बागबाहरा संस्कार न्यूज़ गौरव चंद्राकर/खल्लारी विधानसभा क्षेत्र की वरिष्ठ भाजपा नेत्री श्रीमती अल्का चंद्राकर (स्वतन्त्र निदेशक इस्पात मंत्रालय भारत सरकार) ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ प्रदेश में अवैध धर्मांतरण के खिलाफ प्रदेश की विष्णुदेव साय सरकार द्वारा "छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक" को विधानसभा में पारित किया जाना ऐतिहासिक कदम है। जिससे छत्तीसगढ़ प्रदेश की सभ्यता एवं संस्कृति की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
श्रीमती अल्का चंद्राकर ने बताया कि प्रदेश की भाजपा सरकार द्वारा सुशासन के संकल्प से धर्म संस्कृति के संरक्षण एवं सम्मान को ध्यान में रखकर ही धर्मांतरण के खिलाफ कठोर कानून लायी गयी है। अब किसी भी व्यक्ति का छल,बल ,लालच या डिजिटल माध्यम से धर्म परिवर्तन कराना, गैर जमानती अपराध की श्रेणी में आएगी। जिसके विरुद्ध कठोर कार्यवाही करते हुए 7 वर्ष से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान की गयी है। तथा 5 लाख से 30 लाख रुपये तक के अर्थदण्ड देने की दंडात्मक प्रावधान भी की गयी है। साथ ही त्वरित न्याय के लिए जिले में विशेष न्यायालय का गठन की जाएगी। पीड़ितों के लिए विशेष लोक अभियोजक की नियुक्ति किए जाएंगे और दोषी को पीड़ित व्यक्ति को आर्थिक मुआवजा (प्रतिकर) देने की व्यवस्था किए गए हैं। इस नए कानून के अंतर्गत किसी व्यक्ति के द्वारा अपने मूल या पैतृक धर्म में पुनः वापसी करते हैं तो उसे धर्मांतरण नहीं मानी जाएगी।
श्रीमती चंद्राकर ने कांग्रेस पार्टी को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि विधानसभा में छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक पर हुई चर्चा का कांग्रेसी विधायकों द्वारा बहिष्कार किया जाना , बहुत ही निंदनीय है। कांग्रेस नहीं चाहती कि धर्मांतरण कराने वाले लोगों पर कोई भी कानूनी कार्रवाई हो। तत्कालीन कांग्रेस सरकार के दौरान छत्तीसगढ़ प्रदेश में धर्मांतरण के मामले अपने चरम पर थे तथा धर्मांतरण कराने वाले लोगों को कांग्रेस सरकार का खुला संरक्षण प्राप्त थी ।
लेकिन अब भाजपा सरकार द्वारा नए कानून लाने के बाद छत्तीसगढ़ प्रदेश में धर्मांतरण कराने वाले लोगों की खैर नहीं होगी। श्रीमती अल्का चंद्राकर ने छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक पारित होने पर प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार प्रकट किये हैं।
___________________________________

.jpeg)