएलएन नोडल शरण कुमार दास* 

 ने कहा, "बुनियाद मजबूत होगी तभी बिल्डिंग ऊंची जाएगी। कक्षा 5वीं-8वीं की बेसिक कॉन्सेप्ट क्लियर कराएंगे तो नवोदय-प्रयास की तैयारी आसान हो जाएगी। गुणवत्तापूर्ण शिक्षण ही हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए।"_

*शिक्षकों ने लिया संकल्प*

कार्यशाला में जोन गढ़फुलझर के प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। प्रशिक्षण के दौरान विषयवार शिक्षण रणनीतियों, प्रवेश परीक्षा के स्वरूप, प्रश्न-पत्र विश्लेषण, अध्ययन सामग्री तथा मासिक मूल्यांकन की प्रक्रिया पर विस्तृत चर्चा की गई।

कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने संकल्प लिया कि _‘लक्ष्य महासमुंद’_ अभियान के उद्देश्यों को सफल बनाते हुए अधिकाधिक विद्यार्थियों का चयन नवोदय, प्रयास, एकलव्य एवं अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों में सुनिश्चित करने के लिए समर्पित भाव से कार्य करेंगे।

Post Top Ad

ad inner footer ad inner footer ad inner footer ad inner footer ad inner footer ad inner footer ad inner footer ad inner footer